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Noida Expressway W Beam Crash Barrier: नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड को सुरक्षित बनाने के लिए 43.13 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मंजूर किया है. इसके तहत 20 किलोमीटर के दायरे में W-Beam क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे. यह मजबूत स्टील बैरियर अनियंत्रित वाहनों को गहरी नालियों में गिरने से रोकेंगे और हादसों की गंभीरता को कम करेंगे. जेवर एयरपोर्ट के कारण बढ़ते ट्रैफिक और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे एक्सप्रेसवे का सफर अब और सुरक्षित होगा.
Noida Expressway News: दिल्ली-एनसीआर की लाइफलाइन कहे जाने वाले नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर अब सफर पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित होने जा रहा है. नोएडा प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे के किनारे होने वाले हादसों को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड के किनारों पर W-Beam क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे, जिससे अनियंत्रित वाहन खाई या गहरी नालियों में गिरने से बच सकेंगे.
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
अक्सर देखा गया है कि एक्सप्रेसवे की मुख्य सड़क और सर्विस रोड के बीच कई जगहों पर गहरी नालियां और गड्ढे हैं. रात के अंधेरे में या तेज रफ्तार के दौरान जरा सी चूक होने पर गाड़ियां सीधे इन नालियों में जा गिरती हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के शुरू होने के बाद इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ने वाला है. इसी भविष्य की जरूरत और सुरक्षा को देखते हुए प्राधिकरण ने यह मास्टर प्लान तैयार किया है.
43.13 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट
इस पूरी परियोजना के लिए नोएडा प्राधिकरण ने करीब 43.13 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है. यह सुरक्षा कवच लगभग 20 किलोमीटर के दायरे में फैला होगा. मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) से हरी झंडी मिलने के बाद अब जल्द ही इसके टेंडर जारी किए जाएंगे. उम्मीद है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही धरातल पर काम तेजी से शुरू हो जाएगा.
क्या है W-Beam क्रैश बैरियर और यह कैसे बचाएगा जान?
अगर आप सोच रहे हैं कि यह W-Beam क्या है, तो आपको बता दें कि यह स्टील से बनी एक मजबूत सुरक्षा दीवार की तरह होता है. यह 3 मिलीमीटर मोटे गैल्वेनाइज्ड स्टील से बना होता है और इसका आकार अंग्रेजी के ‘W’ जैसा होता है. यह एक ‘सेमी-रिजिड’ अवरोध है. जब कोई तेज रफ्तार गाड़ी इससे टकराती है, तो यह बैरियर टकराने से पैदा हुई ऊर्जा को खुद सोख लेता है. टक्कर के बाद यह गाड़ी को खाई में गिरने देने के बजाय वापस सड़क की तरफ मोड़ देता है, जिससे एक्सीडेंट की गंभीरता काफी कम हो जाती है.
प्राधिकरण का विजन: सुरक्षित और आधुनिक नोएडा
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि शहरवासियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है. एक्सप्रेसवे को एक आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की यात्रा प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस तरह के क्रैश बैरियर लगने से न सिर्फ हादसे कम होंगे, बल्कि यात्रियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा. प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में शहर की अन्य महत्वपूर्ण सड़कों पर भी सुरक्षा के ऐसे ही पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें


