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यूपी में पछुआ हवाओं ने छुड़ाए पसीने, 45°C के पार पहुंचा पारा, IMD ने जारी किया ‘लू’ का अलर्ट

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UP Aaj Ka Mausam Live: उत्तर प्रदेश में अप्रैल के महीने में ही जून जैसी तपिश महसूस होने लगी है और सूरज के तीखे तेवर अब आम जनजीवन को झुलसाने लगे हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 19 अप्रैल 2026 के लिए जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक, पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन दक्षिणी उत्तर प्रदेश के जिलों में हालात बदतर होते जा रहे हैं. राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के जादुई आंकड़े को न सिर्फ छू रहा है, बल्कि उसे पार भी कर चुका है. मौसम वैज्ञानिकों का विश्लेषण है कि आंतरिक महाराष्ट्र के आसपास बने एक शक्तिशाली ‘प्रतिचक्रवात’ और लगातार आ रही शुष्क पछुआ हवाओं के मेल ने प्रदेश को एक भट्टी में तब्दील कर दिया है.

आने वाले 2 से 3 दिनों के दौरान तापमान में और मामूली बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है, जिसके चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी इलाकों में भीषण ‘उष्ण लहर’ यानी लू चलने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है. फिलहाल 21 अप्रैल तक बारिश की कोई उम्मीद नहीं है, जिससे राहत की गुंजाइश कम ही नजर आती है. प्रदेश में मौसम के इस बदलाव ने न सिर्फ दिन के चैन को छीना है, बल्कि रातें भी अब बेचैन करने लगी हैं. पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य के लगभग सभी मंडलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है. विशेष रूप से प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडलों में दिन का तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस से लेकर 5.0 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है, जो ‘सीवियर हीट’ की श्रेणी में आता है.

बांदा में टूटा रिकॉर्ड, तापमान 45.4 डिग्री के पार
वहीं, राजधानी लखनऊ और मेरठ जैसे मंडलों में भी पारा सामान्य से 3 डिग्री तक ऊपर चल रहा है. सबसे हैरान करने वाले आंकड़े बुंदेलखंड के बांदा से आए हैं, जहां शनिवार को अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसने इसे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सबसे गर्म शहरों की फेहरिस्त में शामिल कर दिया है. राहत की बात केवल इतनी रही कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में छिटपुट बूंदाबांदी और झोंकेदार हवाओं ने हल्की हलचल पैदा की, लेकिन इसका असर गर्मी को कम करने में नाकाम रहा.

प्रयागराज, झांसी और आगरा में ‘आग’ जैसे हालात

  • उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों की बात करें तो संगम नगरी प्रयागराज और आसपास के जिलों जैसे फतेहपुर, कौशाम्बी व प्रतापगढ़ में गर्मी का सबसे ज्यादा प्रकोप देखा जा रहा है. यहां तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक ज्यादा होने की वजह से दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है.
  • मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में अगले तीन दिनों तक भीषण लू चलने की संभावना है. इसी तरह झांसी, जालौन और ललितपुर में भी पारा 44 से 45 डिग्री के बीच झूल रहा है.
  • आगरा मंडल में भी गर्मी का टॉर्चर जारी है, जहां मथुरा और फिरोजाबाद जैसे जिलों में शुष्क हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है.
  • इन शहरों में न्यूनतम तापमान में भी काफी वृद्धि देखी गई है, जिससे रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है.

लखनऊ और कानपुर: राजधानी में लू जैसी स्थिति, उमस भी बढ़ाएगी दिक्कत

  • राजधानी लखनऊ समेत उन्नाव, रायबरेली और सीतापुर में भी गर्मी ने अपने तेवर कड़े कर लिए हैं. लखनऊ में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री अधिक बना हुआ है. हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में एक हल्का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे बादलों की आवाजाही शुरू होगी, लेकिन इससे तापमान में कोई बड़ी गिरावट नहीं आएगी.
  • उल्टा, बादलों की वजह से उमस बढ़ सकती है, जो लोगों की मुश्किलें और बढ़ाएगी. कानपुर मंडल में भी न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे औद्योगिक शहर में दिन के समय गर्म हवाओं का थपेड़ा महसूस किया जा रहा है.

