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प्रफुल्ल के पेसर बनने में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज का बड़ा हाथ, पिता ने किया खुलासा, ब्रिसबेन जाकर किया था गेंदबाजी पर काम

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नई दिल्ली. ड्रीम डेब्यू करने वाले प्रफुल्ल के पिता प्रकाश हिंगे बहुत खुश हैं, लेकिन आईपीएल में अपने बेटे प्रफुल्ल के शानदार डेब्यू का जश्न मनाते वक्त वह काफी शांत रहते हैं. हिंगे परिवार को पता भी नहीं था कि उनका बेटा सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलेगा या नहीं. प्रकाश, जो पहले अकाउंटेंट थे, ने बताया कि हमें पता था कि वह इम्पैक्ट प्लेयर्स की लिस्ट में है, इसलिए पंजाब के खिलाफ खेलना था. हम उससे कभी नहीं पूछते कि वह खेल रहा है या नहीं. वह रोज रात 10 बजे सोने से पहले फोन करता है.

हमारी बातचीत बस सामान्य होती है, जैसे खाना खाया.’ उन्होंने कहा, ‘कल जब मैच शुरू हुआ तो हमने टीवी पर देखा कि वह डेब्यू करेगा, इसलिए हम खुश थे.’ जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, उनकी खुशी भी बढ़ती गई क्योंकि प्रफुल्ल ने अपने शुरुआती स्पेल में दो ओवर में छह रन देकर चार विकेट लिए और सनराइजर्स की 57 रन की जीत में बड़ी भूमिका निभाई.

तेरह की उम्र से वो करता था तेज गेंदबाजी

नागपुर के रहने वाले प्रकाश ने याद किया जब उन्होंने अपने बेटे की क्रिकेट में रुचि देखकर उसे जिमखाना क्लब में दाखिला दिलाया था, तब वह करीब 13 साल का था. प्रकाश ने कहा, ‘मैं अपने मोहल्ले की गलियों में खेलता था. मेरे बेटे को इसमें रुचि थी, इसलिए मैंने उसे एक स्थानीय अकादमी में दाखिला दिला दिया. मैंने उसे संतुलन बनाए रखने को कहा, लेकिन साथ ही उसे अपना रास्ता चुनने की आजादी भी दी.’ एक बार जब प्रफुल्ल विदर्भ की अंडर-16 टीम में शामिल हो गया, तो उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज प्रशांत वैद्य ने प्रफुल्ल को चेन्नई के एमआरएफ पेस फाउंडेशन में भेजने की सलाह दी. प्रकाश ने कहा, ‘वीसीए के साथ रहे प्रशांत वैद्य सर ने सुझाव दिया था कि प्रफुल्ल को एमआरएफ पेस अकादमी में विशेषज्ञों के साथ ट्रेनिंग लेनी चाहिए.’ प्रफुल्ल को पीठ की चोट भी लगी, लेकिन वह जल्दी फिट हो गया.

मैकग्रा से मिला मार्गदर्शन

एमआरएफ पेस फाउंडेशन के कोच एम सेंथिलनाथन और वरुण आरोन (जो अब सनराइजर्स के गेंदबाजी कोच हैं) ने उसकी प्रतिभा को निखारा. इसके बाद उसने अंडर-23 और सीनियर विदर्भ टीम में भी अच्छा प्रदर्शन किया. उनके पिता ने कहा, ‘मैं एमआरएफ पेस फाउंडेशन, सेंथिल सर, वरुण सर का जितना भी धन्यवाद करूं, वह कम है. अगर वह आईपीएल तक पहुंचा है, तो इसका श्रेय उन्हीं को जाता है. ग्लेन मैकग्रा ने भी प्रफुल्ल का हौसला बढ़ाया और वह हाई परफॉर्मेंस कोच से ट्रेनिंग के लिए ब्रिस्बेन गया.’ जब सेंथिलनाथन से पूछा गया कि उन्होंने पेस फाउंडेशन में प्रफुल्ल की ट्रेनिंग कैसे प्लान की, तो उन्होंने कहा, ‘जब वह 2023 में हमारे पास आया तो उसकी पीठ में खिंचाव था, सबसे पहले हमने उसका इलाज किया. उसकी लाइन और लेंथ बहुत अच्छी है, लेकिन इसका पूरा फायदा उठाने के लिए हमें उसकी फिटनेस पर काम करना था.

घरेलू क्रिकेट में विकेट ही विकेट

उन्होंने कहा, ‘इसके बाद हमने उसकी गेंदबाजी पर काम किया. यह छह महीने का प्रोग्राम था. हमने उसे 2023 के घरेलू सीजन के लिए फिट और तैयार किया. उसने अच्छा प्रदर्शन किया.’ तमिलनाडु के इस पूर्व बल्लेबाज ने इसके लिए फाउंडेशन के कोचिंग डायरेक्टर और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज मैकग्रा को श्रेय दिया, जिन्होंने प्रफुल्ल की मदद की थी. उन्होंने कहा, ‘रणनीतिक पक्ष की बात करें तो मैकग्रा शायद दुनिया में सबसे अच्छे हैं. उन्हें पता है कि किस लेंथ और लाइन पर गेंदबाजी करनी है, नई और पुरानी गेंद का इस्तेमाल कैसे करना है, और सबसे जरूरी बात बड़े मैच के दबाव को कैसे संभालना है. ये वो चीजें हैं जो मैकग्रा सिखाते हैं, जो उसके लिए बहुत मददगार साबित होंगी.’



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