irs officer daughter death news : दिल्ली के कैलाश हिल्स में 22 वर्षीय आईआरएस अधिकारी की 19 साल की बेटी के साथ रेप और फिर मर्डर की वारदात ने हर किसी को झकझोर दिया है. आरोपी निकला वही लड़का जो कभी इसी घर में घरेलू नौकर था राहुल मीणा. सवाल सिर्फ ये नहीं कि राहुल कौन है बल्कि ये भी कि उसने ये वारदात कैसे इतनी आसानी से अंजाम दिया और क्या इस पूरी कहानी में ऐसी ‘गलतियां’ छुपी हैं जो बहुत से मिडिल क्लास और हाई-मिडिल क्लास परिवार रोज अपने घरों में दोहरा रहे हैं?
राहुल मीणा कौन था, जो IRS अफसर के घर तक पहुंच गया?
दक्षिणी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार के मुताबिक, राहुल मीणा पहले इस परिवार के यहां घरेलू नौकर के तौर पर काम कर चुका था. करीब 1 साल तक वह इसी घर में रहा, काम किया, रूटीन देखा, हर कोने को समझा. इसी दौरान उसकी असल तस्वीर भी सामने आने लगी. वह बार-बार पैसों की डिमांड करता, पड़ोस के दूसरे घरेलू कामगारों से उधार लेता और ऑनलाइन गेम खेलने में पैसे उड़ाता था. शिकायतें बढ़ीं तो परिवार ने उसे हटा दिया. यहीं पहली ‘गलती’ दिखती है जो बहुत से लोग करते हैं. घर से निकाले गए या असंतुष्ट पूर्व नौकरों को हल्के में लेना. न कोई लिखित रिकॉर्ड, न कोई औपचारिक शिकायत, न उसके बैकग्राउंड की गंभीर जांच, न ही आगे के लिए किसी तरह की सतर्कता. उससे भी बड़ी गलती कि वह हर आम परिवारों के तरह घर की चाबी को दरवाजे के पास गमले में रखकर जाते थे जो नौकर को पता था. अगर इस परिवार ने अपनी इस आदत को छोड़ दिया होता और घर के लॉक की ज्यादा चाबी बनवाई होती तो जो परिवार के बाकी लोगों के पास भी होती तो शायद 19 साल की बच्ची की जान बच गई होती.
सीरियल अपराधी, जो पहले भी रेप के आरोप में घिरा था
दिल्ली की वारदात से कुछ घंटे पहले ही राजस्थान के अलवर में भी राहुल पर एक महिला से रेप का आरोप लगा. अलवर एसपी सुधीर चौधरी के अनुसार, इस केस की जांच के लिए विशेष टीम बनी है और कई लोगों से पूछताछ चल रही है. राहुल उस पीड़िता को जानता था और उसके पति के साथ ऑनलाइन लूडो खेलता था. यानी यह कोई अचानक अपराध करने वाला लड़का नहीं, बल्कि लगातार अपराध की तरफ झुकता, पैसों और वासना के लिए कुछ भी कर गुजरने वाला सीरियल अपराधी बन चुका था. अलवर की वारदात के बाद उसने अपना मोबाइल 10000 रुपये में बेच दिया, लगभग 6000 रुपये में गाड़ी किराए पर ली और दिल्ली भाग आया ताकि पुलिस की निगरानी से बच सके.
कैसे प्लान किया मर्डर?
बुधवार की सुबह, जब IRS अधिकारी और उनकी पत्नी रोज की तरह वॉक और जिम के लिए निकले तो उनकी बेटी घर पर अकेली थी. वह यूपीएससी की तैयारी कर रही थी और छत पर बने स्टडी रूम में पढ़ रही थी. राहुल को ये रूटीन अच्छी तरह पता था कब घर खाली रहता है, स्पेयर चाबी कहां रखी जाती है, कौन-सा कमरा कहां है, लॉकर कहां है. वह चुपचाप अपार्टमेंट में घुसा और सीधे स्टडी रूम पहुंच गया. लड़की ने उसे देखकर पूछा तो उसने वही पुराना भरोसे का कार्ड खेला ‘आंटी ने बुलाया था काम से.’ सोचिए, कितने घरों में नौकर, ड्राइवर, पुराना स्टाफ सिर्फ इतना कहकर अंदर आ जाते हैं ‘मैडम ने बुलाया है’, ‘साहब ने कहा था.’ इसके बाद उसने पैसे मांगे. मना करने पर बहस हुई, जो हिंसा में बदल गई. राहुल ने 19 साल की लड़की के सिर पर लैम्प से वार किया, चेहरे और शरीर पर चोटें आईं. फिर मोबाइल चार्जर की केबल से उसका गला घोंट दिया, जिससे वह बेहोश हो गई. जांच के मुताबिक, बेहोशी की हालत में ही उसके साथ रेप किया गया.
फिर क्या किया उसने?
– पीड़िता को घसीटकर सीढ़ियों से नीचे उस कमरे में ले गया, जहां लॉकर था.
– उसकी उंगली से बायोमेट्रिक लॉक खोलने की कोशिश की लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी, उंगली स्कैनर ने पहचान नहीं की.
– स्क्रूड्राइवर से लॉकर तोड़ा, नकदी और गहने निकाले.
– खून से सने कपड़े और चप्पल बदले.
– करीब 2.5 लाख रुपये लेकर भाग गया.
ये सब कुछ उसने महज लगभग 40 मिनट के अंदर किया और पीड़िता के माता-पिता के लौटने से करीब 30 मिनट पहले घर से निकल गया. यानी उसे घर की टाइमिंग, मैप, आदतें सब पता थीं. ये जानकारी उसे किसने दी? वही भरोसा, जो कभी इस परिवार ने उस पर किया था.
क्या आप भी यही ‘गलतियां’ कर रहे हैं?
1. बिना वेरिफिकेशन के नौकर रख लेना
– कितने घरों में पुलिस वेरिफिकेशन फॉर्म भरकर थाने तक पहुंचता है?
– कितने लोग पुराना आपराधिक रिकॉर्ड, पहले की नौकरी, रेफरेंस सच में चेक करते हैं?
2. पुराने नौकरों को हल्के में लेना
– जिन नौकरों को आप पैसों की चोरी, बदतमीजी या अनुशासन के कारण हटाते हैं, क्या उनके प्रति आप बाद में भी सतर्क रहते हैं?
– क्या आप गार्ड, सोसायटी, पड़ोसियों को बताते हैं कि यह व्यक्ति अब आपके घर के लिए ‘रिस्क’ हो सकता है?
3. घर की रूटीन और सिक्योरिटी डिटेल्स सबको बता देना
– किस समय घर खाली रहता है, किधर से एंट्री आसान है, स्पेयर चाबी कहां रखी है, लॉकर किस कमरे में है ये बातें अक्सर नौकरों को अनजाने में बता दी जाती हैं.
– क्या आपने कभी सोचा कि कोई पूर्व नौकर भी इन्हीं जानकारियों के दम पर वापिस घुस सकता है?
4. बच्चों को ‘पुराने स्टाफ’ पर ज्यादा भरोसा करने की आदत
– ‘अरे, ये तो हमारे साथ सालों से है’, ‘इसे तो हम अपने बच्चे जैसा मानते हैं’- यही भावनात्मक गलती कई बार जानलेवा बन जाती है.
– क्या आपने अपने बच्चों को ये सिखाया है कि घर का कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना ही पुराना स्टाफ क्यों न हो, बिना जानकारी के आए तो उसे अंदर न आने दें?
पीड़िता कौन थी, क्या खो गया?
पीड़िता ने DPS आरके पुरम से पढ़ाई की थी, 12वीं में ऑल इंडिया टॉपर रही थी. IIT दिल्ली से ग्रेजुएशन किया था, यूपीएससी की तैयारी कर रही थी. वह बेहतरीन डांसर थी, कई प्रतियोगिताएं जीत चुकी थी. मंगलवार को ही उसके माता-पिता ने उसे कहा था कि वह सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई शुरू करेगी. बुधवार उसी नई दिनचर्या का पहला दिन था और आखिरी भी….


