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पश्चिम बंगाल में Y कैटेगिरी वीआईपी की जान बचाते हुए CISF जवान योगेश ने अपने जान की बाजी लगा दी. इस दौरान उन्हें गोली भी लग गई, लेकिन आंच नहीं आने दी. अस्पताल में भर्ती सीआईएसएफ जवान को देखने खुद DG BSF प्रवीण कुमार और DG CISF प्रवीर रंजन पहुंच गए.
सीआईएसएफ के टॉप अफसर उस जवान से मिले.
पश्चिम बंगाल में ड्यूटी के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति की जान बचाने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जांबाज जवान की बहादुरी को देश की सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों ने सलाम किया है. महानिदेशक स्तर के अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल कॉन्स्टेबल योगेश का हाल जाना और उनके अदम्य साहस की जमकर सराहना की.
CISF के स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (SSG) में तैनात कॉन्स्टेबल (जीडी) योगेश पश्चिम बंगाल में एक Y कैटेगिरी की सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति की सुरक्षा में मुस्तैद थे. इसी दौरान सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के आवास पर अज्ञात हमलावरों ने देसी हथियारों से अचानक जानलेवा हमला कर दिया. हालात बेहद गंभीर और जानलेवा होने के बावजूद, योगेश ने बिना घबराए मोर्चा संभाला और हमलावरों के बीच भी वीआईपी को पूरी तरह सुरक्षित रखा.
हमले में योगेश को लगी गोली
इस भीषण हमले और बचाव के दौरान योगेश के बाएं पैर में गोली लग गई. लहूलुहान और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपना फर्ज निभाना नहीं छोड़ा और अंत तक डटे रहे. वर्तमान में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. घटना बैरकपुर के जगदलपुर पुलिस स्टेशन के ठीक सामने हुई थी.
शीर्ष अधिकारियों ने बढ़ाया हौसला
जवान के इसी अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक प्रवीण कुमार, CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन और अतिरिक्त महानिदेशक (उत्तर) सुधीर कुमार अस्पताल पहुंचे. अधिकारियों ने अस्पताल के बिस्तर पर मौजूद योगेश से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
बल के लिए बने प्रेरणा
वरिष्ठ अधिकारियों ने इस घटना को ड्यूटी के प्रति सर्वोच्च समर्पण का बेहतरीन उदाहरण बताया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि योगेश जैसे वीर और निडर जवान ही देश की सुरक्षा व्यवस्था की असली ताकत और रीढ़ हैं. उनका यह जज्बा पूरे बल के लिए एक बड़ी प्रेरणा है.फिलहाल, CISF और अन्य सुरक्षा बलों के सभी अधिकारी व जवान योगेश के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं और उनके इस अदम्य साहस को पूरा महकमा सलाम कर रहा है.
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डेढ़ दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय, आनंद तिवारी ने इंदौर, मध्यप्रदेश के देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की. वहीं से फ्रीलांसर के तौर पर दैनिक भास्कर से जुड़ गए. दिल्ली की पत्र…और पढ़ें


