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प्रयागराज से बांदा तक ‘आग’ उगल रहा आसमान, 45 डिग्री पहुंचा पारा, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

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UP Aaj Ka Mausam Live: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी ने अब अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है और स्थिति यह है कि अप्रैल के महीने में ही जून जैसी तपिश महसूस होने लगी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 अप्रैल के लिए उत्तर प्रदेश के एक बड़े हिस्से में भीषण गर्मी और ‘उष्ण लहर’ यानी लू (Heatwave) का रेड अलर्ट जारी किया है. सूरज की सीधी किरणें और राजस्थान की ओर से आ रही गर्म पछुआ हवाओं ने मैदानी इलाकों को भट्टी की तरह तपा दिया है. मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है और अगले 24 से 48 घंटों में इसके 45 डिग्री के भी ऊपर जाने की प्रबल संभावना है. आसमान से बरसती आग और झुलसाने वाली हवाओं के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, खासकर दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है.

मौसम वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि वर्तमान में किसी भी तरह के पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय न होने और पछुआ हवाओं के हावी होने के कारण वातावरण में नमी पूरी तरह खत्म हो गई है. मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एसएन सुनील पांडे के अनुसार, कानपुर मंडल और उसके आसपास के जिलों में 20 से 24 अप्रैल के बीच तापमान में ऐतिहासिक वृद्धि देखी जा सकती है. इस हफ्ते की शुरुआत में ही पारा 41 से 43 डिग्री के बीच झूल रहा है, जो सामान्य से 5 डिग्री तक अधिक है. आंतरिक महाराष्ट्र के ऊपर बने एक शक्तिशाली प्रतिचक्रवात (Anti-Cyclonic System) ने उत्तर प्रदेश की ओर गर्म हवाओं को धकेलना शुरू कर दिया है, जिससे राहत की कोई उम्मीद फिलहाल नजर नहीं आ रही है. मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि तराई के कुछ इलाकों को छोड़कर पूरे प्रदेश में लू का सितम जारी रहेगा और रातें भी अब ‘उष्ण रात्रि’ की श्रेणी में आने वाली हैं.

प्रयागराज से बांदा तक पारा 44.6 डिग्री के पार, लू का सितम
उत्तर प्रदेश में इस वक्त सबसे बुरा हाल संगम नगरी प्रयागराज और बुंदेलखंड के जिलों का है. शनिवार को बांदा पूरे प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं प्रयागराज में पारा 44.4 डिग्री तक जा पहुंचा है. मौसम विभाग के अनुसार, 20 अप्रैल को बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज और प्रतापगढ़ में भीषण लू चलने की संभावना है. यहां दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं शरीर को झुलसा देने वाली हैं. इन जिलों में प्रशासन ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने और दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है.

वाराणसी और पूर्वांचल: आसमान से बरस रही आग, अलर्ट पर कई जिले
धर्मनगरी वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में सूरज के तेवर तल्ख बने हुए हैं. मौसम विज्ञान विभाग के लखनऊ केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी, सुल्तानपुर, जौनपुर, गाजीपुर और मिर्जापुर में तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला गया है. 20 अप्रैल को वाराणसी और आसपास के इलाकों में 15 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलने का अनुमान है. यहां न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री के ऊपर बना हुआ है, जिससे रात में भी बेचैनी महसूस हो रही है. पूर्वांचल के किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को बचाने के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई जरूर करें.

लखनऊ और मध्य यूपी: पारा 42 डिग्री के करीब, उमस ने बढ़ाई परेशानी
राजधानी लखनऊ और कानपुर में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है. लखनऊ में शनिवार को पारा 41.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 अप्रैल को लखनऊ में आसमान बिल्कुल साफ रहेगा और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. कानपुर मंडल में भी 20 से 24 अप्रैल के बीच तापमान 43 डिग्री के स्तर को छू सकता है. पछुआ हवाओं के कारण हवा में नमी का स्तर गिर गया है, जिससे त्वचा में जलन और डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ रही है.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश: आगरा और मेरठ में ‘हीटवेव’ का अलर्ट, रातें भी हुईं गर्म
वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा और मेरठ मंडल में भी गर्मी का प्रकोप कम नहीं है. ताजनगरी आगरा में पारा 43 डिग्री के ऊपर बना हुआ है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और बिजनौर जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में 20 अप्रैल को ‘उष्ण रात्रि’ की स्थिति बनी रहेगी, यानी रात का तापमान भी सामान्य से काफी अधिक रहेगा. इटावा और आसपास के इलाकों में 10 से 15 किमी की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, लेकिन बारिश की दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं है. 23 अप्रैल के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, लेकिन उसका मैदानी इलाकों पर क्या असर होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है.

आगामी 7 दिनों का पूर्वानुमान: राहत नहीं, सिर्फ तपन
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 20 अप्रैल से लेकर 26 अप्रैल तक पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा.

  • 21-22 अप्रैल: पारा 41 से 42 डिग्री के बीच रहेगा, लू का असर जारी रहेगा.
  • 23-24 अप्रैल: तापमान में 1 से 2 डिग्री की और वृद्धि हो सकती है, जिससे पारा 43-44 डिग्री तक जा सकता है.
  • बारिश की स्थिति: अगले एक हफ्ते तक पूरे प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है. आसमान ज्यादातर साफ रहेगा, हालांकि बीच-बीच में हल्के बादल दिखाई दे सकते हैं जो सिर्फ उमस बढ़ाएंगे.

मौसम विभाग की जरूरी सलाह (Health Advisory)

भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए IMD और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निम्नलिखित उपाय सुझाए हैं:

  • हाइड्रेटेड रहें प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें. ओआरएस, लस्सी, नींबू पानी और छाछ का सेवन करें.
  • बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें. सिर को तौलिया, टोपी या छाते से ढककर रखें.
  • खान-पान हल्का और सुपाच्य भोजन करें. अधिक प्रोटीन वाले और बासी भोजन से बचें.
  • किसानों के लिए फसलों में नमी बनाए रखने के लिए शाम या रात के समय सिंचाई करें ताकि पौधों को गर्मी से बचाया जा सके.

20 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के किन जिलों में लू का रेड अलर्ट है?
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिणी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर और वाराणसी में भीषण लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है. यहाँ पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.

उत्तर प्रदेश में इस अचानक बढ़ती गर्मी और लू का मुख्य कारण क्या है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राजस्थान की ओर से आ रही शुष्क और गर्म ‘पछुआ हवाओं’ के साथ-साथ आंतरिक महाराष्ट्र के ऊपर बने एक ‘प्रतिचक्रवात’ की वजह से उत्तर प्रदेश के तापमान में भारी बढ़ोतरी हो रही है. वर्तमान में कोई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय न होने के कारण बारिश की भी संभावना नहीं है.

क्या लखनऊ और कानपुर जैसे मध्य यूपी के शहरों में भी पारा 40 डिग्री के पार जाएगा?
हां, मौसम विभाग के अनुसार राजधानी लखनऊ और कानपुर में तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. पछुआ हवाओं के असर से इन शहरों में उमस और तपिश काफी ज्यादा महसूस होगी.

’उष्ण रात्रि’ या ‘Warm Night’ का क्या मतलब है और ये किन शहरों में देखी जाएगी?
जब न्यूनतम तापमान (रात का तापमान) सामान्य से काफी अधिक हो जाता है, तो उसे ‘उष्ण रात्रि’ कहा जाता है. IMD ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और मेरठ जैसे इलाकों में 20 अप्रैल को रात के समय भी अधिक गर्मी रहने की चेतावनी दी है.

क्या आने वाले 4-5 दिनों में उत्तर प्रदेश में कहीं भी बारिश की संभावना है?
मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, अगले 7 दिनों तक उत्तर प्रदेश के दोनों संभागों (पूर्वी और पश्चिमी) में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा. बारिश की कोई संभावना नहीं है, हालांकि 23 अप्रैल के बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर केवल हिमालयी क्षेत्रों तक सीमित रह सकता है.

लू से बचने के लिए मौसम विभाग ने क्या विशेष सावधानियां बरतने को कहा है?
IMD ने सलाह दी है कि लोग दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें. पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ (जैसे ओआरएस, लस्सी, छाछ) पिएं. साथ ही, किसानों को फसलों में नमी बनाए रखने के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है.



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