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चंदौली का साइको किलर गुरप्रीत कैसे चलते-फिरते रेंडम चुनता था अपना शिकार? क्‍यों हर वक्‍त गुस्‍से में रहता था

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Chandauli News: उत्तर प्रदेश का जिला चंदौली उस वक्त दहशत में आ गया, जब एक साइको किलर चलते-फिरते रेंडम लोगों की हत्या करने लगा. इस घटना ने न सिर्फ जनता को बल्कि पुलिस प्रशासन तक की टेंशन बढ़ा दी थी. मगर फिर अंजाम वही गुनाह करके कब तक कोई पुलिस से बच सकता है. आज सुबह एनकाउंटर में साइको किलर को पुलिस ने मार गिराया.

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साइको किलर की तस्वीर.

चंदौली: पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली में 24 घंटे के भीतर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाले कथित सीरियल साइको किलर का अंत आखिरकार पुलिस एनकाउंटर में हो गया. पंजाब के अमृतसर निवासी गुरप्रीत सिंह ने अलग-अलग ट्रेनों में दो यात्रियों और एक निजी अस्पताल में भर्ती महिला मरीज की गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस के अनुसार आरोपी को क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए ले जाया गया था, जहां उसने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से उसकी मौत हो गई. साइको किलर गुरप्रीत चलते-फिरते जिन रेंडम लोगों से चिढ़ जाता था उन्हें अपना शिकार बना लेता था. यह किलर हर वक्त गुस्से में रहता था. आइए जानते हैं साइको किलर की क्राइम कुंडली.

जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पड़ी गुरप्रीत की डेड बॉडी उस खौफनाक सिलसिले का अंत थी, जिसने पूरे पूर्वांचल में दहशत फैला दी थी. पुलिस के मुताबिक गुरप्रीत सेना का रिटायर्ड जवान था, जो 2021 में रिटायर होने के बाद बिहार के आरा में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था. शराब की लत के कारण नौकरी छूटने के बाद वह मानसिक तनाव और गुस्से में रहने लगा था.

ट्रेन और अस्पताल में की हत्या
घटनाक्रम की शुरुआत रविवार सुबह हुई, जब डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में सकलडीहा के पास जमानियां निवासी मंगरु की कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी. शव को ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया. इसके कुछ घंटे बाद सियालदह-जम्मूतवी एक्सप्रेस में गया निवासी दिनेश साहू की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी. इसी बीच सोमवार सुबह तीसरी वारदात सामने आई. अलीनगर थाना क्षेत्र के कमलापुर गांव स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती भभुआ निवासी लक्ष्मीना देवी की गोली मारकर हत्या कर दी. वारदात के बाद भागने की कोशिश कर रहे गुरप्रीत को ग्रामीणों ने दौड़ाकर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया.

नौकरी छूटने के बाद भटक रहा था साइको किलर
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गुरप्रीत 29 अप्रैल को अमृतसर से बिहार के आरा पहुंचा था. नौकरी छूटने के बाद वह लगातार भटक रहा था. 9 मई को वह प्रयागराज होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचा और फिर सिलसिलेवार वारदातों को अंजाम देने लगा. पुलिस के अनुसार तीनों हत्याओं में किसी भी पीड़ित से उसका कोई संबंध नहीं था. वह रैंडम तरीके से लोगों को अपना शिकार बना रहा था.

सुबह हुआ साइको किलर का एनकाउंटर
एसपी चंदौली आकाश पटेल के मुताबिक अस्पताल वाली घटना के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया था. पूछताछ और जांच के बाद पुलिस उसे क्राइम सीन रिक्रिएट कराने ले गई थी. इसी दौरान उसने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने लगा. पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की और जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी. घायल हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मुठभेड़ में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है. फिलहाल पुलिस गुरप्रीत के पूरे बैकग्राउंड, मानसिक स्थिति और इन सनसनीखेज हत्याओं के पीछे की असली वजह की जांच में जुटी हुई है.

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Abhijeet ChauhanSub-Editor

अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…और पढ़ें



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