Last Updated:
सुल्तानपुर के कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, सब्जी की खेती में बेहतर पैदावार के लिए मिट्टी की सही तैयारी बेहद जरूरी है. मृदा परीक्षण से पोषक तत्वों की कमी का पता चलता है, जबकि जैविक खाद के उपयोग और दोमट मिट्टी के चयन से उत्पादन क्षमता बढ़ती है. सही pH स्तर (6–7) बनाए रखने से फसल स्वस्थ रहती है और किसानों को अधिक लाभ मिलता है.
सुल्तानपुर: आजादी के बाद से ही भारत को कृषि आधारित देश माना जाता रहा है और आज भी देश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है. यही वजह है समय के साथ भारतीय किसानी में काफी परिवर्तन आया है, जहां अब पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों का भी उपयोग तेजी से बढ़ा है. यही कारण है कि कृषि पैदावार में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. वहीं अगर हम सब्जी की खेती की बात करें, तो यह किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प बन चुकी है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आइए जानते हैं कि सब्जी की खेती शुरू करने से पहले मिट्टी को किस प्रकार तैयार करें और किन-किन सुधारों को अपनाकर बेहतर पैदावार हासिल किया जा सकता है.
मिट्टी की जांच है जरूरी
मृदा परीक्षण प्रयोगशाला सुल्तानपुर में कार्यरत मृदा विशेषज्ञ सौरभ तिवारी ने लोकल 18 से कहा कि किसी भी सब्जी की खेती करने से पहले हमें उस खेत की मिट्टी की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए, ताकि हमें यहां पता चल सके की हमारी मृदा में कौन से पोषक तत्वों की कमी है और उसे कमी को हम कैसे दूर करें. मिट्टी के परीक्षण के बाद हमारे सब्जियों की फसल में कई गुना बढ़ोतरी हो सकती है और इसके साथ ही सब्जियों के पौधों में लगने वाले कीट और रोग से भी निदान पाया जा सकता है.
इस खाद का करें इस्तेमाल
सब्जी की खेती करने से पहले जब हम खेतों को तैयार करने लगे तो हमें यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि सब्जी की फसल में रसायनों की मात्रा कम हो बल्कि इसके स्थान पर जैविक खाद का प्रयोग अधिक मात्रा में हो इससे सब्जी की फसल की पैदावार में भी बढ़ोत्तरी होती है और सब्जी का स्वाद भी प्राकृतिक रूप से अच्छा होता है. दोमट मिट्टी में हम जब जैविक खाद का इस्तेमाल करते हैं तो इससे हमारे सब्जी की पैदावार में और अधिक बढ़ोत्तरी होती है.
सब्जियों की खेती के लिए कौन सी मिट्टी रहेगी बेस्ट
वैसे तो सब्जियों की खेती कई कारकों पर निर्भर करती है जैसे जलवायु सिंचाई के संसाधन रसायनों की उपलब्धता बीजों की गुणवत्ता आदि लेकिन अगर हम खेतों की मिट्टी की बात करें, तो सब्जी की खेती के लिए सबसे उपयुक्त दोमट चिकनी मिट्टी मानी जाती है, क्योंकि इस मिट्टी में सिंचाई करने पर नमी अधिक दिनों तक रहती है और इसमें उत्पादन क्षमता भी अधिक होती है.
सब्जियों की खेती करने के लिए दोमट मिट्टी बेहतर मानी जाती है.वहीं सब्जी की खेती के लिए मिट्टी का पी एच मान 6 से 7 के बीच होना चाहिए, जो थोड़ा अम्लीय से उदासीन माना जाता है. क्योंकि ज्यादातर सब्जियों के लिए 6.5 पी एच को सबसे उपयुक्त माना जाता है.
About the Author
विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


