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9 करोड़ की लागत से तैयार सहारनपुर तहसील में दरार ही दरार, लापरवाही और गड़बड़ी की आशंका, जांच के बाद कार्रवाई

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Saharanpur News: सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में बनी तहसील मुख्यालय की इमारत अब दरारों वाली इमारत बन गई है. सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि भवन में पड़ी बड़ी-बड़ी दरारों को छिपाने के लिए स्टील की प्लेट लगाई गई है यानी खामियों को ठीक करने के बजाय उन्हें ढकने की कोशिश की गई.

सहारनपुर: सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में नौ करोड़ रुपये की लागत से बना तहसील मुख्यालय अब गंभीर स्थिति में नजर आ रहा है. महज छह महीने के भीतर ही नवनिर्मित भवन में दरारें ही दरारें दिखाई देने लगी हैं, जिससे निर्माण में संभावित भ्रष्टाचार की आशंका गहरा गई है. इस इमारत से बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था की उम्मीद थी, वहीं अब लापरवाही और गड़बड़ी की कहानी बयां कर रही है. सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि भवन में पड़ी बड़ी-बड़ी दरारों को छिपाने के लिए स्टील की प्लेट लगाई गई है यानी खामियों को ठीक करने के बजाय उन्हें ढकने की कोशिश की गई.

इतना ही नहीं, पूरे भवन के अंदरूनी हिस्सों से लेकर दीवारों तक कई जगह दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जो निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है. यह तहसील भवन 3 नवंबर 2025 को पूरे तरीके से बनकर तैयार होने के साथ इसमें प्रशासनिक कार्य शुरू हुआ था, जबकि इससे पहले तहसील 18 साल तक देवबंद रोड स्थित मंडी समिति परिसर में अस्थायी रूप से संचालित हो रही थी. करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद इतनी जल्दी भवन का खराब होना सीधे तौर पर निर्माण में अनियमितताओं की ओर इशारा करता है.

संपूर्ण समाधान दिवस के दिन बिल्डिंग में दरार की शिकायत
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एसडीएम डॉ. पूर्वा शर्मा की सूचना पर पूर्व जिलाधिकारी मनीष बंसल और मुख्य विकास अधिकारी सुमित महाजन ने मौके पर निरीक्षण किया था. निरीक्षण में एसडीएम कार्यालय की छत के बीम, बरामदों और अन्य हिस्सों में दरारें और सीलन देखी गई, जिस पर पूर्व जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और जांच के आदेश दिए.

जांच के बाद गिरेगी कई अधिकारियों पर गाज
सीडीओ सुमित राजेश महाजन ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है, जो विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी. रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही तहसील परिसर में पौधारोपण कराने के निर्देश भी दिए गए हैं. गौरतलब है कि इससे पहले भी तहसील भवन का फर्श कई जगह से धंस चुका है, जिसे ठेकेदार की ओर से ठीक कराया गया था. अब बार-बार सामने आ रही खामियों और दरारों को छुपाने की कोशिशों ने इस पूरे निर्माण कार्य में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही की आशंका को और मजबूत कर दिया है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



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