नई दिल्ली. शनिवार की वो शाम कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर हर क्रिकेट प्रेमी के लिए एक डरावना मंजर लेकर आई. जब दुधिया रोशनी के बीच गुजरात टाइटंस के युवा और भरोसेमंद ओपनर साई सुदर्शन मैदान पर उतरे, तो उनके कंधों पर एक पहाड़ जैसा लक्ष्य था. कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए रनों का ऐसा एवरेस्ट खड़ा कर दिया था, जिसे पार करने के लिए गुजरात को एक चमत्कार की जरूरत थी.लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जिस बल्लेबाज से गुजरात को सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं, वह रनों के तूफान से पहले खुद दर्द के एक ऐसे बवंडर में फंस गया जिसने पूरे स्टेडियम को सन्न कर दिया.
गुजरात टाइटंस की पारी का तीसरा ओवर चल रहा था. कोलकाता की ओर से युवा तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी पूरी रफ्तार के साथ गेंदबाजी कर रहे थे. ओवर की आखिरी गेंद (2.6 ओवर) पर जो हुआ, उसने गुजरात टाइटंस के खेमे की धड़कनें रोक दीं. कार्तिक त्यागी ने 138 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एक तीखी, लेग-लाइन पर शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी. साई सुदर्शन ने गेंद की लंबाई को भांपते हुए उस पर पुल शॉट खेलने के लिए खुद को थोड़ा झुकाया. लेकिन, यहां रफ्तार और टाइमिंग का एक ऐसा जानलेवा तालमेल बिगड़ा जो अक्सर बल्लेबाजों के लिए बुरा सपना साबित होता है. सुदर्शन शॉट खेलने में थोड़ा जल्दी कर गए. वह गेंद की गति से पूरी तरह बीट हुए और लेदर की वह सख्त गेंद सीधे जाकर उनके बाएं हाथ की कोहनी पर लगी. गेंद इतनी तेजी से लगी कि सुदर्शन के हाथ से उनका बल्ला छूट गया.
साई सुदर्शन चोटिल होकर रिटायर्ड हुए.
दर्द की पराकाष्ठा और वो जुझारू सिंगल
कोहनी पर गेंद लगते ही सुदर्शन के चेहरे पर असहनीय दर्द के भाव उभर आए. लेकिन खेल के प्रति उनका समर्पण देखिए, उस भीषण दर्द में भी उन्हें अपनी टीम के एक-एक रन की कीमत पता थी. वह मैदान पर गिरे, लेकिन तुरंत उठ खड़े हुए. लड़खड़ाते हुए, दर्द से कराहते हुए उन्होंने किसी तरह दौड़कर सिंगल पूरा किया. गेंद लेग बाई के रूप में बैकवर्ड स्क्वायर लेग की तरफ गई थी.
जैसे ही सुदर्शन ने नॉन-स्ट्राइकर एंड पर अपनी क्रीज छुई, उनका शरीर उस भयानक दर्द को और नहीं संभाल सका.वह वहीं मैदान पर गिर पड़े. उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत अपने ग्लव्स उतारे. उनके चेहरे पर छाई बेबसी और दर्द की लकीरें साफ बता रही थीं कि चोट बेहद गंभीर है. मैच का रोमांच पल भर में एक सन्नाटे में बदल गया. गुजरात का डगआउट स्तब्ध था और स्टैंड्स में बैठे फैंस की सांसें अटक चुकी थीं.
मैदान पर पसरा सन्नाटा और रिटायर हर्ट का फैसला
सुदर्शन को मैदान पर गिरते देख गुजरात टाइटंस के फिजियो तुरंत बर्फ की थैली (आइस पैक) लेकर मैदान की तरफ दौड़े. मैदान पर ही सुदर्शन की कोहनी का प्राथमिक उपचार शुरू हुआ. आइस पैक लगाया गया, लेकिन सुदर्शन का हाथ हिलाना भी मुश्किल लग रहा था. दर्द इतना गहरा था कि आगे बल्लेबाजी करना नामुमकिन था. आखिरकार, भारी मन से सुदर्शन को ‘रिटायर हर्ट’ होकर मैदान से बाहर जाने का फैसला करना पड़ा.
जब वह लड़खड़ाते कदमों से मैदान से बाहर जा रहे थे, तो पूरा स्टेडियम उनके इस जज्बे को सलाम कर रहा था. हालांकि, बाउंड्री लाइन के पास इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर पूरी तरह तैयार खड़े थे और सबको लगा कि वही मैदान पर आएंगे, लेकिन रणनीति के तहत युवा निशांत सिंधु को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया. सुदर्शन का इस तरह घायल होकर बाहर जाना गुजरात के लिए एक ऐसा गहरा जख्म था, जिसकी भरपाई मैच में करना लगभग नामुमकिन था.
कोलकाता का रनों का पहाड़ और टूटी उम्मीदें
इस चोट से पहले, कहानी पूरी तरह से कोलकाता नाइट राइडर्स के दबदबे की थी. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता की टीम ने गुजरात के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी थीं. कोलकाता के सलामी बल्लेबाज फिन एलन ने मैदान पर ऐसा कोहराम मचाया जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. एलन ने महज 35 गेंदों का सामना करते हुए 93 रनों की बेहद आक्रामक पारी खेली. यह कोलकाता का इस सीजन का सबसे बड़ा स्कोर (247/2) बनाने की नींव थी. दिलचस्प बात यह है कि एलन को गुजरात के खराब क्षेत्ररक्षण का फायदा मिला. उन्हें 14 और 33 रन के निजी स्कोर पर दो जीवनदान मिले, जिसका खामियाजा गुजरात को भुगतना पड़ा. एलन ने अपनी पारी में 10 गगनचुंबी छक्के और 4 चौके लगाए। यानी उनके 93 रनों में से 86 रन सिर्फ बाउंड्री से आए. एलन के आउट होने के बाद भी गुजरात को कोई राहत नहीं मिली. अंगकृष रघुवंशी और कैमरन ग्रीन ने तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 53 गेंदों में 108 रनों की नाबाद और तूफानी साझेदारी करके गुजरात को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया. रघुवंशी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 82 रन बनाए, जबकि कैमरन ग्रीन ने भी 52 रनों की नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली.
खराब फील्डिंग और बदकिस्मती का डबल अटैक
गुजरात टाइटंस के लिए यह शनिवार का दिन किसी बुरे सपने जैसा रहा. उन्होंने मैदान पर कुल चार कैच टपकाए. फिन एलन के दो कैचों के अलावा, वाशिंगटन सुंदर ने 52 रन पर रघुवंशी का कैच छोड़ा, जबकि अरशद खान ने राशिद खान की गेंद पर 23 रन के स्कोर पर कैच छोड़कर ग्रीन को जीवनदान दिया.


