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NO IPL Playoffs: आईपीएल के पहले सीजन में नहीं हुआ था प्लेऑफ, फिर कैसे किया गया विजेता का फैसला

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पहले सीजन में नहीं हुआ था प्लेऑफ, फिर कैसे किया गया विजेता का फैसला

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इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का सीजन रोमांच से भरा है. लीग मैच के आखिरी दिन जाकर प्लेऑफ में खेलने वाली सभी टीमों के नाम फाइनल हुए. क्या आपको पता है कि टूर्नामेंट के शुरुआत में प्लेऑफ होते ही नहीं थे. टॉप चार टीमें सेमीफाइनल और फाइनल मैच खेला करती थी.

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आईपीएल के शुरुआती सीजन में प्लेऑफ नहीं टॉप चार टीमों के बीच सेमीफाइनल और फाइनल होते थे

नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के प्लेऑफ में खेलने वाली चारों टीमों के नाम तय हो चुके हैं. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद की टीम पहले ही अपनी जगह बना चुकी थी. राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को हराकर रविवार (24 मई) को अपनी जगह पक्की की. आखिरी वक्त तक रेस में बनी हुई पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम के प्लेऑफ का सपना टूट गया. क्या आपको पता है कि शुरुआती तीन आईपीएल सीजन में प्लेऑफ होता ही नहीं था.

आईपीएल का शुरुआती तीन सीजन में टूर्नामेंट का फॉर्मेट काफी अलग था. 2008, 2009 और 2010 में प्लेऑफ जिसमें क्वालीफायर और एलिमिनेटर खेले जाते नहीं होते थे. टॉप-4 टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाती थीं, फिर फाइनल. कोई दूसरा मौका नहीं, हर मैच ‘डू या डाई’ वाला होता था. आईपीएल की शुरुआत 2008 में हुई थी. तब इस लीग में 8 टीमें ही हिस्सा लेती थी. डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में हर टीम ने 14 मैच खेले.

पॉइंट्स टेबल में टॉप 4 टीमें राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई सुपर किंग्स, किंग्स इलेवन पंजाब और दिल्ली डेयरडेविल्स सेमीफाइनल में पहुंचीं. शेन वार्न की कप्तानी में खेलने वाली राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई को फाइनल में हराकर पहला खिताब जीता. उस समय प्लेऑफ को ‘सेमीफाइनल’ ही कहा जाता था. आज की तरह ‘क्वालीफायर-1’ या ‘एलिमिनेटर’ नहीं होते थे,

2009 में टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट हो गया. इस बार भी फॉर्मेट पहली बार जैसा ही था. 2008 के सीजन में अंक तालिका में सबसे नीचे रही डेक्कन चार्जर्स ने शानदार कमबैक करते हुए चेन्नई, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली को पीछे छोड़ फाइनल तक पहुंची. एडम गिलक्रिस्ट की कप्तानी में डेक्कन ने फाइनल में आरसीबी को हरा कर खिताब जीता.

2010 में मुंबई इंडियंस, डेक्कन चार्जर्स, चेन्नई सुपर किंग्स और आरसीबी टॉप-4 में रहीं. चेन्नई ने फाइनल में मुंबई को हराकर खिताब जीता. पूरे सीजन अच्छा करने वाली टीम का एक सेमीफाइनल मैच खराब जाता था तो वो खिताब जीतने से चूक जाती थी. ऐसी टीमों को ज्यादा मौके मिले इसी वजह से प्लेऑफ को लाया गया. पहले आज की तरह टॉप-2 को दो मौके नहीं मिलते थे. साल 2011 से प्लेऑफ सिस्टम को लाया गया जिसमें एलिमिनेटर और क्वालीफायर शामिल हुए.

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Viplove Kumar

विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें



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