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बेवफाई का खौफनाक अंत, जब क्रिकेटर ने पत्नी के सीने में उतारी 7 गोलियां, कोर्ट ने सुनाया मौत का फरमान

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बेवफाई का खौफनाक अंत, जब क्रिकेटर ने पत्नी के सीने में उतारी 7 गोलियां

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West Indies cricketer Leslie Hylton shot his wife: वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर लेसली हिलटन अपने समय के एक बेहतरीन खिलाड़ी थे, लेकिन पर्सनल लाइफ की मुश्किल और प्यार में मिले धोखे ने उनकी दुनियां ही उजाड़ दी. हिल्टन ने बेवफाई के शक में अपनी पत्नी के सीने में 7 गोलियां उतारकर उन्हें मौत की घाट उतार दी थी.

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लेसली हिलटन को दी गई थी फांसी की सजा (फोटो- AI जेनरेटेड)

नई दिल्ली: क्रिकेट को भद्रजनों यानी जेंटलमैन का खेल कहा जाता है, लेकिन इस खेल के इतिहास में कुछ ऐसी घटनाएं भी दर्ज हैं जो इसकी पहचान से बिल्कुल अलग है. ऐसी ही एक घटना वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर लेसली हिलटन से जुड़ी है. लेसली हिलटन क्रिकेट इतिहास के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्हें फांसी की सजा दी गई थी. हिलटन अपने समय में वेस्टइंडीज के उभरते हुए क्रिकेटर थे. लेसली हिलटन का नाम एक बेहतरीन तेज गेंदबाज के रूप में दर्ज होना चाहिए था, लेकिन उनकी कहानी खेल के मैदान से कहीं ज्यादा एक खौफनाक और दुखद कानूनी मामले के लिए मशहूर हुई.

लेसली हिलटन का शुरुआती जीवन और करियर

लेसली हिलटन एक प्रभावी तेज गेंदबाज थे जिन्होंने 1930 के दशक में वेस्टइंडीज के लिए 40 टेस्ट मैच खेले. उन्हें उनकी सटीक लाइन-लेंथ और गति के लिए जाना जाता था. 1942 में उन्होंने लुरलाइन रोज से शादी की, जो जमैका के एक सम्मानित और संपन्न परिवार से ताल्लुक रखती थीं. शादी के कुछ सालों तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे हिलटन को अपनी पत्नी पर शक होने लगा.

साल 1954 में यह शक तब हकीकत में बदल गया जब हिलटन को एक गुमनाम लेटर मिला, जिसमें उनकी पत्नी के न्यूयॉर्क के एक व्यक्ति रॉय फ्रांसिस के साथ प्रेम प्रसंग का जिक्र था. हिलटन ने पहले तो इन बातों पर यकीन नहीं किया, लेकिन बाद में उन्हें कुछ ऐसे टेलीग्राम और पत्र मिले जिनसे लुरलाइन के अफेयर की पुष्टि हो गई. जब हिलटन ने इस बारे में अपनी पत्नी से पूछताछ की तो शुरुआत में उन्होंने इनकार किया, लेकिन बाद में उन्होंने इस बात को स्वीकार कर लिया.

गुस्से में हिलटन ने वाइफ को मारी 7 गोलियां

17 मई 1954 की सुबह जमैका के किंग्स्टन में उनके घर पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई. विवाद इतना बढ़ गया कि हिलटन ने आपा खो दिया. उन्होंने अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकाली और लुरलाइन पर गोलियों की बौछार कर दी. लुरलाइन को सात गोलियां लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. यह मामला पूरे वेस्टइंडीज और क्रिकेट जगत में आग की तरह फैल गया. अदालत में हिलटन के वकीलों ने दलील दी कि यह अचानक आए उकसावे का मामला था और हिलटन अपनी पत्नी के कबूलनामे से गहरे सदमे में थे.

हालांकि, अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि सात गोलियां चलाना केवल गुस्सा नहीं, बल्कि हत्या का स्पष्ट इरादा था. ज्यूरी ने उन्हें दोषी पाया और अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई. खेल जगत की कई हस्तियों ने उनकी सजा कम करने की अपील की, लेकिन कानून ने अपना रास्ता नहीं बदला.

एक साल बाद हिलटन को दी गई फांसी की सजा

17 मई 1955 को हत्या के ठीक एक साल बाद, लेसली हिलटन को जमैका की जेल में फांसी दे दी गई. वह इतिहास के एकमात्र ऐसे टेस्ट क्रिकेटर बने जिन्हें हत्या के जुर्म में मौत की सजा दी गई. यह कहानी आज भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक चेतावनी की तरह है कि कैसे अनियंत्रित क्रोध एक शानदार करियर और जीवन को पल भर में राख कर सकता है.

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Jitendra Kumar

अक्टूबर 2025 से नेटवर्क 18 समूह में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 9 साल का अनुभव. एबीपी न्यूज डिजिटल में स्पोर्ट्स बीट से करियर की शुरुआत। इंडिया टीवी और नवभारत टाइम्स ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित संस्…और पढ़ें



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