नई दिल्ली. आईपीएल के हर सीजन में कोई ना कोई ऐसा खिलाड़ी महफिल लूट ले जोता है जिसके बारें में ना तो ज्यादा बात होती है और ना ही वो खबरों में रहते है. ये टूर्नामेंट वो प्लेटफॉर्म है जहां छोटे शहरों के लड़के बड़े सपने देखने की हिम्मत करते हैं और उसे दुनिया के सबसे बड़े मंच पर सच कर दिखाते हैं, तो वो कहानियां सीधे दिल पर लगती हैं.
ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है मध्य प्रदेश के छोटे से शहर मऊगंज के रहने वाले माधव तिवारी की, जिन्होंने आईपीएल 2026 दिल्ली कैपिटल्स के लिए शानदार प्रदर्शन कर पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. माधव उन खिलाड़ियों में से हैं जो अपने मौके का शिद्दत के साथ इंतजार करते है और जब मिलता है तो चौका लगाने में देर नहीं करते.
कौन हैं माधव तिवारी
28 सितंबर 2003 को जन्मे माधव ने मध्य प्रदेश के लिए अंडर-19 और अंडर-23 स्तर पर क्रिकेट खेला है. हैरानी की बात यह है कि उनके पास न तो कोई फर्स्ट-क्लास खेलने का अनुभव था और न ही उन्होंने कोई लिस्ट-ए मैच खेला था. बिना किसी बड़े ‘हाइप’ या पीआर के, इस युवा ऑलराउंडर ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर IPL 2025 में दिल्ली कैपिटल्स (DC) से ₹40 लाख का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया. गेंदबाजी में माधव के पास अच्छी गति और स्विंग है, जो उन्हें पावरप्ले और डेथ ओवर्स दोनों में उपयोगी बनाती है. घरेलू क्रिकेट में उनके शानदार प्रदर्शन जिसमें एक मैच में हैट्रिक और 6 विकेट शामिल हैं ने पहले ही संकेत दे दिया था कि वह गेंद से भी मैच बदल सकते हैं.
धर्मशाला में मचाया तहलका!
आईपीएल 2026 के 55वें मैच में माधव ने दिखा दिया कि वो किस मिट्टी के बने हैं. धर्मशाला की एकदम पाटा पिच पर, जहां बड़े-बड़े गेंदबाज संघर्ष करते हैं, माधव ने 2 सबसे अहम विकेट चटकाए. उन्होंने सेट हो चुके प्रियांश आर्या और खतरनाक कूपर कोनोली को उस वक्त पवेलियन भेजा जब दिल्ली को ब्रेकथ्रू की सख्त जरूरत थी. लेकिन कहानी का असली रोमांच अभी बाकी था. गेंदबाजी में कमाल दिखाने के बाद, जब टीम को अंत में तेज रनों की दरकार थी, तो माधव ने महज 8 गेंदों में 18* रनों की नाबाद तूफानी पारी खेलकर दिल्ली को एक शानदार जीत दिला दी.
माधव की खासियत
माधव तिवारी की सबसे बड़ी ताकत उनका ऑलराउंड गेम है. एक ओर जहां वह राइट-आर्म मीडियम-फास्ट गेंदबाज के रूप में विकेट लेने की क्षमता रखते हैं, वहीं दूसरी ओर बल्ले से भी तेज़ और उपयोगी रन बना सकते हैं. आधुनिक टी20 क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों की मांग सबसे ज्यादा होती है, और तिवारी इस भूमिका में फिट बैठते नजर आते हैं. हाल ही के मुकाबले में उन्होंने दबाव भरे हालात में तेजी से रन बनाकर टीम को जीत की राह पर आगे बढ़ाया. यह पारी भले ही लंबी न रही हो, लेकिन उसका प्रभाव मैच के नतीजे पर साफ दिखाई दिया. इससे यह साबित हुआ कि तिवारी में फिनिशर बनने की क्षमता मौजूद है. हर खिलाड़ी के करियर में कुछ ऐसे पल आते हैं जो उसे अलग पहचान दिलाते हैं, और माधव तिवारी के लिए भी ऐसा ही एक मौका हाल ही में आया.
तिवारी का तेवर
बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए माधव ने जिस तरह संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाया, वह उनके क्रिकेटिंग माइंडसेट को दर्शाता है. यही वह गुण है जो उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग बनाता है—दबाव में शांत रहना और मैच को अंत तक ले जाना. तिवारी सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं हैं.
बिना किसी फर्स्ट क्लास अनुभव के सीधे IPL के भारी दबाव को इतनी खूबसूरती से झेलना और ‘प्लेयर ऑफ द मोमेंट’ बनकर उभरना, माधव को एक खास टैलेंट बनाता है. मऊगंज के इस लड़के ने साबित कर दिया है कि टैलेंट किसी बड़े शहर या बड़ी पहचान का मोहताज नहीं होता.


