Dog Bite First aid: हाल ही में सतना से एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई थी, जब एक ही कुत्ते ने गहरा नाला से लेकर अस्पताल चौक के बीच 40 लोगों को काट लिया. डॉग बाइट की इस घटना से पूरे शहर में हड़कंप मच गया था. जब भी कुत्ते के काटने की घटना होती है तो पीड़ित बौखला जाता है और उसे समझ में नहीं आता कि क्या करे? कई बार इसी कन्फ्यूजन में देर हो जाती है और जो इलाज समय रहते बेहतर हो सकता है, वह नहीं हो पाता है. ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि कुत्ता काट ले तो सबसे पहले और तुरंत क्या करें?
डब्ल्यूएचओ की रेबीज के लिए प्री और पोस्ट एक्सपोजर प्रॉफिलेक्सिस इन ह्यूमन कहती हैं कि अगर कुत्ता काट ले तो पैनिक होने के बजाय वहीं रहकर फर्स्ट एड की इस प्रक्रिया को करें, ताकि कुत्ते के काटने से होने वाले संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके.
घाव को साबुन-पानी से अच्छे से धाएं
सबसे पहले घाव को पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं. इसके लिए बहते नल के नीचे पैर या हाथ जहां भी कुत्ते ने काटा है, उस अंग को ले जाएं और उस पर साबुन मलें और अच्छे से धोएं. ऐसा कम से कम 15 से 20 मिनट तक लगातार करें, ताकि 90 फीसदी तक रेबीज का इन्फेक्शन दूर हो जाए.
अक्सर लोग खून निकलने के बाद उसे पानी और साबुन से धोने से घबराते हैं और उन्हें ये भ्रांति होती है कि कहीं साबुन और पानी लगने से इन्फेक्शन न हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं होता, उल्टा यह मेडिकल साइंस में इलाज है और इसका बहुत बड़ा फायदा होता है.
घाव को जोर से रगड़ें नहीं, सिर्फ धोएं
वहीं नेशनल रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम की गाइडलाइंस कहती हैं कि अगर खून ज्यादा बह रहा हो तो साफ कपड़े या पट्टी से हल्का दबाव डालकर रोकें, लेकिन उसको कपड़े बांधें नहीं.
आप चाहें तो उस घाव पर एंटीसेप्टिक लगा सकते हैं. धोने के बाद अगर उपलब्ध हो तो पोविडोन आयोडीन (Betadine) या 70% अल्कोहल से घाव को डिसइन्फेक्ट कर सकते हैं. उस घाव पर मिट्टी, हल्दी, नीम, चूना, तेल या कोई भी घरेलू लेप बिल्कुल न लगाएं, ये संक्रमण बढ़ा सकते हैं.
घाव को खुला रखें
खून बहने की स्थिति में अक्सर लोग घाव को ढक देते हैं लेकिन ऐसा न करें. घाव पर पट्टी न बांधें और उसे खुलकर हवा लगने दें. सिर्फ खून ज्यादा बह रहा हो तभी ढकें.
इसके तुरंत बाद डॉक्टर के पास पहुंचें और एंटी रेबीज की वैक्सीन लगवाएं. कोशिश करें कि प्राथमिक उपचार के बाद जितनी जल्दी हो सके नजदीकी अस्पताल या रेबीज क्लिनिक जाएं. डॉक्टर घाव की गहराई, कुत्ते के प्रकार (पालतू या आवारा) और रेबीज वैक्सीनेशन स्टेटस देखकर फैसला करेंगे.
ये चीजें न करें
- . घाव पर चीरा न लगाएं.
- . टॉर्निकेट न बांधें.
- . इलाज में देरी न करें क्योंकि एक बार रेबीज का संक्रमण होने के बाद फिर इलाज कराना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में कोशिश करें कि रेबीज का टीका लगावाएं और उस टीके की खुराकों को पूरा करें.


