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Saqlain Mushtaq closes his wife in cupboard: सकलैन मुश्ताक ने 1999 वर्ल्ड कप का एक बेहद दिलचस्प किस्सा साझा किया. टूर्नामेंट के बीच में पीसीबी द्वारा परिवारों को वापस भेजने के नियम के बावजूद सकलैन ने अपनी पत्नी को लंदन में ही रखने का फैसला किया. पकड़े जाने के डर से वह कोच और मैनेजर के आने पर अपनी पत्नी को कमरे की अलमारी में छिपा दिया करते थे. अंततः साथी खिलाड़ी अजहर महमूद और युसूफ ने उनकी इस ‘गुगली’ को पकड़ लिया था.
सकलैन मुश्ताक ने डर की वजह से पत्नी को अलमारी में छुपा देते थे.
नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर जब सकलैन मुश्ताक अपनी उंगलियों को हरकत देते थे, तो दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों के पसीने छूट जाते थे. उनकी ‘दूसरा’ ने क्रिकेट की डिक्शनरी में एक नया शब्द जोड़ दिया था. लेकिन साल 1999 के वर्ल्ड कप के दौरान, इंग्लैंड की ठंडी हवाओं के बीच सकलैन मैदान के बाहर एक ऐसी ‘गुगली’ खेल रहे थे, जिसकी भनक न तो मैनेजमेंट को थी और न ही उनके कप्तान को. यह कहानी किसी जासूसी फिल्म से कम नहीं है, जिसमें एक तरफ वर्ल्ड कप का दबाव था और दूसरी तरफ एक नया-नवेला शादीशुदा जोड़ा.
दिसंबर 1998 में सकलैन की शादी हुई थी. अभी शादी की मेहंदी का रंग गहरा ही था कि 1999 का वर्ल्ड कप आ गया. सकलैन के लिए अच्छी बात यह थी कि उनकी पत्नी लंदन की ही रहने वाली थीं. सकलैन का अपना एक सीधा सा गणित था दिन भर मैदान पर पसीना बहाओ, विकेट चटकाओ और शाम को पत्नी के साथ सुकून के पल बिताओ. सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन अचानक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने एक फरमान जारी कर दिया कि सभी खिलाड़ी अपने परिवारों को तुरंत वापस घर भेजें. बोर्ड का मानना था कि परिवारों की मौजूदगी से खिलाड़ियों का ध्यान भटक रहा है. लेकिन सकलैन के लिए यह तर्क गले उतारना मुश्किल था. वह अपनी लय में थे, टीम जीत रही थी और वह खुद शानदार फॉर्म में थे. उन्होंने मन ही मन ठान लिया, ‘मैं यह नियम नहीं मानूंगा.’
सकलैन मुश्ताक ने डर की वजह से पत्नी को अलमारी में छुपा देते थे.
मिशन ‘अलमारी’ छिपम-छिपैया का खेल
सकलैन मुश्ताक ने अपनी पत्नी को होटल के कमरे से बाहर नहीं भेजा. लेकिन अब चुनौती यह थी कि टीम के मैनेजर और कोच समय-समय पर कमरों का मुआयना करने आते थे. यहीं से शुरू हुआ सकलैन मुश्ताक का सबसे मजेदार ‘डिफेंसिव’ गेम. जब भी दरवाजे पर दस्तक होती, सकलैन का दिल जोर से धड़कने लगता. वह तुरंत अपनी पत्नी से कहते, ‘जल्दी, अलमारी के अंदर जाओ.’ उनकी पत्नी अलमारी में कपड़ों के बीच दुबक कर बैठ जातीं और सकलैन चेहरे पर एक मासूम मुस्कान लिए दरवाजा खोलते. कोच रिचर्ड पायबस हों या टीम के अन्य अधिकारी, वे कमरे में झांकते, सकलैन से हाल-चाल पूछते और चले जाते. उन्हें रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि जिस अलमारी के पास वे खड़े हैं, उसके अंदर पाकिस्तान के स्टार स्पिनर की ‘बेहतर अर्धांगिनी’ अपनी हंसी रोके बैठी हैं.
जब अजहर और युसूफ ने पकड़ा ‘मैच फिक्सिंग’
यह लुका-छिपी का खेल कुछ दिनों तक तो चला, लेकिन क्रिकेट टीम में बातें छिपती नहीं हैं. एक शाम, सकलैन के साथी खिलाड़ी अजहर महमूद और मोहम्मद युसूफ उनके कमरे पर आ धमके. वे नियमों को लेकर चर्चा करने आए थे, लेकिन उनकी नजरें कमरे में कुछ ढूंढ रही थीं. सकलैन ने उन्हें टालने की कोशिश की, पर अजहर और युसूफ को कुछ संदिग्ध लगा. उन्हें शक हो गया कि इस कमरे में कोई और भी है. सकलैन की घबराहट उनके चेहरे पर साफ दिख रही थी. अंत में, जब दोस्तों ने बहुत जोर दिया और हंसी-मजाक शुरू हुआ, तो सकलैन को हार माननी पड़ी. उन्होंने मुस्कुराते हुए अलमारी का दरवाजा खोला और अपनी पत्नी को बाहर आने को कहा. दृश्य ऐसा था कि अजहर और युसूफ अपनी हंसी नहीं रोक पाए. एक तरफ दुनिया का सबसे खतरनाक स्पिनर खड़ा था और दूसरी तरफ वह अलमारी, जो कुछ पलों के लिए सकलैन के ‘प्यार का किला’ बन गई थी.
मैदान पर जादू और अलमारी की यादें
हैरानी की बात यह है कि इस मानसिक उठापटक और ‘लुका-छिपी’ के बावजूद सकलैन के खेल पर कोई असर नहीं पड़ा. इसी वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने ऐतिहासिक हैट्रिक ली. वह पूरे टूर्नामेंट में पाकिस्तान के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक रहे. सालों बाद जब सकलैन ने रौनक कपूर के शो ‘बियॉन्ड द फील्ड’ में इस किस्से को साझा किया, तो उन्होंने ठहाका लगाते हुए कहा कि वह एक प्रोफेशनल थे. दिन भर वह टीम के लिए जान लड़ाते थे और शाम को उन्हें बस अपने जीवनसाथी का साथ चाहिए था.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें


