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‘ब्रह्मोस-अग्नि’ का नंबर बाद में आएगा, ‘अजेय वॉरियर’ ही कर देंगे काम तमाम, ताकते रह जाएगा चीन-पाकिस्‍तान

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‘ब्रह्मोस-अग्नि’ का नंबर बाद में आएगा, ‘अजेय वॉरियर’ ही कर देंगे काम तमाम

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अपनी ताकत को नए सिरे से तैयार करना शुरू कर दिया है. नई ताकत पारांपरिक होने के साथ मौजूदा चुनौतियां से निपटने में सक्षम होगी. इसी कड़ी में भारतीय सेना और ब्रिटेन की सेना ने मिलकर ‘अजेय वॉरियर’ पर काम करना शुरू किया है. जिसकी बानगी हाल में राजस्‍थान में दिखाई दी है.

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राजस्‍थान में भारतीय सेना की कुछ खास तैयारी चल रही है..

Indian Army: युद्ध अब सिर्फ मिसाइलों और बमों का खेल नहीं रहा. ब्रह्मोस और अग्नि जैसी ताकतवर मिसाइलें अपनी जगह हैं, लेकिन असली बाजी अब उन जांबाजों के हाथ में है, जो जमीन पर उतरकर दुश्मन का खेल खत्म कर देंगे. भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुआ ‘अजेय वॉरियर’ सैन्य अभ्यास इसी बदलते युद्ध की तस्‍वीर दिखा रहा है.

दरअसल, भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान इन दिनों यूनाइटेड किंगडम की यात्रा पर हैं. इस दौरान उन्होंने यूके के रक्षा मंत्री ल्यूक पोलार्ड और इंडो-पैसिफिक मामलों की मंत्री सीमा मल्होत्रा के साथ अहम बैठकें की है. इन बैठकों में साफ हो गया कि आने वाले समय में युद्ध की दिशा टेक्नोलॉजी, साइबर ताकत और स्पेशल ऑपरेशन्स तय करेंगे. इन चर्चाओं के बीच सबसे ज्यादा चर्चा जिस चीज की हो रही है, वो है ‘अजेय वॉरियर’.

दुश्‍मन नहीं की होगी इसकी कल्‍पना
यह सिर्फ एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि दुश्मनों के लिए सबक है कि अब युद्ध का ऐसा होगा, जिसकी उसने सपने में भी कल्‍पना नहीं की होगी. राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुए इस अभ्यास में भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट और ब्रिटिश सेना के जवानों ने मिलकर आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन्स का अभ्यास किया है. इस अभ्‍यास हेलीकॉप्टर के जरिए दुश्मन के इलाके में घुसना, कुछ ही मिनटों में हमला करना, ठिकानों को तबाह करना और सुरक्षित वापस निकलने के हुनर परखा गया है.

असली गेम चेंजर साबित होंगे अजेय वॉरियर
यही वजह है कि रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले युद्धों में सिर्फ मिसाइलें ही नहीं, बल्कि ऐसे ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसे ऑपरेशन निर्णायक भूमिका निभाएंगे. ब्रह्मोस और अग्नि जैसी मिसाइलें दुश्मन को डराने के लिए काफी हैं, लेकिन जब बात खत्म करने की आती है, तो ‘अजेय वॉरियर’ जैसे ऑपरेशन ही असली गेम चेंजर साबित होते हैं. सीडीएस अनिल चौहान की इस यात्रा में साइबर, इंटेलिजेंस और स्पेस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है. इसका मतलब साफ है कि अब युद्ध सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि डिजिटल और अंतरिक्ष में भी लड़ा जाएगा.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें



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