4 C
Munich

सांपों के छिपने का ये है पसंदीदा जगह, गेहूं कटाई के साथ बढ़ा खतरा, अंधविश्वास के बजाए करें ये काम

Must read


Last Updated:

Pilibhit News: तराई के जनपदों में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होते ही सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने लगी हैं. चिलचिलाती गर्मी और खेतों से फसल साफ होने के कारण सांपों के प्राकृतिक ठिकाने खत्म हो गए हैं, जिससे वे सुरक्षित स्थानों और ठंडक की तलाश में रिहायशी इलाकों, घरों और बगीचों की ओर रुख कर रहे हैं. आइए जानते हैं कि सांपों से सामना हो जाए, तो क्या करें.

पीलीभीत: तराई के जनपदों में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होते ही सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने लगी हैं. चिलचिलाती गर्मी और खेतों से फसल साफ होने के कारण सांपों के प्राकृतिक ठिकाने खत्म हो गए हैं, जिससे वे सुरक्षित स्थानों और ठंडक की तलाश में रिहायशी इलाकों, घरों और बगीचों की ओर रुख कर रहे हैं. खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों के लिए यह समय विशेष सावधानी बरतने का है, क्योंकि झाड़ियों और फसलों के हटने से सांपों का सीधा सामना इंसानों से हो रहा है.

सांपों के छिपने की पसंदीदा जगह
आमतौर पर देखा जाता है कि घरों या खेतों में सांप निकलने पर लोग दहशत में आकर उन पर हमला कर देते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति में सांप को मारना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि वह केवल आत्मरक्षा में ही हमला करता है. विशेषज्ञों का मानना है कि घरों के आसपास कबाड़ या लकड़ियां जमा न होने दें, क्योंकि ये सांपों के छिपने के पसंदीदा स्थान हैं. रात में फर्श पर सोने से बचें और मच्छरदानी का प्रयोग करें, जो न केवल मच्छरों बल्कि रेंगने वाले जीवों से भी सुरक्षा प्रदान करती है.

यदि सामना हो जाए, तो सांप से कम से कम 5-6 फीट की दूरी बनाए रखें. खेतों में काम करते समय पैरों में जूते और हाथों में ग्लव्स पहनना सुरक्षा का सबसे प्राथमिक तरीका है. साथ ही रात के समय टॉर्च का अनिवार्य प्रयोग सर्पदंश की घटनाओं को काफी हद तक कम कर सकता है. सर्पदंश होने की स्थिति में झाड़-फूंक और घरेलू उपचार के बजाय तत्काल अस्पताल जाना ही एकमात्र विकल्प है.

पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा
लोकल 18 से बातचीत में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि सांप वास्तव में पारिस्थितिकी तंत्र का एक अभिन्न हिस्सा हैं और वे फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों को खाकर किसानों की मदद ही करते हैं. सिंह ने अपील की है कि सांप दिखने पर घबराएं नहीं और उसे सुरक्षित रास्ता दें, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में वापस जा सके.

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सांप किसी घर या बंद जगह में फंसा हो, तो उसे मारने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि विशेषज्ञ टीम उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर सके. मनीष सिंह ने जोर दिया कि सर्पदंश होने पर बिना समय गंवाए मरीज को सरकारी अस्पताल ले जाएं, जहां एंटी-वेनम उपलब्ध है, क्योंकि अंधविश्वास और देरी जानलेवा साबित हो सकती है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article