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Vaibhav Suryavanshi eyes fastest 1000 t20 runs: 19 अप्रैल का दिन वैभव सूर्यवंशी के लिए इतिहास रचने का सुनहरा मौका है. केकेआर के खिलाफ अपनी 24वीं पारी में उतरते ही वैभव की नजरें देवदत्त पडिक्कल के रिकॉर्ड पर होंगी. अगर वह इस मैच में 99 रन बना लेते हैं, तो वे टी20 क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले नंबर 1 भारतीय बन जाएंगे. साथ ही, उनके पास विराट कोहली को पीछे छोड़ ऑरेंज कैप दोबारा हासिल करने का भी जबरदस्त मौका होगा.
क्रिकेट की दुनिया में जब कोई 14-15 साल का लड़का दिग्गजों के बीच उतरता है, तो उसे ‘वंडर बॉय’ कहा जाता है. लेकिन राजस्थान रॉयल्स के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने इस परिभाषा को बदल दिया है. उनके लिए अब केवल मैदान पर उतरना काफी नहीं है, बल्कि हर मैच के साथ एक नया इतिहास लिखना उनकी आदत बन चुकी है. 19 अप्रैल 2026 का दिन भारतीय क्रिकेट कैलेंडर में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो सकता है, क्योंकि कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स पर वैभव एक ऐसे मुकाम की दहलीज पर खड़े हैं, जहां आज तक कोई भारतीय नहीं पहुंचा.

टी20 क्रिकेट में ‘सबसे तेज 1000 रन’ बनाना किसी भी बल्लेबाज की निरंतरता और आक्रामकता का सबसे बड़ा प्रमाण माना जाता है. फिलहाल, भारत की ओर से इस सिंहासन पर देवदत्त पडिक्कल का कब्जा है. देवदत्त पडिक्कल ने अपनी 25वीं पारी में यह जादुई आंकड़ा छूकर तहलका मचाया था. लेकिन अब वैभव सूर्यवंशी इस रिकॉर्ड को ध्वस्त करने के बेहद करीब हैं.

आंकड़ों की कहानी किसी थ्रिलर फिल्म की तरह मोड़ ले रही है. वैभव ने अब तक अपनी 23 पारियों में 901 रन ठोक दिए हैं. यानी जब 19 अप्रैल को वह कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ क्रीज पर कदम रखेंगे, तो वह उनकी 24वीं पारी होगी. इतिहास रचने के लिए उन्हें बस 99 रनों की दरकार है. अगर वह इस मैच में शतक के करीब पहुंचते हैं या 99 रन बना लेते हैं, तो वह पडिक्कल को पछाड़कर टी20 में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले ‘नंबर 1 भारतीय’ बन जाएंगे.
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वैभव के लिए यह सफर इतना आसान नहीं रहा है. सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ पिछले मुकाबले में उनके पास दुनिया का सबसे तेज 1000 हजारी बनने का सुनहरा मौका था. उस वक्त पूरी दुनिया की नजरें उन पर थीं, लेकिन क्रिकेट की अनिश्चितताओं ने उन्हें ‘शून्य’ पर रोक दिया. उस एक ‘डक’ ने उनसे वैश्विक स्तर पर नंबर 1 बनने का मौका छीन लिया, लेकिन हार मानना वैभव की फितरत में नहीं है.

भले ही वह दुनिया के नंबर 1 बनने से चूक गए हों, लेकिन ‘भारत का नंबर 1’ बनने का गौरव अभी भी उनके हाथ में है. ईडन गार्डन्स की सपाट पिच और छोटी बाउंड्री उनके इस सपने को सच करने के लिए सबसे मुफीद मंच तैयार कर रही हैं.

19 अप्रैल का मुकाबला केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह आईपीएल 2026 की श्रेष्ठता की जंग भी है. वैभव के सामने एक तरफ केकेआर के गेंदबाज होंगे, तो दूसरी तरफ विराट कोहली के रनों का पहाड़. इस सीजन में अब तक वैभव ने 5 पारियों में 200 रन बनाए हैं, जो उनकी अद्भुत फॉर्म का सबूत है. हालांकि, ऑरेंज कैप फिलहाल ‘किंग कोहली’ के पास है, जिन्होंने 5 पारियों में 228 रन बनाए हैं.

ऑरेंज कैप की लड़ाई में कोहली बनाम सूर्यवंशी
वैभव और विराट के बीच केवल 28 रनों का फासला है. कोलकाता के खिलाफ एक बड़ी पारी न केवल उन्हें ‘सबसे तेज 1000 रन’ का रिकॉर्ड दिलाएगी, बल्कि ऑरेंज कैप भी दोबारा उनके सिर पर सजा देगी. एक युवा उभरते सितारे का क्रिकेट के सबसे बड़े दिग्गज से इस तरह टकराना आईपीएल 2026 की सबसे रोमांचक पटकथा है.

ईडन गार्डन्स की भीड़ जब शोर मचाती है, तो अच्छे-अच्छे कप्तानों के पसीने छूट जाते हैं। वैभव सूर्यवंशी के लिए चुनौती दोहरी है. उन्हें अपनी टीम राजस्थान रॉयल्स को जीत दिलानी है और साथ ही उन उम्मीदों के बोझ को भी ढोना है, जो एक ‘रिकॉर्ड ब्रेकर’ के साथ आती हैं. 24वीं पारी में 99 रन बनाना कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन वैभव ने जिस निडरता से इस सीजन में बल्लेबाजी की है, उसे देखकर लगता है कि उनके लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है.

19 अप्रैल की शाम जब सूरज कोलकाता के क्षितिज पर ढलेगा, तब तक यह साफ हो जाएगा कि भारतीय क्रिकेट को उसका नया ‘नंबर 1’ मिला है या नहीं. वैभव सूर्यवंशी की यह कहानी केवल रनों की नहीं, बल्कि गिरकर संभलने की कहानी है. हैदराबाद के खिलाफ जीरो पर आउट होने का दर्द, अब कोलकाता के खिलाफ कीर्तिमान में बदलने को बेताब है.

क्या वैभव पडिक्कल के 25 पारियों के रिकॉर्ड को 24 में बदलकर भारत के सबसे तेज टी20 स्टार बनेंगे? क्या वह कोहली को पीछे छोड़ ऑरेंज कैप पर कब्जा करेंगे? इन सभी सवालों के जवाब ईडन गार्डन्स की उन 240 गेंदों में छिपे हैं. पूरा भारत इस ‘वंडर बॉय’ को इतिहास रचते देखने के लिए तैयार है.


