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UP Smart Meter : UP के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब उनके लिए स्मार्ट मीटर रिचार्ज की परेशानी खत्म और पोस्टपेड बिलिंग की वापसी हो गई है. तो जानें कि आपका नया बिजली बिल कैसे कैलकुलेट होगा, पेमेंट की समयसीमा क्या होगी और क्या आपका मीटर बदलेगा. चीफ इंजीनियर ने लोकल18 को दी पूरी जानकारी.
गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश सरकार ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जो लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए काफी राहत भरी है. पिछले कुछ समय से प्रीपेड स्मार्ट मीटर के कारण लोगों को बार-बार रिचार्ज और अचानक बिजली कटने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. इन शिकायतों को देखते हुए सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए फिर से पोस्टपेड सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है. अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह महीने के अंत में बिल मिलेगा और भुगतान के लिए पर्याप्त समय भी दिया जाएगा. इस फैसले से न केवल लोगों की दिक्कतें कम होंगी, बल्कि बिजली बिलिंग प्रक्रिया भी पहले से ज्यादा सरल और सुविधाजनक हो जाएगी. सरकार के ताजा फैसले के तहत अब नई व्यवस्था क्या होगी और बिजली ग्राहकों को इसका फायदा कैसे होगा, उन्हें क्या करना होगा या नहीं, ये लोकल18 की इस रिपोर्ट से समझते हैं..
गाजियाबाद में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग व्यवस्था को लेकर बड़ी स्पष्टता सामने आई है. मुख्य अभियंता पवन कुमार ने बताया कि शासन के निर्णय के अनुसार, अब बिलिंग सिस्टम पहले की तरह ही रहेगा. यानी उपभोक्ताओं को हर महीने तय तारीख के अनुसार बिल मिलेगा. जैसे 1 तारीख से 1 तारीख या 6 तारीख से 6 तारीख तक की खपत का बिल तैयार किया जाएगा. इससे लोगों को बिल समझने और समय पर भुगतान करने में आसानी होगी.
अब बिजली बिल कैसे प्राप्त करें?
उन्होंने बताया कि पहले की तरह ही उपभोक्ता अपना बिजली बिल ऑनलाइन माध्यमों से डाउनलोड कर सकेंगे. इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप, यूपीपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है. बिल जारी होने के बाद उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए 30 दिन का समय दिया जाएगा जैसा पहले होता था. यानी भुगतान की प्रक्रिया और समयसीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
मुख्य अभियंता ने साफ किया कि अब कागज पर छपा हुआ बिजली बिल घर-घर जाकर नहीं दिया जाएगा. हालांकि जिन घरों में अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं, वहां मीटर रीडर जरूर आएंगे और रीडिंग लेकर बिल जनरेट करेंगे, लेकिन उपभोक्ताओं को बिल अपने मोबाइल पर ही देखना होगा. वहीं जिन उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, वहां मीटर रीडर जाने की जरूरत नहीं होगी. ऐसे उपभोक्ताओं का बिल सीधे सर्वर के माध्यम से तैयार होकर उनके मोबाइल फोन पर भेज दिया जाएगा.
हाईराइज सोसाइटी वालों का क्या होगा?
जिले में कुल करीब 11 लाख 20 हजार बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से लगभग 2 लाख 5 हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं. हाईराइज सोसाइटियों में व्यवस्था थोड़ी अलग है. जहां मल्टी-पॉइंट कनेक्शन हैं, वहां फैसिलिटी मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए डीएसडीआर मीटर लगाए जाते हैं. वहीं जिन सोसाइटियों में सिंगल पॉइंट कनेक्शन है, वहां बिल्डर अपने मीटर के जरिए बिजली सप्लाई करता है, लेकिन यह पूरी प्रक्रिया बिजली विभाग के नियमों के तहत ही संचालित होती है.
बिजली दरों की बात करें तो गाजियाबाद में 100 यूनिट तक 5.30 रुपये प्रति यूनिट, अगली 50 यूनिट पर 6 रुपये प्रति यूनिट, 150 से 300 यूनिट तक 6 रुपये प्रति यूनिट और इसके ऊपर 6.30 रुपये प्रति यूनिट की दर लागू है. नई व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखते हुए उपभोक्ताओं को डिजिटल माध्यम से सुविधा देने पर जोर दिया गया है.
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Sandeep Kumar | Senior Assistant Editor, News18 Hindi…
I currently serve as a Senior Assistant Editor at News18 Hindi, leading State & Local18 operations across Uttar Pradesh, Uttarakhand, Delhi, Himachal …और पढ़ें


