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पहली बार CDS अनिल चौहान का ब्रिटेन दौरा, हथियारों के ज्‍वाइंट प्रोडक्‍शन का बड़ा प्‍लान

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पहली बार CDS का ब्रिटेन दौरा, हथियारों के ज्‍वाइंट प्रोडक्‍शन का बड़ा प्‍लान

Agency:एजेंसियां

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भारत और ब्रिटेन की कूटनीतिक और सैन्य दोस्ती अब एक नया इतिहास रचने जा रही है. देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान पहली बार ब्रिटेन के ऐतिहासिक दौरे पर पहुंचे हैं. यह पहला मौका है जब कोई भारतीय सीडीएस ‘ऑफिशियल टूर’ पर लंदन गया है. मकसद खास है.

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सीडीएस अनिल चौहान

भारत और ब्रिटेन की रक्षा साझेदारी अब एक नए और बेहद मजबूत मुकाम पर पहुंचने जा रही है. देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान 19 अप्रैल से ब्रिटेन के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं. यह दौरा इसलिए बेहद खास है क्योंकि इतिहास में यह पहली बार है, जब कोई भारतीय सीडीएस आधिकारिक हैसियत से ब्रिटेन पहुंचा है. इस यात्रा को दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है.

अपने इस ऐतिहासिक दौरे पर जनरल चौहान की मुलाकात ब्रिटेन के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ रिचर्ड नाइटन से होगी. इसके अलावा वह ब्रिटेन के शीर्ष सैन्य व नागरिक अधिकारियों के साथ-साथ वहां की डिफेंस इंडस्ट्री (रक्षा कंपनियों) के नुमाइंदों से भी सीधी बात करेंगे. इस दौरान दोनों देशों के बीच जॉइंट ट्रेनिंग, मिलिट्री ऑपरेशंस और रक्षा उद्योग में साझेदारी बढ़ाने पर गंभीर चर्चा होगी. सबसे ज्यादा जोर हथियारों के ‘को-प्रोडक्शन’ (साझा निर्माण) और तकनीक साझा करने पर रहेगा.

अपने इस कार्यक्रम के तहत भारतीय सीडीएस ‘रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज’ का भी दौरा करेंगे. यहां वह दुनिया भर से आए सैन्य छात्रों के साथ बातचीत करेंगे, जिसका मकसद आज की वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है. इस साल दोनों देशों के बीच लगातार उच्च स्तरीय सैन्य बातचीत हो रही है. इससे पहले मार्च के महीने में ही ब्रिटेन के वायु सेना प्रमुख हार्व स्मिथ ने भी भारत का दौरा किया था.

ब्रिटेन ने बताया ऐत‍िहास‍िक पल

भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने इस दौरे को द्विपक्षीय रक्षा संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक पल बताया है. उन्होंने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच कायम भरोसे और महत्वाकांक्षा को दर्शाता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश मिलकर एक स्वतंत्र और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए काम कर रहे हैं. साथ ही, रक्षा उद्योग और रणनीतिक डायलॉग में भी सहयोग लगातार बढ़ रहा है.

वहीं, ब्रिटिश उच्चायोग में रक्षा सलाहकार कमोडोर क्रिस सॉन्डर्स का कहना है कि यह यात्रा हमारे रक्षा संबंधों में हुई जबरदस्त प्रगति की गवाही देती है. उन्होंने कहा कि दोनों देश अब रक्षा क्षेत्र को ‘विकास के इंजन’ के रूप में देखते हैं. ब्रिटेन हथियारों के निर्माण में भारत के ‘आत्मनिर्भर’ बनने के लक्ष्य का पूरी तरह से समर्थन कर रहा है और दोनों देश सैन्य स्तर पर आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए नए रास्ते तलाश रहे हैं.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें



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