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बागपत के बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम एक विश्व प्रसिद्ध जैन धार्मिक स्थल है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. करीब 105 वर्ष पुराने इस भव्य मंदिर की ऊंचाई 317 फीट है और यहां लाइट एंड साउंड शो के जरिए जैन धर्म का इतिहास दर्शाया जाता है. मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है, यही कारण है कि यह धाम आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका है.
बागपत: बागपत के बड़ागांव में स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम विश्व विख्यात धरोहर है. इस मंदिर में पूजा अर्चना के लिए लोग देश सहित विदेश से भी आते हैं. यहां लोगों को सुख समृद्धि और प्रत्येक मनोकामना पूर्ण होने का आशीर्वाद प्राप्त होता है. 105 वर्ष पहले इस मंदिर की नींव रखी गई थी और इस मंदिर में हर वर्ष लोगों का जुड़ाव बढ़ता जा रहा है और इसमें व्यक्ति को जीवन जीने का तरीका और पुण्य कर्मों से होने वाले लाभ का मार्गदर्शन प्राप्त होता है.
इस मंदिर में विश्राम करने भोजन करने की उचित व्यवस्थाएं की गई. वहीं बच्चों के खेलने मनोरंजन की भी सुविधा दी गई है और इसमें लाइट एंड साउंड सिस्टम शाम के समय चालू होता है, जो आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और बड़ी संख्या में यहां लोग इस लाइट एंड साउंड सिस्टम को देखने के लिए आते हैं. इसमें जैन धर्म का पूरा इतिहास दिखाया जाता है.
बागपत के जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर बड़ागांव स्थित है. इस गांव के बाहरी छोर पर त्रिलोक तेज धाम स्थित है. यहां 105 वर्ष पहले खुदाई के दौरान भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति मिली थी. तभी इस मंदिर की नींव रखी गई. वहीं यह मंदिर 317 फीट ऊंचा है, जो 100 फीट जमीन से नीचे और 217 फीट जमीन से ऊपर है.
8 धातुओं से बनी ऋषभदेव की प्रतिमा
मंदिर के शीर्ष पर पद्मासन मुद्रा में 8 धातुओं से बनी ऋषभदेव की प्रतिमा है. ये मूर्ति 31 फीट ऊंची है. त्रिलोक तीर्थ में तीन लोक यानी अधरलोक, मध्यलोक और उधर्वलोक का चित्रण है. त्रिलोक तीर्थ धाम के परिसर में ध्यान केंद्र और आधुनिक सुविधाओं से लेस धर्मशाला भी है. इस मंदिर को जैन प्रतीक के आकार का बनाया गया है. यहां लाइट और साउंड सिस्टम के साथ ही पार्क, झूले, कांफ्रेस हॉल जैसी सुविधाएं देखने को मिलती हैं. मंदिर की खूबसूरती इसकी संरचना से झलकती है.
मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है
त्रिलोक तीर्थ धाम के प्रबंधक त्रिलोक जैन ने बताया कि देश विदेश से भी यहां लोग दर्शन के लिए आते हैं और यहां मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है. यह धाम ऐतिहासिक और विश्व विख्यात है. यहां आने वाले लोगों को विशेष सुविधा दी जाती हैं और इस मंदिर के पास में स्कूल धर्मशाला गौशाला मौजूद हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


