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कृषि सलाहकार नरेंद्र पटेल ने कहा कि बेल का पेड़ एक बार लगाने के बाद 100 से 200 साल तक फल दे सकता है.इसका मतलब है कि एक ही पौधा कई पीढ़ियों तक कमाई का जरिया बन सकता है.एक पेड़ से सालाना करीब 10 से 15 हजार रुपये तक की आमदनी हो सकती है.
आज के समय में किसान पारंपरिक खेती छोड़कर बागवानी फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. इन्हीं में बेल की खेती किसानों के लिए कम लागत और ज्यादा मुनाफे का बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही है.कम खर्च और लंबे समय तक आय देने के कारण खेती किसानों को खूब आकर्षित कर रही है.
कम पानी और खराब जमीन में भी होती है खेती
बेल का पौधा बेहद मजबूत और टिकाऊ होता है.यह कम पानी, सूखा मौसम और कमजोर या बंजर जमीन में भी आसानी से उग जाता है. इसी वजह से जिन क्षेत्रों में सिंचाई की कमी है. वहां के किसानों के लिए यह फसल बहुत फायदेमंद साबित हो रही है.
एक बार लगाओ, सालों तक मिलेगा फल
बेल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बार-बार लगाने की जरूरत नहीं होती.एक बार पौधा लगाने के बाद किसान कई सालों तक इससे फल प्राप्त कर सकते हैं.यह एक दीर्घकालिक कमाई का मजबूत साधन बन जाता है.
एक्सपर्ट की राय पीढ़ियों तक देगा मुनाफा
LOCAL 18 से बातचीत में कृषि सलाहकार नरेंद्र पटेल बताते हैं कि बेल का पेड़ एक बार लगाने के बाद 100 से 200 साल तक फल दे सकता है.इसका मतलब है कि एक ही पौधा कई पीढ़ियों तक कमाई का जरिया बन सकता है.एक पेड़ से सालाना करीब 10 से 15 हजार रुपये तक की आमदनी हो सकती है.
गर्मियों में बढ़ जाती है भारी डिमांड
गर्मी के मौसम में बेल के फल और उसके शरबत की मांग बाजार में तेजी से बढ़ जाती है।
यह फल शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है।
इसी वजह से बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है.
कम लागत, ज्यादा मुनाफा
बेल की खेती में ज्यादा खाद, पानी या दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ती.इसमें कीटनाशकों का छिड़काव भी बहुत कम या नहीं करना पड़ता है.कम लागत में अच्छी पैदावार होने के कारण किसानों को इसमें ज्यादा मुनाफा मिलता है.
एक एकड़ में लाखों की कमाई संभव
अगर किसान सही तरीके से बेल की बागवानी करते हैं, तो एक एकड़ में डेढ़ से दो लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं.यह फसल साल में एक बार तैयार होती है, लेकिन मुनाफा काफी अच्छा देती है.
पौधों की दूरी का रखें ध्यान
बेल की अच्छी पैदावार के लिए पौधों की सही दूरी रखना जरूरी है.सामान्य पौधों के लिए 8×8 मीटर दूरी उपयुक्त मानी जाती है.बीजू (सीडलिंग) पौधों के लिए 10×10 मीटर दूरी रखनी चाहिए एक एकड़ जमीन में करीब 100 से 110 पौधे आसानी से लगाए जा सकते हैं.
बंजर जमीन को बना सकती है कमाई का जरिया
बेल की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बंजर और खाली पड़ी जमीन पर भी किया जा सकता है.इससे किसानों की बेकार जमीन भी आय का स्रोत बन सकती है.बेल की खेती किसानों के लिए एक शानदार और टिकाऊ विकल्प है, जिसमें कम लागत में लंबे समय तक मुनाफा मिलता है.गर्मी में इसकी बढ़ती मांग और सेहत से जुड़े फायदों के कारण यह फसल भविष्य में किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत जरिया बन सकती है.


