Last Updated:
Jasprit Bumrah Slower Balls: जसप्रीत बुमराह अपनी लय पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. मौजूदा आईपीएल सीजन के शुरुआती पांच मैचों में बुमराह एक भी विकेट लेने में नाकाम रहे हैं और उन्होंने 8.63 की इकोनॉमी से 164 रन लुटाए हैं. पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने इस गिरावट का तकनीकी कारण बताते हुए कहा कि बुमराह अपनी रफ्तार खोकर 44 प्रतिशत ‘स्लोअर डिलीवरी’ फेंक रहे हैं. क्या गुजरात टाइटंस के खिलाफ अगले मैच में जस्सी अपनी पुरानी रफ्तार और धार वापस पा सकेंगे?
जसप्रीत बुमराह लगातार 5वें मैच में हुए फ्लॉप.
नई दिल्ली. यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए ‘खतरे की घंटी’ बज चुकी है. इस खतरे का सबसे बड़ा चेहरा टीम के सबसे भरोसेमंद योद्धा जसप्रीत बुमराह बने हुए हैं. दुनिया के सबसे घातक गेंदबाजों में शुमार बुमराह, जो अपनी सटीक यॉर्कर और सनसनाती गति के लिए जाने जाते हैं, इस सीजन में अपनी ही परछाईं नजर आ रहे हैं. उनके जादुई स्पैल की जगह अब रन लुटाने वाले ओवरों ने ले ली है, जिसने क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों को हैरत में डाल दिया है.
आईपीएल के इस सीजन के शुरुआती पांच मैचों का लेखा-जोखा जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) के कद के बिल्कुल उलट है. पांच मैचों में मैदान पर उतरने के बाद भी बुमराह का विकेटों का कॉलम पूरी तरह खाली है. उन्होंने अब तक कुल 164 रन खर्च किए हैं और एक भी बल्लेबाज को आउट करने में सफल नहीं रहे हैं. जिस गेंदबाज के सामने बल्लेबाज रन बनाने से कतराते थे, आज वही 8.63 की इकोनॉमी रेट से रन लुटा रहा है.
जसप्रीत बुमराह लगातार 5वें मैच में हुए फ्लॉप.
यह सिलसिला वानखेड़े स्टेडियम में पंजाब किंग्स के खिलाफ हुए मुकाबले में और भी गहरा गया. अपने घरेलू मैदान पर बुमराह ने 41 रन दिए और उन्हें एक बार फिर खाली हाथ पवेलियन लौटना पड़ा. इससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ भी उन्होंने 35 रन खर्च किए थे, जबकि दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ कम स्कोर वाले मैच में भी उन्होंने 21 रन दिए लेकिन विकेट का खाता नहीं खोल सके. राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ गुवाहाटी में 32 रन और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मुंबई में 35 रन देने का सिलसिला यह बताता है कि बुमराह की धार कहीं खो गई है.
क्यों फेल हो रहे हैं बुमराह?
इस खराब फॉर्म के पीछे की तकनीकी वजह को पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान (Irfan Pathan) ने बहुत गहराई से पकड़ा है. पठान के मुताबिक, जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) की विफलता का सबसे बड़ा कारण उनकी बदलती हुई रणनीति और गति में आई गिरावट है. पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर आंकड़ों के जरिए समझाया कि बुमराह इस सीजन में जरूरत से ज्यादा ‘चालाक’ बनने की कोशिश कर रहे हैं. आमतौर पर 140-145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले बुमराह की औसत गति इस सीजन में गिरकर महज 130 किमी प्रति घंटे के आसपास रह गई है. इसकी वजह उनकी गेंदबाजी शैली में आया एक बड़ा बदलाव है. इरफान पठान ने खुलासा किया कि बुमराह इस सीजन में लगभग 44 प्रतिशत ‘स्लोअर डिलीवरी’ (धीमी गेंदें) फेंक रहे हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि उनकी हर दूसरी गेंद एक धीमी गेंद होती है.
पठान का मानना है कि जब एक तेज गेंदबाज अपनी आधी गेंदें धीमी गति से फेंकता है, तो बल्लेबाज उसे आसानी से पढ़ लेते हैं. बुमराह की असली ताकत उनकी गति और अप्रत्याशित यॉर्कर है, लेकिन इस सीजन में वे अपनी इस ताकत को छोड़कर विविधता के पीछे भाग रहे हैं, जो उन पर भारी पड़ रहा है.
गति और मिश्रण का सही संतुलन
इरफान पठान ने बुमराह को एक सरल लेकिन प्रभावी सलाह दी है. उनका कहना है कि बुमराह को किसी कोचिंग की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें बस अपने आंकड़ों को सही करने की जरूरत है. अगर वह अपनी धीमी गेंदों के प्रतिशत को 44 से घटाकर 30 या 35 प्रतिशत पर ले आते हैं और अपनी वास्तविक तेज गति पर ध्यान देते हैं, तो उनकी वही धीमी गेंदें फिर से घातक साबित होने लगेंगी. जब गेंदबाज लगातार तेज गति से हमला करता है, तभी उसकी धीमी गेंद बल्लेबाज को चकमा दे पाती है. लेकिन जब औसत गति ही 130 किमी प्रति घंटा हो, तो बल्लेबाज के पास शॉट खेलने के लिए पर्याप्त समय होता है. पठान के मुताबिक, बुमराह को फिर से अपनी सीम और स्विंग पर भरोसा करना होगा ताकि वे पावरप्ले में विकेट चटका सकें.
मुंबई इंडियंस की मुश्किलें और आगे की राह
बुमराह की इस फॉर्म का सीधा असर मुंबई इंडियंस के प्रदर्शन पर पड़ा है. पांच बार की चैंपियन टीम अब तक खेले गए मैचों में लगातार चार हार झेल चुकी है और अंक तालिका में नौवें स्थान पर खिसक गई है. टीम का गेंदबाजी आक्रमण जो कभी बुमराह के इर्द-गिर्द घूमता था, अब बिखरता नजर आ रहा है. मुंबई इंडियंस के लिए अब करो या मरो की स्थिति पैदा हो गई है. टीम का अगला मुकाबला 20 अप्रैल को गुजरात टाइटंस से होना है. अगर मुंबई को इस टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उसके ‘जस्सी’ को फिर से वही पुरानी रफ्तार और सटीक यॉर्कर ढूंढनी होगी. क्रिकेट प्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि अगले मैच में बुमराह अपनी रणनीति बदलेंगे और वही पुरानी दहाड़ के साथ मैदान पर वापसी करेंगे, क्योंकि बुमराह के बिना मुंबई की जीत की राह नामुमकिन सी नजर आती है.
About the Author

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें


