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गोंडा का रामनाथ आरोग्य धाम बना मरीजों की नई उम्मीद! जड़ी-बूटियों के जादू से ठीक हो रही कई पुरानी बीमारियां

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Gonda News: गोंडा का एक छोटा सा गांव जयप्रभा आज पूरे प्रदेश के लिए स्वास्थ्य सेवा की नई उम्मीद बनकर उभरा है. यहां स्थित रामनाथ आरोग्य धाम में आयुर्वेदिक पद्धति से लाइलाज मानी जाने वाली कई बीमारियों का भी सफल इलाज किया जा रहा है. 1992 से चली आ रही इस चिकित्सा पर लोगों का भरोसा इतना बढ़ा है कि अब यहां सिर्फ गोंडा ही नहीं, बल्कि अयोध्या, बस्ती और बहराइच जैसे कई जिलों से मरीज आ रहे हैं.

गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित रामनाथ आरोग्य धाम इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है. विकासखंड इटियाथोक के जयप्रभा गांव में स्थित यह केंद्र आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज के लिए अपनी खास पहचान बना चुका है. यहां की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां जटिल से जटिल बीमारियों का उपचार जड़ी-बूटियों के जरिए किया जाता है. यही वजह है कि आज यहां मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है और लोग एलोपैथी की जगह आयुर्वेद पर भरोसा जता रहे हैं.

किन बीमारियों का होता है इलाज?
आरोग्य धाम के वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा ने बताया कि यहां जुकाम, बुखार और त्वचा रोगों से लेकर पेट की गंभीर समस्याओं का सफल इलाज किया जाता है. इसके अलावा बवासीर, भगंदर और दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए भी बड़ी संख्या में मरीज यहां पहुंचते हैं. डॉक्टर के मुताबिक, हर मरीज की तासीर और बीमारी के हिसाब से उन्हें खास तौर पर तैयार की गई आयुर्वेदिक दवाएं दी जाती हैं.

आसपास के जिलों से पहुंच रहे हैं मरीज
रामनाथ आरोग्य धाम की ख्याति अब गोंडा की सीमाओं को पार कर गई है. डॉ. अभिषेक ने बताया कि यहां श्रावस्ती, बलरामपुर, बहराइच, बस्ती, सिद्धार्थनगर और अयोध्या जैसे कई जिलों से मरीज अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं. दूर-दराज से लोगों के आने की वजह से यह गांव अब एक बड़े स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है.

इलाज में कितना समय लगता है?
आयुर्वेदिक इलाज में लगने वाले समय को लेकर डॉ. अभिषेक बताते हैं कि कुछ बीमारियां जल्दी ठीक हो जाती हैं, जबकि पुरानी बीमारियों में थोड़ा समय लगता है. सामान्य समस्याओं में मरीज को 21 से 40 दिनों के भीतर राहत महसूस होने लगती है. वहीं गंभीर या जटिल बीमारियों के इलाज में तीन से छह महीने का समय लग सकता है. कुछ विशेष मामलों में मरीजों को एक से डेढ़ साल तक लगातार उपचार कराना पड़ता है ताकि बीमारी जड़ से खत्म हो सके.

खुद तैयार करते हैं जड़ी-बूटियां
यहां आने वाले एक मरीज विशाल ने बताया कि वे लंबे समय से बाल झड़ने की समस्या से परेशान थे. कई जगह इलाज कराने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ, लेकिन रामनाथ आरोग्य धाम में डेढ़ महीने दवा लेने के बाद अब उन्हें काफी राहत है. डॉ. अभिषेक ने बताया कि वे 1992 से इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और यहां दी जाने वाली अधिकांश औषधियां और जड़ी-बूटियां वे खुद तैयार करते हैं, जिससे इनका असर मरीजों पर जल्दी और सटीक होता है.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें



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