नई दिल्ली. ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं. 24 अप्रैल का यह दिन वर्ल्ड क्रिकेट के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है. 1989 में जब 16 साल का एक घुंघराले बालों वाला लड़का पाकिस्तान के खतरनाक गेंदबाजों के सामने क्रीज पर उतरा था, तब शायद ही किसी ने सोचा था कि यह सफर इतिहास के सबसे सुनहरे पन्नों को लिखेगा. आज जब सचिन अपने जीवन का एक और दशक पूरा कर रहे हैं, तो उनके नाम दर्ज कुछ ऐसे कीर्तिमानों की चर्चा करना लाजिमी है, जो न केवल अद्भुत हैं, बल्कि आने वाले 50 सालों तक भी सुरक्षित नजर आते हैं. आइए, आंकड़ों की इस जादुई दुनिया के जरिए सचिन के उन 10 अविश्वसनीय रिकॉर्ड्स को समझते हैं, जिन्हें तोड़ना आज के दौर के दिग्गजों के लिए भी एक ‘एवरेस्ट’ पर चढ़ने जैसी चुनौती है.
सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के करियर की सबसे बड़ी पहचान उनके 100 इंटरनेशनल शतक हैं. क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट को मिलाकर शतकों का महाशतक लगाना एक ऐसा कारनामा है, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए सपने जैसा है. वर्तमान में विराट कोहली 85 शतकों के साथ उनके पीछे जरूर हैं, लेकिन टी20 और टेस्ट से रिटायरमेंट की खबरों और वनडे मैचों की कम होती संख्या के बीच, अगले 15 शतक लगाना उनके लिए भी नामुमकिन सा लगता है. सिर्फ शतक ही नहीं, सचिन का रनों का पहाड़ भी उतना ही विशाल है. उन्होंने अपने करियर के 664 इंटरनेशनल मैचों में 34,357 रन बनाए हैं. गौर करने वाली बात यह है कि दुनिया का कोई भी अन्य बल्लेबाज आज तक 30 हजार रनों का आंकड़ा भी नहीं छू सका है. उनके नाम 100 शतकों के अलावा 164 अर्धशतक भी दर्ज हैं, जो उनकी निरंतरता की गवाही देते हैं.
सचिन तेंदुलकर के जन्मदिन पर उनके 10 महारिकॉर्ड.
टेस्ट और वनडे में अटूट बादशाहत
अगर हम फॉर्मेट के हिसाब से देखें, तो सचिन ने हर जगह अपनी छाप छोड़ी है. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने शतकों की ‘हाफ सेंचुरी’ लगाई है. 51 टेस्ट शतक जड़ने वाले वह दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं। वर्तमान में जो रूट 41 शतकों के साथ करीब तो हैं, लेकिन सचिन के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए उन्हें अभी भी 11 और शतकों की दरकार है, जो टेस्ट क्रिकेट की अनिश्चितताओं के बीच बहुत मुश्किल नजर आता है. वहीं वनडे फॉर्मेट में सचिन का दबदबा आज भी बरकरार है. उन्होंने 1989 से 2012 के बीच 463 वनडे मैच खेले और 18,426 रन बनाए. उनके बाद इस सूची में विराट कोहली का नाम आता है, लेकिन वह भी अभी करीब 4 हजार रन पीछे हैं. जिस तरह से आज के दौर में सीनियर खिलाड़ी वनडे मैचों से ब्रेक लेते हैं, सचिन के मैचों और रनों की संख्या को पार करना किसी भी आधुनिक बल्लेबाज के लिए असंभव सा प्रतीत होता है.
क्रिकेट का सबसे लंबा सफर
सचिन तेंदुलकर ने मात्र 16 साल की उम्र में डेब्यू किया और 40 साल की उम्र तक देश के लिए खेलते रहे. उनका इंटरनेशनल क्रिकेट करियर 24 साल और 1 दिन का रहा. आज के समय में जहां खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेजमेंट और चोटें उनके करियर को छोटा कर देती हैं, वहां ढाई दशक तक शीर्ष स्तर पर खेलना एक चमत्कार जैसा है. इसी तरह, वनडे क्रिकेट में उनका सफर 22 साल और 91 दिनों तक चला. श्रीलंका के सनथ जयसूर्या 21 साल तक खेलकर उनके करीब जरूर आए, लेकिन वह भी सचिन को पीछे नहीं छोड़ सके. यह रिकॉर्ड बताता है कि सचिन की फिटनेस और खेल के प्रति उनका समर्पण किस स्तर का था.
मैदान पर सबसे ज्यादा उपस्थिति और सम्मान
सचिन तेंदुलकर दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं। उनके नाम कुल 664 मैच दर्ज हैं. महेला जयवर्धने 652 मैचों के साथ इस रिकॉर्ड के पास आकर रिटायर हो गए. मौजूदा खिलाड़ियों में विराट कोहली 559 मैचों के साथ सक्रिय हैं, लेकिन क्रिकेट के बदलते स्वरूप और सीमित फॉर्मेट में खेलने के फैसले के बाद, उनके लिए अगले 104 मैच खेलना लगभग नामुमकिन है. इतना ही नहीं, सचिन सिर्फ मैदान पर उतरते ही नहीं थे, बल्कि अपनी टीम को जीत भी दिलाते थे. वनडे क्रिकेट में उन्होंने सबसे ज्यादा 62 बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता है. विराट कोहली 45 बार यह सम्मान पा चुके हैं, लेकिन सचिन के रिकॉर्ड की बराबरी के लिए उन्हें अभी 18 और ऐसे प्रदर्शन करने होंगे जहां वह मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने जाएं.
एक अनोखा ऑलराउंड रिकॉर्ड
अक्सर लोग सचिन को सिर्फ एक महान बल्लेबाज के रूप में याद करते हैं, लेकिन वह गेंद के साथ भी उतने ही चतुर थे. सचिन तेंदुलकर के नाम वनडे क्रिकेट में एक ऐसा रिकॉर्ड है जो शायद ही कभी टूटे. वह दुनिया के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने 15,000 से अधिक रन बनाने के साथ-साथ 150 से अधिक विकेट (कुल 154 विकेट) भी लिए हैं. उनकी ‘गोल्डन आर्म’ ने भारत को कई ऐसे मैचों में जीत दिलाई जहां विशेषज्ञ गेंदबाज नाकाम रहे थे.


