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दुनिया का वो खूंखार गेंदबाज…जिसने किए 4000 से ज्यादा शिकार, 9 दशक बाद भी कोई नहीं कर सका ऐसा

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नई दिल्ली. क्रिकेट का इतिहास केवल रनों और चौकों-छक्कों की कहानियों से नहीं बना है. इसकी असली नींव उन गेंदबाजों ने रखी है, जिन्होंने दशकों तक अपनी उंगलियों के जादू और अपनी कलाई की सटीकता से बल्लेबाजों को नचाया. अगर हम फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के आंकड़ों की गहराई में उतरें, तो हमें पांच ऐसे खूंखार गेंदबाज मिलते हैं, जिन्होंने गेंदबाजी की परिभाषा ही बदल दी. ये पांच नाम केवल आंकड़ों में नहीं हैं, बल्कि ये एक युग का गौरव हैं.

इस कहानी की शुरुआत होती है विलफ्रेड रोड्स नाम से, जिसने गेंदबाजी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. 1898 से 1930 तक यानी 32 वर्षों तक रोड्स ने क्रिकेट के मैदान को अपनी कर्मभूमि बनाया. उन्होंने कुल 1110 मैच खेले, जो अपने आप में एक अविश्वसनीय रिकॉर्ड है. इन मैचों के दौरान उन्होंने 1,85,742 गेंदें फेंकीं और 70,322 रन खर्च करके कुल 4204 विकेट चटकाए. उनका प्रदर्शन इतना घातक था कि उन्होंने 16.72 की औसत से विकेट लिए. जब हम रोड्स के बारे में सोचते हैं, तो हमें एक ऐसे खिलाड़ी की कल्पना करनी चाहिए जिसने 1110 बार मैदान में उतरने का साहस दिखाया. उनके 4204 विकेट आज भी फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में एक ऐसा शिखर हैं, जिसे छूना अब नामुमकिन सा लगता है.

स्पिनर विल्फ्रेड रोड्स के नाम 4204 विकेट दर्ज हैं.

फ्रीमैन कम मैचों में भी अपनी धाक जमाई
इसके बाद आता है एक ऐसा नाम जो अपनी मारक क्षमता के लिए जाना जाता है एपी. फ्रीमैन (AP Freeman). 1914 से 1936 के बीच सक्रिय रहे फ्रीमैन ने कम मैचों में भी अपनी धाक जमा दी. उन्होंने 592 मैचों में 3776 विकेट लिए. फ्रीमैन की खासियत उनकी निरंतरता थी. उन्होंने 1,54,658 गेंदें फेंकीं और एक पारी में 10 विकेट लेने का कारनामा भी किया (10/53). यह दिखाता है कि कैसे एक गेंदबाज अकेले दम पर मैच का रुख मोड़ सकता है. उनका औसत 18.42 और स्ट्राइक रेट 40.9 था, जो उस दौर के हिसाब से उन्हें एक खूंखार शिकारी बनाता है.

सीडब्ल्यूएल. पार्कर ने स्पिन कला से निकाले 3278 विकेट
इस लिस्ट में अगला नाम सीडब्ल्यूएल. पार्कर (CWL Parker) का है, जिन्होंने 1903 से 1935 के बीच अपनी स्पिन कला का प्रदर्शन किया. 635 मैचों के करियर में पार्कर ने 3278 विकेट झटके. उन्होंने लगभग 1,57,059 गेंदें फेंकीं. पार्कर का 10/79 का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आज भी उस युग के गेंदबाजों की सटीकता को बयां करता है. वे निरंतरता के प्रतीक थे, जिन्होंने 19.46 की औसत से बल्लेबाजी की कमर तोड़कर रख दी थी.

जेटी. हर्न के नाम रहे 3061 विकेट
1888 से 1923 के बीच क्रिकेट खेलने वाले जेटी. हर्न (JT Hearne) उन शुरुआती दिग्गजों में से एक थे जिन्होंने गेंदबाजी के मानकों को स्थापित किया. 639 मैचों में 3061 विकेट लेना कोई छोटी उपलब्धि नहीं थी. उन्होंने 1,44,470 गेंदें फेंकीं. हर्न का 9/32 का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इस बात का गवाह है कि वे विपक्षी टीम के लिए कितने घातक साबित होते थे. 17.75 की औसत के साथ, हर्न ने साबित किया कि वे उस दौर के सबसे किफायती और प्रभावी गेंदबाजों में से एक थे.

गोडार्ड ने 593 मैचों में 2979 विकेट लिए
हम टीडब्ल्यूजे. गोडार्ड (TWJ Goddard) को कैसे भूल सकते हैं, जिन्होंने 1922 से 1952 तक अपनी छाप छोड़ी. गोडार्ड ने 593 मैचों में 2979 विकेट लिए. उन्होंने 1,42,211 गेंदों का सामना बल्लेबाजों को कराया और 10/113 का बेहतरीन स्पेल भी दिया. उनका करियर क्रिकेट के उस बदलाव के दौर का हिस्सा था, जहां से खेल और अधिक प्रतिस्पर्धी होता गया. 19.84 की औसत के साथ गोडार्ड एक ऐसे गेंदबाज थे जिन पर कप्तान हमेशा भरोसा कर सकते थे. इन पांचों दिग्गजों की कहानी केवल विकेटों की गिनती नहीं है. यह उस दौर की कहानी है जब क्रिकेट को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक कला माना जाता था.

इन गेंदबाजों ने कुल मिलाकर लाखों गेंदें फेंकीं, हजारों दिन धूप में बिताए और अपनी फिटनेस तथा कौशल का ऐसा लोहा मनवाया, जो आज के खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा है. आज जब हम आधुनिक क्रिकेट को देखते हैं, तो ये आंकड़े हमें याद दिलाते हैं कि जो नींव इन खिलाड़ियों ने रखी थी, उसी के दम पर आज का क्रिकेट इतना समृद्ध है. ये पांच खिलाड़ी फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के अमर स्तंभ हैं, जिनकी गेंदबाजी की गूंज आज भी क्रिकेट के गलियारों में सुनाई देती है.



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