पश्चिमी यूपी: गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ में कैसा रहेगा मौसम?
वहीं, अगर बात पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और मेरठ में शनिवार को धूल भरी तेज हवाएं और कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश दर्ज की गई थी. इसके बावजूद रविवार यानी 19 अप्रैल को यहां मौसम शुष्क रहने की संभावना है. मेरठ और बागपत में पारा सामान्य से 1.6 से 3.0 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर बना हुआ है. राहत की बात यह है कि पश्चिमी यूपी के लिए फिलहाल ‘लू’ की कोई आधिकारिक चेतावनी नहीं है, लेकिन सूर्य की तपिश कम नहीं होगी. बुलंदशहर और अमरोहा जैसे जिलों में 24 अप्रैल तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे धूप की तीव्रता थोड़ी कम हो सकती है, मगर गर्मी का ओवरऑल प्रभाव बना रहेगा.

बांदा बना सबसे गर्म शहर, उरई में सबसे कम तापमान
राज्य में शनिवार 18 अप्रैल को सबसे अधिक तापमान बांदा में 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, अगर न्यूनतम तापमान की बात करें तो उरई में पारा सबसे कम 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. वाराणसी और गोरखपुर मंडलों में भी गर्मी तेजी से बढ़ रही है. गोरखपुर में रात का तापमान सामान्य से 3.1 से 5.0 डिग्री सेल्सियस तक अधिक पाया गया है, जो इस बात का संकेत है कि अब रातें भी ठंडी नहीं रह गई हैं. मौसम विभाग के 7 दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले एक सप्ताह तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा उलटफेर होने की संभावना नहीं है, यानी गर्मी का यह सिलसिला लगातार जारी रहने वाला है.

सावधानी बरतने की सलाह: स्वास्थ्य पर पड़ सकता है बुरा असर
बढ़ते तापमान और लू की चेतावनी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में रहने वाले लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने को कहा गया है. शिशुओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए यह मौसम ‘मध्यम जोखिम’ वाला हो सकता है. डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं, सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें और सिर को ढक कर ही बाहर निकलें. उत्तर प्रदेश में इस बार गर्मी ने सामान्य समय से करीब 10 दिन पहले ही दस्तक दे दी है, जो आने वाले मई और जून के महीनों के लिए एक खतरनाक संकेत है.

उत्तर प्रदेश में 19 से 21 अप्रैल के बीच किन जिलों में ‘लू’ चलने का अलर्ट है?
मौसम विभाग के अनुसार, मुख्य रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भागों में लू चलने की प्रबल संभावना है. इसमें प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, वाराणसी और बुंदेलखंड के बांदा व चित्रकूट जैसे जिले शामिल हैं. इन इलाकों में पारा 45 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है.

यूपी में अचानक इतनी गर्मी बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
गर्मी बढ़ने के पीछे दो मुख्य कारण हैं. पहला, आंतरिक महाराष्ट्र के आसपास एक ‘प्रतिचक्रवात’ बना हुआ है. दूसरा, शुष्क पछुआ हवाएं लगातार चल रही हैं. इन दोनों के संयुक्त प्रभाव से नमी खत्म हो गई है और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है.

क्या आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में बारिश की कोई संभावना है?
फिलहाल 21 अप्रैल 2026 तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. हालांकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बादलों की आवाजाही देखी जा सकती है, लेकिन बड़े पैमाने पर बारिश के आसार नहीं हैं. 21 अप्रैल के बाद ही किसी नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की राहत की उम्मीद की जा सकती है.

इस सीजन में यूपी का अब तक का सबसे गर्म शहर कौन सा रहा है?
शनिवार 18 अप्रैल के आंकड़ों के मुताबिक, बुंदेलखंड का बांदा जिला प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह तापमान सामान्य से काफी अधिक है.

भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए मौसम विभाग ने क्या सलाह दी है?
विभाग ने सलाह दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें. घर से बाहर निकलते समय सिर को कपड़े या छाते से ढकें. शरीर में पानी की कमी न होने दें और ओआरएस (ORS), लस्सी या नींबू पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें. विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों का ध्यान रखने की जरूरत है क्योंकि उनके लिए यह मौसम जोखिम भरा हो सकता है.



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