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Dilapidated Houses in Pali: पाली जिले के नारलाई (देसूरी) में एक जर्जर मकान का छज्जा गिरने से हड़कंप मच गया है. अचानक हुए इस हादसे में नीचे खड़ी तीन मोटरसाइकिलें मलबे में दबकर चकनाचूर हो गईं, हालांकि किसी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है. स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को कई बार इन जर्जर ढांचों के बारे में सूचित किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. मानसून से पहले हुई इस घटना ने पुराने गांवों में स्थित खंडहर मकानों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
Pali News: क्या आपके सिर पर भी मौत का साया मंडरा रहा है? पाली जिले के देसूरी उपखंड के नारलाई गांव में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरी जनता की नींद उड़ा दी है. यहाँ एक जर्जर मकान का भारी-भरकम छज्जा अचानक जोरदार धमाके के साथ नीचे आ गिरा. गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ. उस समय छज्जे के नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था और न ही कोई राहगीर वहां से गुजर रहा था. अन्यथा एक बड़ी जनहानि तय थी. इस हादसे में छज्जे के नीचे खड़ी तीन मोटरसाइकिलें मलबे की चपेट में आने से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं. अचानक हुए इस धमाके से पूरी गली में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया.
नारलाई के स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह मकान पिछले काफी समय से जर्जर हालत में था और इसके गिरने की आशंका पहले भी कई बार जताई जा चुकी थी. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और ग्राम पंचायत को जर्जर ढांचों के बारे में कई बार मौखिक रूप से सचेत किया गया. लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए. जिसका नतीजा आज इस हादसे के रूप में सामने आया है. नारलाई और आसपास के पुराने गांवों में ऐसे कई मकान हैं जो अब पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुके हैं. और सार्वजनिक रास्तों पर राहगीरों की जान के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं.
मानसून की आहट और जर्जर निर्माणों की पोल
गर्मी का सितम शुरू होते ही और आगामी मानसून की आहट के बीच बदले मौसम ने पुराने निर्माणों की पोल खोलकर रख दी है. अचानक आई तेज हवाओं और बारिश के कारण कमजोर हो चुके छज्जे और दीवारें अब कभी भी गिर सकती हैं. ग्रामीणों का मानना है कि अगर समय रहते इन जर्जर मकानों की मरम्मत या इन्हें हटाने का काम नहीं किया गया. तो आने वाली बारिश में स्थितियां और भी भयावह हो सकती हैं. यह घटना एक चेतावनी है कि जर्जर निर्माणों के प्रति दिखाई गई छोटी सी लापरवाही किसी निर्दोष की जान ले सकती है.
विशेष सर्वे और सख्त कार्रवाई की उठी मांग
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने उपखंड प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि मानसून के सक्रिय होने से पहले पूरे गांव का विशेष सर्वे करवाया जाए. ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक रास्तों पर स्थित सभी खतरनाक मकानों की पहचान की जाए. और उनके मालिकों को या तो मरम्मत करने के सख्त निर्देश दिए जाएं या फिर सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें तुरंत हटवाया जाए. प्रशासन को इस दिशा में बिना किसी देरी के कार्रवाई करने की जरूरत है. ताकि भविष्य में नारलाई जैसी किसी और अनहोनी को टाला जा सके और लोगों का जीवन सुरक्षित रहे.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें





