Last Updated:
इस सीजन में लीग पूरी तरह बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग बन चुकी है, जहां गेंदबाज सिर्फ संघर्ष करते नजर आ रहे हैं. इस बड़े बदलाव के पीछे बीसीसीआई की स्पष्ट रणनीति है खेल को ज्यादा रोमांचक और हाई-स्कोरिंग बनाना, चाहे इसके लिए संतुलन ही क्यों न कुर्बान करना पड़े.
BCCI के सख्त हिदायत की वजह से बन रहीं है फ्लैट पिचें और बन रहे हैं रिकॉर्ड तोड़ रन
नई दिल्ली. वो दौर अब बीत चुका है जब इंडियन प्रीमियर लीग में “होम एडवांटेज” का मतलब हुआ करता था. एक समय था जब चेन्नई सुपर किंग्स चेपॉक की धीमी और टर्न लेने वाली पिचों पर राज करती थी, जबकि कोलकाता नाइटराइडर्स ईडन गार्डन्स की स्पिन फ्रेंडली सतह पर अपने गेंदबाजों से कमाल करवा देती थी लेकिन IPL 2026 में यह तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है — और यह बदलाव किसी इत्तेफाक का नतीजा नहीं है.
इस सीजन में लीग पूरी तरह बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग बन चुकी है, जहां गेंदबाज सिर्फ संघर्ष करते नजर आ रहे हैं. इस बड़े बदलाव के पीछे बीसीसीआई की स्पष्ट रणनीति है खेल को ज्यादा रोमांचक और हाई-स्कोरिंग बनाना, चाहे इसके लिए संतुलन ही क्यों न कुर्बान करना पड़े.
आंकड़ो की जुबानी
आंकड़े खुद इस कहानी को बयां करते हैं IPL 2026 में अब तक का सबसे ज्यादा बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट (155.21) और रन रेट (9.68) देखने को मिला है. 2025 के सीजन में 152.39 का स्ट्राइक रेट और 9.50 का रनरेट थे. 19वें सीजन में 200 रन का आंकड़ा पार करना अब खास नहीं, बल्कि आम हो गया है 49 मैचों में 41 बार टीमें 200 के पार पहुंच चुकी हैं इतना ही नहीं, IPL इतिहास के 14 सबसे बड़े सफल रन चेज में से 8 इसी सीजन में देखने को मिले हैं.
पिच पर बीसीसीआई का कंट्रोल
इस रन बरसात की सबसे बड़ी वजह पिचों का एक जैसा होना है. BCCI ने इस बार पिचों को लेकर सख्त नियंत्रण रखा है. अब न तो सूखी, टर्न लेने वाली पिचें देखने को मिल रही हैं और न ही गेंदबाजों को कोई खास मदद. बल्लेबाज क्रीज पर उतरते ही जानते हैं कि पिच सपाट होगी और गेंद आसानी से बल्ले पर आएगी. इस केंद्रीय दखलअंदाजी ने “होम एडवांटेज” को लगभग खत्म कर दिया है।हेमांग बदानी , जो दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच हैं, उन्होंने भी साफ कहा कि अब किसी भी टीम को अपने घरेलू मैदान का फायदा नहीं मिल रहा. टीमों को अब अपनी ताकत के हिसाब से पिच तैयार करने की आजादी नहीं है.
सेंट्रल कमेटी का सख्त रवैया
BCCI के निर्देश भी काफी सख्त हैं बाउंड्री की लंबाई 77 मीटर से ज्यादा नहीं होगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा चौके-छक्के लगें. पिच पर एक समान घास रखी जाएगी,जिससे सूखी सतह न बने. गेंदबाजों को कम से कम मदद मिले न ज्यादा स्विंग, न ज्यादा टर्न. हर मैच में BCCI का क्यूरेटर मौजूद रहेगा, और प्लेऑफ व फाइनल में पूरी जिम्मेदारी बोर्ड की सेंट्रल टीम संभालेगी. इसका असर साफ दिख रहा है तेज गेंदबाजों ने अब तक 385 विकेट लिए हैं, जबकि स्पिनरों के खाते में सिर्फ 168 विकेट आए हैं. T20 क्रिकेट में स्पिन का जो महत्व हुआ करता था, वह अब काफी कम होता नजर आ रहा है. जहां एक तरफ फैंस के लिए यह सीजन एंटरटेनमेंट से भरपूर है, वहीं असली क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह चिंता का विषय भी है. क्रिकेट की खूबसूरती हमेशा उसके संतुलन में रही है जहां बैट और बॉल दोनों के बीच बराबरी की टक्कर हो लेकिन IPL 2026 में यह संतुलन कहीं खोता हुआ नजर आ रहा है
About the Author

मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें


