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3 वजह… जिसके कारण 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर बने रहेंगे अजीत अगरकर

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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में इन दिनों हलचल तेज है. टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर के रूप में अजीत अगरकर का कार्यकाल इस साल जून में समाप्त होने वाला था, लेकिन मीडिया रिपोर्ट ने भारतीय क्रिकेट जगत को चौंका दिया है.बताया जा रहा है कि बीसीसीआई अगरकर के काम और विजन पर भरोसा जताते हुए उनके कार्यकाल को एक साल के लिए और बढ़ा दिया है. अब वह जून 2027 तक मुख्य चयनकर्ता की कुर्सी पर बने रहेंगे.

‘इंडियन एक्सप्रेस’की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई (BCCI) ने अजीत अगरकर (Ajit Agarkar) के कार्यकाल को 2007 विश्व कप तब बढ़ा दिया है. हालांकि बीसीसीआई की ओर से अभी इसका आधिकारिक ऐलान होना बाकी है, लेकिन पर्दे के पीछे की तैयारी साफ है कि बोर्ड अगले वनडे वर्ल्ड कप (2027) के लिए स्थिरता चाहता है. आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर बोर्ड ने अगरकर पर इतना बड़ा दांव क्यों लगाया और उनके अब तक के सफर की बड़ी उपलब्धियां क्या रही हैं. अगरकर के कार्यकाल बढ़ाने की 3 बड़ी वजहें ये हो सकती हैं.

2027 वनडे विश्व कप कप भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर पद पर बने रहेंगे अगरकर.

वनडे वर्ल्ड कप 2027 का लक्ष्य और निरंतरता
दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप में अब बहुत अधिक समय नहीं बचा है. किसी भी बड़े टूर्नामेंट को जीतने के लिए एक साल पहले से ही टीम का कोर तैयार करना होता है. बोर्ड का मानना है कि इस नाजुक मोड़ पर किसी नए व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपने से चयन प्रक्रिया में अस्थिरता आ सकती है. अजीत अगरकर ने पिछले दो वर्षों में टीम का एक ढांचा तैयार किया है. वे जानते हैं कि किस खिलाड़ी की क्या भूमिका है। बोर्ड चाहता है कि अगरकर ही उस ‘मिशन 2027’ को अंजाम दें, जिसकी शुरुआत उन्होंने की थी.

उपलब्धियों का सुनहरा रिकॉर्ड
अजीत अगरकर का कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल दौरों में से एक रहा है. उनके चीफ सेलेक्टर रहते हुए भारत ने न केवल द्विपक्षीय सीरीज जीतीं, बल्कि तीन बड़े आईसीसी खिताब अपने नाम किए. इसमें 2024 का टी20 वर्ल्ड कप, 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 का टी20 वर्ल्ड कप (डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में) शामिल है. जब टीम लगातार जीत रही हो, तो चयनकर्ता की सूझबूझ पर सवाल उठाना मुश्किल होता है.इन जीतों ने अगरकर की स्थिति को बेहद मजबूत कर दिया है.

कड़े फैसले लेने की क्षमता और ‘ट्रांजिशन’ का मैनेजमेंट
भारतीय क्रिकेट पिछले कुछ समय से ‘बदलाव के दौर’ (Transition Phase) से गुजर रहा है. विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों का टेस्ट और टी20 से धीरे-धीरे हटना एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया थी। बीसीसीआई के एक अधिकारी के अनुसार, अगरकर ने इस बदलाव को बहुत सहज बनाया है। उन्होंने टीम के भविष्य को देखते हुए शुभमन गिल को टेस्ट और सूर्यकुमार यादव को टी20 की कमान सौंपने जैसे साहसी फैसले लिए. इसके अलावा, ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों के मामले में लचीला रुख अपनाते हुए प्रदर्शन के आधार पर उनकी वापसी कराना यह दर्शाता है कि अगरकर का दृष्टिकोण व्यक्तिगत न होकर ‘रिजल्ट ओरिएंटेड’ हैं.

श्रेयस अय्यर टीम इंडिया के टी20 फॉर्मेट में कप्तान बन सकते हैं
मौजूदा आईपीएल सीजन के बीच पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. रिपोर्टों के अनुसार, अय्यर भारतीय टी20 टीम के अगले कप्तान के रूप में एक मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं. चयनकर्ता उनके प्रदर्शन और कप्तानी कौशल पर पैनी नजर रख रहे हैं. यह माना जा रहा है कि बोर्ड उन्हें एक नई नेतृत्व भूमिका के साथ टी20 सेटअप में वापस लाने के लिए काफी उत्सुक हैं.

श्रेयस अय्यर का आईपीएल कप्तानी का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है. साल 2018 में गौतम गंभीर के पद छोड़ने के बाद उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स की कमान संभाली और 2020 में टीम को फाइनल तक पहुंचाया. उनकी सबसे बड़ी सफलता 2024 में आई, जब उनके नेतृत्व में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने अपना तीसरा आईपीएल खिताब जीता. अब पंजाब किंग्स के साथ उनके शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है. उनकी निडर कप्तानी और सामने से टीम का नेतृत्व करने की क्षमता ने उन्हें भविष्य के भारतीय टी20 कप्तान की रेस में सबसे आगे खड़ा कर दिया है. अगर अय्यर इसी तरह का प्रभाव छोड़ते रहे, तो जल्द ही वे टीम इंडिया की कमान संभालते नजर आ सकते हैं.

एक शानदार खिलाड़ी और निडर चयनकर्ता
अजीत अगरकर केवल एक बेहतरीन रणनीतिकार ही नहीं, बल्कि अपने समय के शानदार ऑलराउंडर भी रहे हैं. उनके नाम कुछ ऐसे रिकॉर्ड हैं जो आज भी उनकी काबिलियत की गवाही देते हैं. अगरकर के नाम वनडे में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड है. साल 2000 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अगरकर ने मात्र 21 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था. यह रिकॉर्ड आज भी किसी भारतीय द्वारा वनडे में सबसे तेज है. उन्होंने मात्र 23 मैचों में अपने 50 वनडे विकेट पूरे किए थे, जो उस समय एक विश्व रिकॉर्ड था और आज भी भारत के लिए सबसे तेज है. अगरकर ने अपने करियर में 58 टेस्ट विकेट, 288 वनडे विकेट और 3 टी20 विकेट लिए हैं. रोचक बात यह है कि अगरकर उस टीम का भी हिस्सा थे जिसने 2007 में पहला टी20 वर्ल्ड कप जीता था. यानी उन्हें एक खिलाड़ी के तौर पर भी पता है कि वर्ल्ड चैंपियन बनने के लिए किस तरह के ‘एक्स-फैक्टर’ की जरूरत होती है.

क्या रोहित-विराट खेलेंगे 2027 वर्ल्ड कप?
कार्यकाल बढ़ने के साथ ही अगरकर के सामने सबसे बड़ा और पेचीदा सवाल फिर से खड़ा हो गया है. क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली 2027 के वनडे वर्ल्ड कप का हिस्सा होंगे? दोनों दिग्गज अब अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं, और अगरकर को यह तय करना होगा कि क्या वे युवा खून के साथ आगे बढ़ेंगे या अनुभव को तरजीह देंगे. इसके अलावा, टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया का हालिया प्रदर्शन चिंता का विषय रहा है. दक्षिण अफ्रीका में मिली हार और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 0-3 की शिकस्त ने चयन समिति पर दबाव बनाया है. अगरकर को अब लाल गेंद के क्रिकेट में भी वैसी ही धार वापस लानी होगी, जैसी उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में दिखाई है.



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