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Mathura news: गोकुल में राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण के झगड़े को शांत करने के लिए यमुना जी को प्रकट होना पड़ा. ठकुरानी घाट पर राधा और कृष्ण के बीच हुए झगड़े को यमुना महारानी ने शांत कराया था. गोकुल में आज भी द्वापर युग से यह मान्यता यहां पर लिया रही है. यमुना महारानी के झगड़ा शांत करने के बाद एक दूसरे की पीठ से पीठ सटकर बैठ गए. गोकुल से रावल तक राधा रानी का क्षेत्र यमुना की ओर आता है. गोकुल से ब्रह्मांड घाट की तरफ बह रही यमुना कृष्ण के हिस्से में आती है.
मथुरा: गोकुल में राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण के झगड़े को शांत करने के लिए यमुना जी को प्रकट होना पड़ा. ठकुरानी घाट पर राधा और कृष्ण के बीच हुए झगड़े को यमुना महारानी ने शांत कराया था. गोकुल में आज भी द्वापर युग से यह मान्यता यहां पर लिया रही है. यमुना महारानी के झगड़ा शांत करने के बाद एक दूसरे की पीठ से पीठ सटकर बैठ गए. गोकुल से रावल तक राधा रानी का क्षेत्र यमुना की ओर आता है. गोकुल से ब्रह्मांड घाट की तरफ बह रही यमुना कृष्ण के हिस्से में आती है.
राधा और कृष्ण के बीच हुए झगड़े को यमुना महारानी ने शांत कराया था
मथुरा की यादें कृष्ण से जुड़ी हुई है. द्वापर युग से ही यहां कृष्ण का आभास हो रहा है. कृष्ण युग को भले ही 5500 वर्ष से अधिक का समय बीत गया हो लेकिन उनकी लीलाओं का आज भी चित्रण आपको देखने को मिलेगा. मथुरा में श्री कृष्ण ने जन्म लिया था. गोकुल में उन्होंने अपनी बाल शाखों के साथ लीलाएं की. गोकुल का एक ऐसा ही चित्रण आज भी देखने को मिलता है. मान्यता के अनुसार ठकुरानी घाट भी राधा कृष्ण की लीला से जुड़ा हुआ है. तीर्थ पुरोहित ने राधा कृष्ण की उसे रहस्य को लोकल 18 के सामने रखा. लोकल 18 से बातचीत करते हुए तीर्थ पुरोहित नारायण तिवारी ने बताया कि यह घाट ठकुरानी घाट के नाम से जाना जाता है. इस घाट के अलग-अलग नाम है और इस घाट की मान्यता भगवान कृष्ण और राधा से जुड़ी हुई है.
द्वापर युग में श्री कृष्ण करते थे लीला
द्वापर युग में भगवान श्री कृष्णा अपने शाखों के साथ गोकुल की यमुना नदी के किनारे क्रीडा किया करते थे. उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था कि राधा कृष्ण इसी घाट पर बैठकर चिंतन कर रहे थे. बातों ही बातों में दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया. यमुना के किनारे बैठकर झगड़ा कर रहे राधा कृष्ण को जब यमुना महारानी ने देखा तो उनसे रहा नहीं गया. राधा कृष्ण के झगड़े को सुलझाने के लिए यमुना महारानी को प्रकट होना पड़ा. नारायण तिवारी ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए यह भी बताया कि उनका झगड़ा यमुना के क्षेत्र को लेकर हुआ. यमुना महारानी ने बड़ी चतुराई से उसे झगड़े को सुलझा दिया. उन्होंने बताया कि राधा कृष्ण को एक दूसरे के विपरीत बैठाया. यमुना महारानी ने कहा जहां तक राधा का मुंह जाता है रावल तक उनके क्षेत्र रहेगा. कृष्ण का मुख्य ब्रह्मांड घाट तक यमुना की सीमा रहेगी और इस प्रकार से राधा रानी और कृष्ण के बीच हुए झगड़े को यमुना महारानी ने सुलझा दिया. तभी से उन्हें यमुना महारानी कृष्ण की पटरानी के नाम से जाना जाता है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें


