नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारों से लेकर अनुभवी दिग्गजों तक, हर खिलाड़ी के लिए आईपीएल एक नई कहानी लिखता है. विशेष बातचीत में अनुभवी ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने गुजरात टाइटंस के ड्रेसिंग रूम के उन अनसुने पहलुओं को साझा किया, जो इसे टीम इंडिया से अलग बनाते है. उन्होंने कप्तान शुभमन गिल की ‘स्ट्रेट फॉरवर्ड’ कप्तानी और गुजरात टाइटंस के कोच आशीष नेहरा के साथ अपने चार साल के अटूट रिश्ते पर दिल खोलकर बात की. साथ ही, सुंदर ने बिहार के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की और स्वीकार किया कि उनकी प्रतिभा में उनका रिकॉर्ड तोड़ने का दम है. आइए जानते हैं सुंदर के इस सफर और उनके नए रोल की पूरी कहानी.
गुजरात टाइटंस की ओर से आप आईपीएल में खेलते हैं. बहुत खिलाड़ी आपके साथ टीम इंडिया में भी हैं. मोहम्मद सिराज की बात करें या शुभमन गिल की, तो गुजरात का यह ड्रेसिंग रूम टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम से अलग कैसे है?
मुझे नहीं पता कि इसे कैसे कहूं कि यह अलग है. लेकिन यह एक बेहतरीन ड्रेसिंग रूम है. हमें यहां का माहौल पसंद है. हमें यहां रहना अच्छा लगता है और हम ज़्यादातर खिलाड़ियों को जानते हैं. यहां तक कि जो भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं, उनके साथ भी हमने काफी समय बिताया है. हम टीम रूम में काफी वक्त साथ बिताते हैं और मैदान पर भी मैच की तैयारी में काफी समय लगाते हैं. शायद इसी वजह से हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह जानते हैं और एक-दूसरे की कंपनी का असली मजा लेते हैं. इस लिहाज से मुझे लगता है कि गुजरात टाइटंस की टीम हर खिलाड़ी के लिए हमेशा कमाल की रही है.
वॉशिंगटन सुंदर से खास बातचीत.
गुजरात के कप्तान शुभमन गिल टीम इंडिया के कप्तान भी हैं. आपने उनके साथ काफी समय बिताया है. गिल को एक कप्तान के तौर पर आप कैसे देखते हैं?
कप्तान के तौर पर गिल के बारे में एक बात पक्की है कि उनसे हमेशा पूरी साफगोई की उम्मीद कर सकते हैं. मेरे लिए खासकर उन्होंने बहुत साफ-साफ बता दिया है कि मुझसे क्या उम्मीद की जा रही है. इससे मेरा दिमाग काफी शांत रहता है और मुझे समझ आता है कि मुझे क्या करना है. मुझे पता रहता है कि मेरी जिम्मेदारी क्या है. ऐसे में कप्तान के तौर पर उन्होंने टीम के सभी खिलाड़ियों के लिए चीजें आसान कर दी हैं, और यह कप्तान से मिलने वाला एक बहुत बड़ा सहारा होता है.
फिलहाल वैभव सूर्यवंशी की काफी चर्चा हो रही है. आप भारत की तरफ से टी-20 क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे युवा क्रिकेटर हैं. क्या आपका रिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी तोड़ सकते हैं?
हां, वैभव सूर्यवंशी एक खास प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं. हम बिल्कुल उम्मीद कर सकते हैं कि वह भारत के लिए कई सालों तक खेलेंगे. जिस तरह से वह अपना दिमाग इस्तेमाल करते हैं और खासकर अपनी स्किल्स के साथ कितने स्मार्ट हैं, वह अपने आस-पास के लोगों को बहुत प्रभावित करते हैं.
आईपीएल 2026 में कई नए खिलाड़ी उभरकर सामने आए हैं. वे छोटे शहरों से आ रहे हैं और उन्होंने घरेलू क्रिकेट और रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन किया है.लंबे समय से टीम इंडिया के लिए खेल चुके खिलाड़ी के तौर पर क्या आपको कुछ बदलाव दिखता है?
कुछ अलग कहना मुश्किल है. लेकिन सच में मैं आईपीएल का बहुत आभारी हूं. क्योंकि इसने बहुत लोगों की जिंदगी बदल दी है. जैसा कि आपने कहा कि हर सीजन कम से कम 10 से 15 नए खिलाड़ी आते हैं और अपनी टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करते हैं. IPL हमेशा से ही कमाल का रहा है, पहले सीजन से ही. आज भी हम उन मौकों की बात करते हैं जो हमें खासकर IPL में मिलते हैं, और आखिरकार हमारी जिंदगी बदलती है और हमें खेलने का मंच मिलता है. समय के साथ अलग-अलग किरदारों में, चाहे विदेशी खिलाड़ी हों या भारतीय, मैंने उच्च स्तर की क्रिकेट खेली है. आप बड़े खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करते हैं, जिन्होंने इस खेल में बहुत कुछ हासिल किया है. मेरा मानना है कि यह एक शानदार मौका होता है सीखने का और यह समझने का कि आप अपने खेल में क्या सुधार कर सकते हैं, ताकि आगे चलकर और सफल हो सकें.
जब आप पीछे मुड़कर देखते हैं, क्या आपको यकीन होता है कि आपका IPL करियर लगभग एक दशक पुराना हो गया है? आपने 2017 में शुरुआत की थी. अब जब आप एक सीनियर प्रो बन चुके हैं, तो अपने रोल में आए बदलाव के बारे में क्या सोचते हैं?
यह सफर बहुत बढ़िया रहा है. सच कहूं तो मैं हर अनुभव और मौके के लिए बेहद आभारी हूं. खुशी है कि मुझे शुरू से ही IPL में इतना कुछ अनुभव करने का मौका मिला. जैसा कि मैंने कहा, यह एक शानदार मंच है. यहां आप अलग-अलग लोगों से मिलते हैं, उनके साथ वक्त बिताते हैं और खेलते हैं. आप खुद को समझते हैं और यह भी समझते हैं कि इस खेल में कितना कुछ है. अलग-अलग रोल में आप बहुत कुछ अलग कर सकते हैं, चाहे बल्ले से हो या गेंद से. आप लगातार सीखते रहते हैं और समझते हैं कि इसमें और भी बहुत कुछ है. इसी वजह से क्रिकेट हमेशा मजेदार और रोमांचक बना रहता है.
आप टीम के कोच आशीष नेहरा के साथ अपने इंटरैक्शन को कैसे देखते हैं? वह भारतीय क्रिकेट टीम के एक शानदार गेंदबाज रहे हैं, आपने उनसे क्या सीखा?
सच कहूं तो उनसे सीखना कभी बंद नहीं होता, खासकर उनके जैसे शख्स से. मैंने व्यक्तिगत तौर पर उनसे क्रिकेट के बारे में बहुत कुछ सीखा है, क्योंकि वह ऐसे इंसान हैं जो अपने अनुभव बांटना पसंद करते हैं. वह यह भी बताते हैं कि वे खेल के बारे में कैसे सोचते हैं और अलग-अलग हालात या खिलाड़ियों के बारे में अपनी राय कैसे बनाते हैं. उनके साथ रहकर सीखना कभी खत्म नहीं होता और यह बहुत बड़ी बात है. उनके साथ रहना मजेदार भी होता है. आप समझ पाते हैं कि किन चीजों पर काम करने की जरूरत है और साथ ही यह भी कि आप किन चीजों में मजबूत हैं. वह चीजों को आसान बनाते हैं और आपकी ताकत और कमजोरी दोनों समझाते हैं. अगर आप पिछले चार साल देखें, तो GT के साथ मेरा यह चौथा साल है. लोगों का हमेशा से GT के साथ अनुभव बहुत अच्छा रहा है चाहे जो अभी खेल रहे हैं या जो पहले खेल चुके हैं. सबने यहां आकर बहुत एन्जॉय किया है और इस जगह को बहुत प्यार दिया है. इसका पूरा श्रेय मैं उन्हें ही दूंगा.


