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Surshahi Laddu Ke Fayde: भीषण गर्मी और 45 डिग्री तक पहुंचते तापमान के बीच “सुरशाही लड्डू” एक खास देसी उपाय के रूप में सामने आया है. यह पारंपरिक मिठाई खास तौर पर गर्मियों में शरीर को ठंडक और ऊर्जा देने के लिए बनाई जाती है. स्थानीय लोगों का मानना है कि इस लड्डू में ऐसे प्राकृतिक तत्व होते हैं, जो लू और डिहाइड्रेशन से बचाव में मदद करते हैं. रोजाना दो लड्डू खाने से शरीर में ठंडक बनी रहती है और कमजोरी दूर होती है. यह लड्डू पारंपरिक विधि से तैयार किया जाता है और इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री शरीर को संतुलित रखने में सहायक होती है. गर्मी के इस मौसम में यह न केवल स्वादिष्ट विकल्प है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जा रहा है.
बीकानेर. रेगिस्तानी शहर बीकानेर जहां गर्मियों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है, वहीं यहां की पारंपरिक मिठाइयों में एक खास नाम “सुरशाही लड्डू” का है. यह लड्डू न केवल स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि इसे खाने से शरीर को ठंडक मिलती है और लू से बचाव में भी मददगार माना जाता है.
कभी यह लड्डू केवल राजा-महाराजाओं की शाही रसोई तक सीमित था, लेकिन अब यह आम लोगों के लिए भी उपलब्ध है और बीकानेर की पहचान बन चुका है. पारंपरिक स्वाद, स्वास्थ्य लाभ और खास बनाने की विधि के कारण “सुरशाही लड्डू” आज भी लोगों के दिलों पर राज कर रहा है.
टिकाऊ और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
बड़ा बाजार स्थित जेसराज शिवराज मिठाई के संचालक मुकेश तंवर ने बताया कि यह मिठाई बीकानेर की पुरानी परंपरा से जुड़ी हुई है. खास बात यह है कि इसमें खोया, मावा और दूध का इस्तेमाल नहीं किया जाता, जिससे यह लंबे समय तक सुरक्षित रहती है और गर्मी में खराब नहीं होती. पुराने समय में जब दूध की कमी होती थी, तब राजघरानों में इस तरह की मिठाई तैयार की जाती थी, जो टिकाऊ और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो.
बीकानेर या राजस्थान तक सीमित नहीं
मुकेश तंवर ने बताया कि उनके परिवार में यह मिठाई करीब 1916 से बनाई जा रही है. उन्होंने बताया कि इस लड्डू की डिमांड आज सिर्फ बीकानेर या राजस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि देश-विदेश तक पहुंच चुकी है. अमेरिका, लंदन, सऊदी अरब, अफ्रीका और हांगकांग जैसे देशों में भी इसकी सप्लाई की जाती है.
मुंह में रखते ही घुल जाता
सुरशाही लड्डू की बनावट इसे और खास बनाती है. यह इतना मुलायम होता है कि इसे चबाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि मुंह में रखते ही घुल जाता है. बाजार में इसके दो प्रकार उपलब्ध हैं. प्लेन लड्डू 480 रुपये किलो और केसर युक्त लड्डू 540 रुपये किलो बेचे जा रहे हैं. इस मिठाई की तासीर ठंडी मानी जाती है. इसमें शुद्ध देसी घी और गुलाबजल का इस्तेमाल किया जाता है, जो शरीर में ठंडक पहुंचाते हैं. गर्मी के मौसम में इसे खाने से पेट को राहत मिलती है और लू लगने की संभावना कम होती है. यही कारण है कि भीषण गर्मी में भी इसकी मांग लगातार बनी रहती है.
स्वाद और बनावट दोनों बेहतरीन
सुरशाही लड्डू को बनाने की प्रक्रिया काफी जटिल और सावधानी भरी होती है. इसे तैयार करने में 3 से 4 घंटे का समय लगता है. सबसे पहले चाशनी बनाई जाती है, फिर मैदा और घी को एक निश्चित अनुपात में मिलाया जाता है. एक किलो मैदा में लगभग तीन किलो घी डाला जाता है, जिससे इसका स्वाद और बनावट दोनों बेहतरीन बनते हैं.
मिठाई बनाते समय हर कण का सही तरह से सिकना बेहद जरूरी होता है. यदि प्रक्रिया में थोड़ी भी चूक हो जाए तो मिठाई खराब हो सकती है, जिसे पूरी तरह नष्ट करना पड़ता है. यही वजह है कि इस लड्डू को बनाने में अनुभव और सटीकता दोनों जरूरी हैं.
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