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Pahalgam News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. इस हमले में 26 नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे. इसे 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे घातक हमला माना गया. कम से कम तीन हथियारबंद आतंकवादी बैसरन घाटी इलाके में घुसे थे.
पहलगाम टेरर अटैक के दौरान पर्यटकों की जान बचाने वाले रऊफ वानी ने कहा कि हालात सुधरे हैं, लेकिन अभी लंबा रास्ता तय करना है. (फाइल फोटो/Reuters)
Pahalgam News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के एक साल बाद, उस घटना के गवाह और पर्यटकों की जान बचाने वाले बहादुर रऊफ वानी ने अपने अनुभव साझा किए हैं. एक खास बातचीत में रऊफ वानी ने उस भयावह दिन को याद करते हुए कहा कि हालात बेहद अराजक थे, लेकिन उन्होंने बिना समय गंवाए घायलों की मदद और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का काम शुरू कर दिया.
रऊफ वानी, जिन्हें उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया जा चुका है, ने बताया कि बैसरन घाटी में हुए इस हमले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था. “हर तरफ अफरा-तफरी थी, लोग डरे हुए थे. उस वक्त इंसानियत ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी,” उन्होंने कहा. हमले के बाद के हालात पर बात करते हुए रऊफ ने कहा कि पिछले एक साल में काफी बदलाव देखने को मिले हैं. उन्होंने बताया कि पहलगाम में पर्यटन फिर से पटरी पर लौट रहा है और बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आने लगे हैं. रऊफ के मुताबिक, सरकार द्वारा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने से लोगों में भरोसा बढ़ा है और सामान्य स्थिति बहाल होती दिख रही है.
संतोषजनक स्थिति नहीं
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी पूरी तरह से संतोषजनक स्थिति नहीं है. रऊफ ने कहा, ‘सुरक्षा के लिहाज से सुधार जरूर हुआ है, लेकिन पर्यटकों को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कराने के लिए अभी और प्रयासों की जरूरत है.’ रऊफ वानी ने स्थानीय समुदाय की भूमिका को भी अहम बताया. उन्होंने कहा कि इलाके के लोग एकजुट होकर शांति और विकास के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग मिलकर एक-दूसरे का सहारा बन रहे हैं. हमें इस एकजुटता को बनाए रखना होगा ताकि पहलगाम का भविष्य सुरक्षित और उज्जवल हो सके. पहलगाम हमले की याद आज भी लोगों के दिलों में ताजा है, लेकिन रऊफ वानी जैसे साहसी लोगों की बदौलत उम्मीद की किरण भी बनी हुई है.
वो खौफनाक मंजर
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. इस हमले में 26 नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे. इसे 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे घातक हमला माना गया. कम से कम तीन हथियारबंद आतंकवादी बैसरन घाटी इलाके में घुसे थे. हमलावरों के पास M4 कार्बाइन और AK-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार थे. उन्होंने आसपास के जंगलों के रास्ते घाटी में प्रवेश किया और वहां मौजूद पर्यटकों को निशाना बनाया. इस हमले की जिम्मेदारी पहले ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली, जो पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी माना जाता है. पर्यटकों के इस नरसंहार के बाद पहलगाम एक बार फिर से गुलजार होने लगा है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें


