Last Updated:
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में स्थित गुरादरी मठ के पास बना पाताल सरोवर आस्था और रहस्य का केंद्र माना जाता है. मान्यता है कि इस सरोवर में स्नान करने से चर्म रोग दूर हो जाते हैं और इसका पानी कभी सूखता नहीं. स्थानीय लोग शुभ अवसरों पर भोजन में इस सरोवर का जल मिलाते हैं, क्योंकि विश्वास है कि इससे भोजन कम नहीं पड़ता. साल में तीन बार लगने वाले मेले के कारण यहां हमेशा श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है.
मऊ. उत्तर प्रदेश धार्मिक स्थल का गढ़ माना जाता है, यहां प्रत्येक जनपद में हर मंदिर व सरोवर का एक अलग ही इतिहास है. ऐसा ही इतिहास उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के मऊ जनपद मे सरोवर का है. जिस सरोवर में स्नान करने से चर्म रोग दूर हो जाता है. लोकल 18 से बात करते हुए बच्ची सिंह बताते हैं उत्तर प्रदेश के मऊ मुख्यालय से 38 किलोमीटर दूर करहा बाजार से 500 मीटर अंदर गुरादरी मठ है. इस मठ के बाहर बने सरोवर का इतिहास ही अलग है इस सरोवर में स्नान करने से चर्म रोग दूर होता हैं. यहां इस सरोवर को पाताल सरोवर के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इस सरोवर में कभी पानी नहीं सूखता है. यहां की मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से इस सरोवर में स्नान कर यहां घनश्याम बाबा की समाधि पर पूजा पाठ करता है और मन्नत मांगता है कि उसका चर्म रोग दूर हो जाए तो उसका चर्म रोग दूर हो जाता है.
किसी फंक्शन में सरोवर का पानी डालने से खाना नहीं होता कम
बच्ची सिंह बताते हैं कि यहां सिर्फ इस सरोवर में स्नान करने से चर्म रोग ही नहीं दूर होता यहां के आसपास के गांव वाले किसी भी कार परोज में या किसी फंक्शन में खाना बनाते समय इसी सरोवर का पानी का कुछ अंश ले जाकर खाना बनाते समय उसमें डालते हैं. क्योंकि मान्यता है कि यहां के सरोवर का पानी खाना में डालने से कभी वह खाना कम नहीं होता है. इस वजह से इस सरोवर का और मान्यता बढ़ जाती है, यहां साल में तीन बार मेले का आयोजन भी होता हैं. इस वजह से यहां हमेशा भीड़ लगी रहती है.
सरोवर में स्नान करने से चर्म रोग होता दूर
यदि कोई व्यक्ति या कोई महिला चर्म रोग से परेशान रहती है तो इस सरोवर में आकर स्नान करने से उसका चर्म रोग दूर होता है क्योंकि सिर्फ मिट्टी हटा देने से यहां इस सरोवर में पानी आ गया था और तब से आज तक यह सरोवर कभी सुख नहीं है. हमेशा इस सरोवर में पानी लगा रहता है. एक तपस्वी के ताप से इस सरोवर में पानी आया था और यही वजह है कि उस तपस्वी के तब के अनुसार यहां इस सरोवर में लोग स्नान करते हैं और चर्म रोग जैसे बीमारी से मुक्ति पाते हैं. इस सरोवर में बड़ी-बड़ी मछलियां है मान्यता है कि इस मछलियों को ही कोई नहीं खाता है, इसलिए सरोवर में बड़ी-बड़ी मछलियां भी हैं.
About the Author
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें


