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बलिया के टीडी कॉलेज चौराहे पर समाजसेवी जाकिर हुसैन चिलचिलाती गर्मी में राहगीरों को मुफ्त ठंडा पानी पिलाकर राहत दे रहे हैं. साथ ही, वे पुरानी किताबें सस्ते दामों पर जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाकर शिक्षा की अलख भी जगा रहे हैं. उनकी यह पहल इंसानियत और समाजसेवा की मिसाल बन गई है.
बलिया. चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी शुरू हो चुकी हैं, ऐसे में जहां लोग तेज धूप और प्यास से परेशान रहते हैं, तो वहीं दूसरी ओर शहर के मुख्य टीडी कॉलेज चौराहे पर एक समाजसेवी इंसानों के लिए राहत बनकर खड़ा रहता है. तपती धूप में जहां लोग ठंडे पानी की तलाश में इधर उधर भटकते हैं, वहीं यह शख्स अपनी छोटी सी दुकान से न केवल शिक्षा की अलख जगा रहा है, बल्कि इंसानियत की मिसाल भी पेश कर रहा है. समाजसेवी जाकिर हुसैन की जो गरीबी के चलते पढ़ाई नहीं कर सके. वरिष्ठ समाजसेवी जाकिर हुसैन ने कहा कि, वह सालों से गरीब बच्चों के बीच शिक्षा की अलख जगाने का काम कर रहे हैं, जो किसी अभियान से कम नहीं है. वह पुराने किताबों का छोटा सा व्यवसाय करते हैं यानी बच्चों से पुरानी किताबें खरीदते हैं और जरूरतमंद छात्रों को बेहद कम कीमत पर उपलब्ध कराते हैं. जिन बच्चों के लिए नई किताबें खरीदना मुश्किल होता है, उनके लिए यह व्यवस्था बहुत आरामदायक रहता है. इसी छोटे काम से जाकिर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हुए समाजसेवा का जुनून भी जिंदा रखा है.
राह से गुजरने वाला हर व्यक्ति यहां रुककर बुझाता है अपनी प्यास
यहीं नहीं, गर्मी के मौसम में जाकिर का प्रयास और भी विशेष बन जाता है. उन्होंने कहा कि, वह अपनी दुकान के बाहर शुद्ध पेयजल की प्याऊ लगाए है, जहां राहगीरों को ठंडा पानी मुफ्त में मिलता है. यह कम जाकिर हुसैन सालों से करते आ रहे हैं. इसके अलावा, पानी के साथ गुड़ और बताशे भी बांटे जाते हैं, जो केवल शरीर को ठंडक ही नहीं देते हैं, बल्कि ऊर्जा भी प्रदान करते हैं. राह से गुजरने वाला हर व्यक्ति यहां रुककर अपनी प्यास बुझाता है और इस समाजसेवी को दुआएं देकर आगे बढ़ जाता हैं. इस चौराहे से किसान, मजदूर, फरियादी और छात्र छात्राएं आदि भारी संख्या में गुजरते हैं. जाकिर हुसैन ने आगे कहा कि, उनको यह काम करके बड़ा सुकून मिलता है. यह बलिया का बड़ा फेमस चौराहा है, जहां भारी संख्या में छात्र छात्राओं का भी आवागमन होता है. जाकिर खुद रोककर लोगों को ठंडा मटका का पानी पिलाते हैं. प्यासे राहगीर को पानी पीते देख जाकिर एकदम गदगद सा हो जाते हैं, मानो खुद पानी पीकर शीतल हो रहे हैं. बताया कि, हर किसी को चाहिए कि वह अपने क्षमता के अनुसार समाज के लिए कुछ करें.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें


