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IPL 2026 की नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने अकील हुसैन को ₹2 करोड़ में अपनी टीम में शामिल किया. यह केवल एक साधारण खरीद नहीं थी; यह जडेजा के राजस्थान रॉयल्स में जाने के बाद खाली हुई जगह को भरने की एक सोची-समझी रणनीति थी. अकील ने न केवल जडेजा की जगह ली, बल्कि उनके खेल के अंदाज़ को भी मैदान पर उतार दिया है.
अकील होसिन ने 13 साल बाद अपना सपना आईपीएल में पूरा किया
नई दिल्ली. “एक दिन… मैं उनके जैसा खिलाड़ी बनना चाहता हूँ…”यह शब्द किसी ज्योतिषी के नहीं, बल्कि वेस्टइंडीज के एक उभरते हुए युवा क्रिकेटर अकील हुसैन के थे, जिन्होंने साल 2013 में रवींद्र जडेजा की प्रशंसा करते हुए यह ट्वीट किया था. किसे पता था कि ठीक 13 साल बाद, नियति उन्हें उसी जगह खड़ा कर देगी जहाँ उनके आदर्श कभी राज किया करते थे.
IPL 2026 की नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने अकील हुसैन को ₹2 करोड़ में अपनी टीम में शामिल किया. यह केवल एक साधारण खरीद नहीं थी; यह जडेजा के राजस्थान रॉयल्स में जाने के बाद खाली हुई जगह को भरने की एक सोची-समझी रणनीति थी. अकील ने न केवल जडेजा की जगह ली, बल्कि उनके खेल के अंदाज़ को भी मैदान पर उतार दिया है.
मुंबई इंडियंस के खिलाफ ‘कोल्ड’ तबाही
23 अप्रैल 2026 को वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए ‘एल क्लासिको’ में अकील हुसैन ने जो किया, उसने क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया. बाएं हाथ के स्पिनर ने मैजिकल स्पेल फेंका, 4 ओवर, 17 रन और 4 महत्वपूर्ण विकेट. विकेट लेने के बाद अकील का शांत और बेखौफ ‘कोल्ड’ अंदाज़ सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.उन्होंने सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा जैसे दिग्गजों को पवेलियन भेजकर मुंबई की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी.
वैरिएशन से किया वार
अकील का टप्पा सटीक ये हर कोई जानता है पर इन दिनों खासतौर पर आईपीएल के लिए उन्होंने जिस तरह की तैयारी की और अपनी ऑर्म बॉल के साथ गेंद को ड्रिफ्ट और टर्न कराने में सफल रहे वो हर किसी को हैरान कर रहा है. मालेवाल और नमन धीर को जिन गेंदो पर आउट किया वो हवा में स्वर्ब हुई और पिच से पड़ कर थोड़ा घूमी जिसकी वजह से बल्लेबाज उनके ट्रैप में फंस गए. अकील जिस वक्त पर अपना फॉर्म दिखाया है वो आने वाले मैचों में बाकी टीमों के लिए भी बड़ा खतरा साबित हो सकते है.
आधुनिक टी20 में पुरानी स्कूल वाली कंजूसी
2026 का दौर वह है जहाँ 200+ का स्कोर अब सुरक्षित नहीं माना जाता, लेकिन अकील हुसैन इस शोर के बीच एक अलग ही शांति बिखेर रहे हैं. टूर्नामेंट में अब तक उनकी इकोनॉमी रेट 6.3 के करीब रही है, जो इस ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के युग में किसी चमत्कार से कम नहीं है. जडेजा की तरह ही अकील भी नई गेंद से रन रोकने और विकेट चटकाने में माहिर साबित हो रहे हैं. CSK के प्रशंसकों के लिए यह राहत की बात है कि ‘सर जडेजा’ की विरासत अब एक ऐसे खिलाड़ी के हाथों में है जिसने इसे पाने का सपना एक दशक पहले ही देख लिया था.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें


