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Parliament Budget Session LIVE: संसद के बजट सत्र को लेकर कई तरह की अटकलबाजियां चल रही हैं. बताया जा रहा है कि बजट सत्र को समय से पहले स्थगित किया जा सकता है. इससे महिला आरक्षण कानून में संशोधन की प्रक्रिया के भी टलने की संभावना है.
संसद के मौजूदा बजट सत्र में महिला आरक्षण कानून में संशोधन को लेकर विधेयक पेश करने की अटकलें तेज हैं. (फाइल फोटो)
Parliament Budget Session LIVE: केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले कानून में संशोधन फिलहाल टलता नजर आ रहा है. न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के के हवाले से बताया कि मौजूदा संसद सत्र में इस संबंध में कोई संविधान संशोधन विधेयक पेश किए जाने की संभावना बेहद कम है. साथ ही बजट सत्र को तय समय से पहले स्थगित किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है. हालांकि, इसे भंग (prorogued) नहीं किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर दोबारा बुलाया जा सके. सरकारी सूत्रों ने संकेत दिया है कि लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने और उनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंचा है. ऐसे में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन से जुड़ा विधेयक फिलहाल लाने की कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई जा रही है. सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्तावित संशोधन विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखने का कोई एजेंडा तय नहीं था. बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में भी इसके पेश होने की संभावना कम बताई जा रही है. एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों के साथ व्यापक चर्चा जरूरी है, जिसके बाद ही किसी ठोस समय-सीमा पर निर्णय लिया जा सकेगा.
बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में एनडीए के कुछ सहयोगी दलों और गैर-कांग्रेसी विपक्षी नेताओं से इस मुद्दे पर बातचीत की है. हालांकि, प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के साथ अभी औपचारिक चर्चा नहीं हुई है, जो इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम मानी जा रही है. इसी बीच संसद के मौजूदा बजट सत्र को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है. सूत्रों के अनुसार, सत्र को 2 अप्रैल से पहले ही स्थगित किया जा सकता है, लेकिन इसे समाप्त नहीं किया जाएगा. सरकार आगामी विधानसभा चुनावों के बाद इसी सत्र को दोबारा बुलाने का विकल्प खुला रखना चाहती है. अगले महीने होने वाले पांच राज्यों के चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित होंगे, जिसके बाद राजनीतिक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है. महिला आरक्षण का प्रावधान 2023 में संविधान संशोधन के जरिए लागू किया गया था, लेकिन इसके प्रभावी होने को परिसीमन (डिलिमिटेशन) प्रक्रिया से जोड़ा गया है. उपलब्ध प्रारंभिक प्रस्तावों के अनुसार, लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 किया जाएगा और इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. यह आरक्षण अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए पहले से निर्धारित कोटे के भीतर “वर्टिकल आधार” पर लागू किया जाएगा.
परिसीमन में बदलाव
महत्वपूर्ण बात यह है कि परिसीमन की प्रक्रिया 2027 की प्रस्तावित जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर किए जाने पर विचार हो रहा है. इसी तरह राज्य विधानसभाओं में भी सीटों का पुनर्निर्धारण कर महिलाओं के लिए आनुपातिक आरक्षण लागू किया जाएगा. सूत्रों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया को लागू करने के लिए एक संविधान संशोधन विधेयक के साथ-साथ परिसीमन अधिनियम में बदलाव के लिए एक साधारण विधेयक भी लाया जाएगा. यदि संसद से मंजूरी मिलती है, तो ये प्रावधान 31 मार्च 2029 से लागू हो सकते हैं, जिससे अगली लोकसभा और कुछ राज्यों के विधानसभा चुनावों में महिला आरक्षण लागू करने का रास्ता साफ होगा. गौरतलब है कि सितंबर 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी, जिसके बाद यह संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम के रूप में लागू हुआ. फिलहाल, इसके क्रियान्वयन के लिए जरूरी संशोधनों और राजनीतिक सहमति का इंतजार है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें




