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एक तरफ किसान का बेटा, दूसरी तरफ सिंगल मदर का संघर्ष, नमन और साहिल ऑनलाइन पढ़ाई के दम पर 99.99% और 99.98% परसेंटाइल किया हासिल

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JEE Main Exam Result 2026: जेईई मेन 2026 के नतीजों में इस बार नोएडा के प्रतिष्ठित कोचिंग से दो कहानियां सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, हरियाणा के नमन वर्मा और नोएडा में रह रहे साहिल प्रधान की. दोनों की पारिवारिक स्थिति अलग, संघर्ष अलग, लेकिन मंजिल एक टॉप रैंक. नमन ने AIR 243 और OBC रैंक 37 के साथ 99.98 परसेंटाइल हासिल किया, जबकि साहिल ने AIR 94 और 99.99 परसेंटाइल के साथ अपनी मेहनत का लोहा मनवाया. इन दोनों ने साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता रास्ता खुद बना लेती है.

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नोएडा: जेईई मेन 2026 के नतीजों में इस बार नोएडा के प्रतिष्ठित कोचिंग से दो कहानियां सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, हरियाणा के नमन वर्मा और नोएडा में रह रहे साहिल प्रधान की. दोनों की पारिवारिक स्थिति अलग, संघर्ष अलग, लेकिन मंजिल एक टॉप रैंक. नमन ने AIR 243 और OBC रैंक 37 के साथ 99.98 परसेंटाइल हासिल किया, जबकि साहिल ने AIR 94 और 99.99 परसेंटाइल के साथ अपनी मेहनत का लोहा मनवाया. इन दोनों ने साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता रास्ता खुद बना लेती है.

ऑनलाइन घर से किया कोचिंग

हरियाणा के साधारण किसान परिवार से आने वाले नमन वर्मा के लिए इंजीनियरिंग का सपना शुरुआत में साफ नहीं था. 12वीं तक उनका फोकस बोर्ड परीक्षाओं पर ही था, लेकिन एक साल पहले उन्होंने ठान लिया कि अब लक्ष्य सिर्फ JEE है. सीमित संसाधनों के बावजूद नमन ने 99.98 परसेंटाइल हासिल कर दिखाया कि सही गाइडेंस और लगातार मेहनत से बड़ा मुकाम पाया जा सकता है. नमन ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण टीचर्स के साथ बेहतर तालमेल और परिवार का पूरा सपोर्ट रहा. मैंने 12वीं तक बोर्ड पर फोकस किया, लेकिन ड्रॉप लेकर पूरी ताकत JEE Main पर लगा दी, कैमिस्ट्री टीचर पंकज सिजेरिया भी उनकी मेहनत की सराहना करते हैं और उम्मीद जताते हैं कि नमन JEE Advanced में भी शानदार प्रदर्शन करेंगे. अब नमन की नजर अगली बड़ी परीक्षा पर है, जहां से IIT का रास्ता तय होगा.

मां ने ट्यूशन पढ़ा के घर चलाया

वहीं साहिल प्रधान की कहानी सिर्फ एक टॉपर की नहीं, बल्कि जज़्बे और त्याग की मिसाल है. मूल रूप से मुंबई के रहने वाले साहिल पिछले कुछ महीनों से नोएडा में अपनी मां के साथ रह रहे हैं. पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी पूरी तरह मां के कंधों पर आ गई. मां ने ट्यूशन पढ़ाकर घर चलाया और बेटे की पढ़ाई को कभी रुकने नहीं दिया. आर्थिक चुनौतियों के बीच भी साहिल ने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी. साहिल ने शुरुआत में ऑफलाइन कोचिंग ली, लेकिन लंबा सफर और महंगी फीस उनके लिए मुश्किल बन गई. रोज 13-14 घंटे पढ़ाई करने वाले साहिल का मानना है कि सफलता घंटों की संख्या से नहीं, बल्कि पढ़ाई की गुणवत्ता से तय होती है. उन्होंने 2022 से 2023 तक के JEE Main के सभी प्रश्नपत्र हल किए और हर चैप्टर को गहराई से समझा. सोशल मीडिया से दूरी बनाकर उन्होंने खुद को पूरी तरह लक्ष्य के लिए समर्पित कर दिया.

साहिल की मां छंदा प्रधान का संघर्ष भी इस सफलता की मजबूत नींव है. पति के निधन के बाद उन्होंने सालों तक ट्यूशन पढ़ाकर घर संभाला, लेकिन बेटे की तैयारी के दौरान उसे भी छोड़ना पड़ा ताकि पूरा ध्यान साहिल पर दे सकें. एक सिंगल पेरेंट के तौर पर उनका संदेश है कि बच्चों पर दबाव डालने के बजाय उनके सपनों को समझें और उन्हें सपोर्ट करें.

About the Author

Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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