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लखीमपुर खीरी में मक्का की खेती किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल बनकर उभर रही है. कृषि विभाग की पहल और बाजार में सालभर बनी रहने वाली मांग के चलते किसान तेजी से इसकी ओर रुख कर रहे हैं. मक्का की खेती का तरीका भी बेहद आसान है, जिसमें खेत की जुताई, जैविक खाद का उपयोग, समय पर बुवाई और सिंचाई शामिल है. यह फसल मात्र 80 से 85 दिनों में तैयार हो जाती है.
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में युवा किसान इस समय मक्का की खेती कर रहे हैं और इससे किसान को अच्छा मुनाफा भी हो रहा है. कम लागत में अधिक उत्पादन मक्का की खेती से ही कमाया जा सकता है. वहीं कृषि विभाग की ओर से लगातार किसानों को मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरूक किया जा रहा है. मक्का की खेती वर्ष में दो बार की जाती है.
मक्के की खेती का तरीका
इसकी खेती करना भी बहुत ही आसान है. पहले खेत की दो बार जुताई की जाती है, फिर गोबर और वर्मी कंपोस्ट खाद का छिड़काव कर मक्के के बीज बोए जाते हैं. जब पौधा निकल आता है, तो उसकी सिंचाई की जाती है. बुवाई के 80 से 85 दिनों बाद फसल तैयार हो जाती है, जिसे बाजार में बेचा जा सकता है.
मक्के की खेती में मुनाफा
मानसून सीजन में एक भुट्टा 15 से 20 रुपये तक मिलता है. एक एकड़ मक्का फसल की बोआई पर करीब 20 हजार रुपया तक खर्च आता है. वहीं एक एकड़ में करीब 1 लख रुपए का मुनाफा आसानी से मक्का की खेती से कमाया जा सकता है, क्योंकि बाजारों में मक्का की डिमांड सालभर रहती है. मक्का हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है और इसके आटे को रोटी डायबिटीज मरीजों के लिए बहुत ही फायदेमंद मानी जाती है.
बाजारों में हमेशा रहती है डिमांड
लोकल 18 से बातचीत करते हुए युवा किसान उज्जवल मिश्रा इस समय पढ़ाई के साथ-साथ मक्का की खेती कर रहे हैं. मक्का की खेती कर किसानों को अच्छा खासा मुनाफा होता है. युवा किसान ने बताया कि इस समय वह करीब 2 एकड़ में मक्का की खेती कर रहे हैं. कम लागत में अधिक मुनाफा मक्का की खेती से कमाया जा सकता है, क्योंकि बाजारों में लगातार मक्का की डिमांड अधिक रहती है जिस कारण किसानों को अच्छा खासा मुनाफा होता है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


