कोलकाता: पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले खिदिरपुर की जनसभा में ममता बनर्जी ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने बंगाल के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है. मुख्यमंत्री ने मंच से खुलेआम दहाड़ते हुए कहा, “यहां की पुलिस भी अब बीजेपी की हो गई है, वे मुझे भूल चुके हैं.” सत्ता के शीर्ष पर बैठी एक मुख्यमंत्री का अपनी ही पुलिस पर से भरोसा उठ जाना, बंगाल चुनाव के इस मोड़ पर कई गहरे संकेत दे रहा है. ममता ने न केवल खाकी पर निशाना साधा बल्कि समर्थकों को यहां तक चेतावनी दे दी कि दंगे कराकर आपको गिरफ्तार करने की साजिश रची जा रही है. ममता का यह बदला हुआ अंदाज साफ बता रहा है कि 142 सीटों की यह जंग अब ‘करो या मरो’ की स्थिति में पहुंच चुकी है.
ममता बनर्जी के संबोधन के मुख्य प्वाइंट्स
· EVM पर गंभीर आरोप: ममता ने मतदाताओं को सचेत करते हुए कहा कि उनके पास जानकारी है कि वोटिंग मशीनों (EVM) के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है. उन्होंने दावा किया कि “खराब मशीन में आप जिसे भी वोट देंगे, वह बीजेपी के खाते में चला जाएगा.”
· ‘मशीन पहारा दें’ का आह्वान: उन्होंने समर्थकों से अपील की कि मतदान से लेकर काउंटिंग तक मशीनों की निगरानी करें. उन्होंने यहाँ तक कहा, “जरूरत पड़े तो खाना मत बनाइए, लेकिन वोटिंग मशीन का पहारा दीजिए.”
· पुलिस और सुरक्षा बलों पर निशाना: ममता ने स्थानीय पुलिस को ‘बीजेपी का आदमी’ करार देते हुए कहा कि “यहां की पुलिस भी मुझे भूल गई है.” उन्होंने केंद्रीय बलों के हस्तक्षेप के प्रति भी जनता को आगाह किया.
· NRC और वक्फ संपत्ति: केंद्र को चुनौती देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि बंगाल में एनआरसी (NRC) लागू नहीं होने देंगी और वक्फ संपत्तियों पर कब्जा नहीं करने दिया जाएगा. उन्होंने ‘मोटा भाई’ (अमित शाह) का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं ने उनकी कोशिशों को नाकाम कर दिया है.
· सेटिंग थ्योरी पर पलटवार: वामपंथियों (बाम) द्वारा लगाए जा रहे ‘टीएमसी-बीजेपी सेटिंग’ के आरोपों पर उन्होंने तीखा पलटवार किया और पूछा कि “SIR के समय जब लोग रो रहे थे, तब आप कहां थे?”
राजनीतिक विश्लेषण
ममता बनर्जी का यह बयान उनकी ‘रक्षात्मक और आक्रामक’ दोनों रणनीतियों को दर्शाता है. EVM पर सवाल उठाकर वे हार की स्थिति में पहले से एक आधार तैयार कर रही हैं या फिर अपने कैडर को अतिरिक्त सतर्क रहने का संदेश दे रही हैं. पुलिस को ‘बीजेपी का आदमी’ बताना यह संकेत देता है कि उन्हें राज्य के प्रशासनिक ढांचे पर अब भरोसा नहीं रहा है. दूसरे चरण की 142 सीटों पर होने वाला मतदान बेहद निर्णायक है, इसलिए ‘वोट स्लिप’ की जेरोक्स रखने और मशीन की रखवाली करने जैसी बातें उनके समर्थकों में उत्साह और सतर्कता भरने की कोशिश है.
सवाल-जवाब
ममता बनर्जी ने मतदाताओं को ‘वोटर स्लिप’ को लेकर क्या सलाह दी?
ममता ने मतदाताओं से कहा कि जो वोटर स्लिप बीएलओ (BLO) द्वारा दी जाएगी, उसकी फोटोकॉपी (जेरोक्स) करवाकर सुरक्षित रख लें, ताकि किसी भी गड़बड़ी से बचा जा सके.
दूसरे चरण का मतदान कितने जिलों और सीटों पर होना है?
दूसरे चरण में कोलकाता और दो 24 परगना सहित कुल सात जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है.
ममता ने अमित शाह (मोटा भाई) पर क्या तंज कसा?
उन्होंने कहा कि ‘मोटा भाई’ ने एनआरसी और वक्फ संपत्तियों को लेकर कई कोशिशें कीं, लेकिन बंगाल की महिलाओं ने उनके मंसूबों को रोक दिया.


