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यूपी में गर्मी को बाय-बाय, नोएडा, गाजियाबाद से लेकर लखनऊ तक झमाझम बरसे बदरा, जानें IMD का अलर्ट

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UP Weather Forecast: पूरे उत्तर प्रदेश में देर रात अचानक मौसम ने करवट ले ली. पूरी रात तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. राजधानी लखनऊ में सुबह करीब 8:20 बजे अचानक मौसम बदला और घने बादलों ने पूरे शहर को ढक लिया. सुबह 9 बजे तक ऐसा नजारा रहा मानो दिन में ही रात हो गई हो. कुछ ही मिनटों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया. वहीं, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, पीलीभीत, संभल से लेकर बरेली तक मौसम का रुख बदला रहा. मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों तक आंधी-बारिश का दौर जारी रहने का अलर्ट जारी किया है.

Aaj Ka Mausam: दोनों डीएप्टी सीएम की फ्लाइट डायवर्ट

लखनऊ में मौसम खराब होने से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की फ्लाइट डायवर्ट करनी पड़ी. दोनों डिप्टी सीएम की फ्लाइट भोपाल लैंड कराई गई. दिल्ली से लखनऊ जा रहे थे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक. बता दें, आज लखनऊ का तापमान 23 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. रविवार को अधिकतम तापमान 33.3°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.1°C कम रहा. वहीं न्यूनतम तापमान 21.4°C रहा और नमी का स्तर 56 से 63 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया.

CM Yogi on UP Weather Alert: खराब मौसम पर सीएम योगी की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें. साथ ही अभिभावकों से कहा गया है कि बच्चों को घर के अंदर ही रखें. किसानों को भी अपनी फसलों और पशुधन की सुरक्षा करने की सलाह दी गई है. सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जनहानि, पशुहानि और घायलों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया जाए. उन्होंने साफ कहा है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. राहत आयुक्त को फील्ड अधिकारियों के साथ सीधे समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.

UP Weather Update: कहां कैसा मौसम?

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक कहीं-कहीं हल्की बारिश होती रहेगी. वहीं 4 से 7 मई के बीच 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है. कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ ओले गिरने की संभावना भी है. हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल एक सप्ताह तक लू चलने के आसार नहीं हैं. मौसम विभाग के अनुसार, तराई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर खीरी में खराब मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है. इन क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है.

आखिर क्यों बदल रहा लखनऊ, कानपुर, नोएडा से लेकर आपके शहर तक मौसम?
मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर तक सक्रिय है. इसके साथ ही एक ट्रफ लाइन पंजाब से लेकर नॉर्थ-ईस्ट भारत तक बनी हुई है. इसी सिस्टम के असर से आज प्रदेश के पश्चिमी यूपी, मध्य यूपी और अन्य कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में आने वाले दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. इस बदलाव के चलते तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा. कुल मिलाकर अगले एक हफ्ते तक प्रदेश में ऐसा ही मौसम बना रहेगा और फिलहाल हीटवेव को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है.

लखीमपुर खीरी में फसलों को नुकसान
लखीमपुर खीरी में आज सुबह करीब 4 बजे से तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश का दौर जारी है. बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और मौसम सुहाना हो गया है. हालांकि इस बदलाव का असर खेती पर पड़ा है. दलहन और खीरे की फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.

संभल में बदला मौसम
संभल के गुन्नौर क्षेत्र में झमाझम बारिश हुई, जबकि जिले के अन्य इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बरसात देखने को मिली. रात करीब ढाई बजे से शुरू हुई बारिश का सिलसिला सुबह तक जारी रहा, जिससे कई खेतों में पानी भर गया और खेत तालाब जैसे नजर आने लगे. लगातार बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है.

पीलीभीत में तेज हवाओं के साथ बारिश
पीलीभीत में आज सुबह से तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हो रही है. बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और मौसम सुहाना हो गया है. हालांकि इस बारिश का असर किसानों पर पड़ा है. दलहन और खीरे की फसल को नुकसान पहुंचा है. वहीं शारदा नदी के किनारे बसे दर्जनों गांवों का संपर्क मार्ग भी प्रभावित हो गया है, जिससे लोगों की आवाजाही में दिक्कतें बढ़ गई हैं.



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