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रिपोर्ट के मुताबिक घटना के वक्त नदी के किनारे धीरु नाम का शख्स मौजूद था. उसने जैसे-तैसे पारुल और रिंकू को बाहर खींच लिया. वहीं नाव सवार विष्णु भी किसी तरह तैरकर बाहर निकल गया. नाव में सवार 9 लोगों में से 3 लोग बचा लिए गए.
हमीरपुर में नाव हादसे में 6 लोगों की जान चली गई.
हमीरपुरः उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के कुरारा थानाक्षेत्र के कुतुबपुर पटिया गांव में शादी की खुशी कैसे एक झटके में मातम में बदल गई. यह किसी को अंदाजा ही नहीं लगा. तरबूज, खरबूज और ककड़ी खाने की चाहत ने 6 लोगों को मौत के मुंह में धकेल दिया. रिश्तेदारी में आए बच्चे और उनके साथ एक महिला नाव से नदी पार कर रहे थे. लेकिन कब नाव ने काल के हिचकोले खा लिए किसी को पता नहीं चला. देखते ही देखते यमुना नदी में मदद के लिए चीख-पुकार की आवाज आने लगी. लेकिन बदकिस्मती देखिए इन लोगों की, जब यह लोग मदद की गुहार लगा रहे थे, तो ठीक उसी वक्त गांव की एक शादी में आया डीजे जा रहा था. इसके कारण उनकी चीख-पुकार गाने की तेज आवाज में दबकर रह गई.
कैसे धीरु ने बचाई 3 की जान
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक घटना के वक्त नदी के किनारे धीरु नाम का शख्स मौजूद था. उसने जैसे-तैसे पारुल और रिंकू को बाहर खींच लिया. वहीं नाव सवार विष्णु भी किसी तरह तैरकर बाहर निकल गया. नाव में सवार 9 लोगों में से 3 लोग बचा लिए गए. हालांकि 6 जिंदगियां गहरे पानी में दफन हो गई. हादसे में मृतकों की पहचान बृजरानी, लव्यांश, रानी, आकांक्षा, अर्चना और आदित्य उर्फ गोरे की मौत हो गई.
20 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
नाव दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़ंकप मच गया. स्थानीय पुलिस सबसे पहले मौके पर पहुंची. राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया. रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा लेकिन किसी की लाश नहीं मिली. गुरुवार सुबह जब फिर से रेस्क्यू शुरू किया गया, तब एक के बाद एक 6 शवों को बरामद कर लिया गया. अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार ने वर्मा कि 20 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी 6 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं. सभी का पोस्टमार्टम कराया गया है. मौके पर शांति व्यवस्था कायम है.
कैसे गई बृजरानी की जान
बृजरानी निषाद शादी में शामिल होने के लिए एक दिन पहले अपने बच्चों के साथ कोतूपुर पटिया आई थीं. उनके साथ बेटा लव्यांश और नन्हू भी था. पति पप्पू मजदूरी कर के परिवार चलाते हैं. नाव पलटने के बाद बृजरानी किसी तरह निकलने की कोशिश कर रही थी. तभी उनका बेटा लव्यांश डूबने लगा. बेटे को बचाने के लिए वह दोबारा गहरे पानी में चली गई और इसके चलते दोनों की जान चली गई.
तीन भाइयों की इकलौती बहन थी रानी
कोतूपुर पटिया गांव निवासी रानी तीन भाइयों श्याम सिंह, रविकांत और अंकुश की इकलौती बहन थी. पिता बच्चन मजदूरी कर परिवार चलाते हैं. रानी भौली गांव के स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा थी. बुधवार को वह रिश्तेदारों और बच्चों के साथ नाव से टापू पर गई थी. लौटते वक्त हादसे में उसकी मौत हो गई.
मौसी की बेटी की शादी में आई थी आकांक्षा
जलाला निवासी आकांक्षा अपनी मौसी की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए कोतूपुर पटिया आई थी. बुधवार को वह रिश्तेदारों और बच्चों के साथ नाव पर गई थी. हादसे में उसकी भी मौत हो गई.
चाची के साथ शादी में आई थी अर्चना
घाटमपुर निवासी अर्चना अपनी चाची के साथ रिश्तेदारी की शादी में शरीक होने आई थी. विदाई के बाद वह गांव में ही रुक गई थी. बुधवार की शाम को वह बच्चों के साथ नाव से यमुना पार टापू पर गई थी, जहां से लौटते वक्त वह भी हादसे की शिकार हो गई.
भाई घर लौट गया लेकिन आदित्य रुक गया
घाटमपुर के रहने वाला आदित्य अपने पिता महेश, मां और भाई के साथ शादी समारोह में आया था. वह कक्षा 6 का छात्र था. विदाई के बाद उसका भाई आशीष पिता के साथ घर लौट गया. लेकिन आदित्य रुक गया था. वह भी नाव में सवार था और लौटते वक्त डूब गया.
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Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें


