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UP Electricity News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में स्मार्ट मीटर और ओवरबिलिंग की शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने विशेषज्ञों की एक जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं और साफ कहा कि उपभोक्ता की गलती के बिना बिजली कनेक्शन नहीं कटना चाहिए. सीएम ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर समस्याओं के समाधान, जर्जर बुनियादी ढांचे में सुधार और 5 घरों वाले छोटे मजरों तक बिजली पहुंचाने का आदेश दिया, ताकि प्रदेश में पारदर्शी बिजली व्यवस्था सुनिश्चित हो सके.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर और ओवरबिलिंग की शिकायतों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद गंभीरता से लिया है. गुरुवार को ऊर्जा विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने साफ तौर पर निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं की शिकायतों की गहन जांच की जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को परेशान करने वाली व्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
ओवरबिलिंग की जांच के लिए बनेगी विशेषज्ञों की कमेटी
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश का आम उपभोक्ता स्वभाव से ईमानदार होता है और सही बिल मिलने पर वह समय से भुगतान भी करता है. ओवरबिलिंग की शिकायतों को देखते हुए सीएम योगी ने विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित करने का आदेश दिया है, जो वास्तविक स्थिति का पता लगाएगी. उन्होंने सख्त लहजे में कहा, ‘यदि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है, तो किसी भी कीमत पर उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए.’
फील्ड में उतरें मंत्री और MD: CM के कड़े निर्देश
ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक (MD) खुद फील्ड में जाएं और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें. उन्होंने कहा कि टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर (1912) पूरी तरह सक्रिय होने चाहिए और शिकायतों का समाधान तय समय के भीतर होना चाहिए.
UP में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में भारी उछाल
बैठक में यह आंकड़े भी सामने आए कि पिछले 9 सालों में उत्तर प्रदेश में बिजली के ढांचे में अभूतपूर्व विकास हुआ है:
उपभोक्ता: 2017 में 1.65 करोड़ से बढ़कर 2026 में 3.71 करोड़ हो गए हैं (126% की वृद्धि).
कनेक्टेड लोड: वर्तमान में 84,000 मेगावाट से अधिक है.
स्मार्ट मीटर: अब तक 84 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं.
मजरों का होगा पूर्ण विद्युतीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यूनतम 05 घरों वाले मजरों में भी बिजली पहुंचाई जाए. साथ ही, जर्जर तारों को हटाने और बिजली लाइनों को चरणबद्ध तरीके से अंडरग्राउंड (भूमिगत) करने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए. उन्होंने ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया में देरी न करने और नए पोल लगाते समय तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा है.
गर्मी की तैयारी और नई बिजली परियोजनाएं
आने वाली गर्मियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए सीएम ने सभी तापीय इकाइयों को पूरी क्षमता से चलाने का निर्देश दिया है.
नई यूनिट: घाटमपुर की 660 मेगावाट की इकाई अप्रैल से शुरू हो जाएगी.
भावी प्रोजेक्ट: मेजा, ओबरा-डी और अनपरा-ई जैसी 5,600 मेगावाट की नई परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति दी जाएगी.
सोलर एनर्जी: ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत अब तक 4.60 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर लगाए जा चुके हैं.
विजिलेंस कार्रवाई में बरतें संवेदनशीलता
बिजली चोरी रोकने के लिए होने वाली विजिलेंस जांच पर सीएम योगी ने कहा कि इस प्रक्रिया में संवेदनशीलता जरूरी है. ऐसी कोई कार्रवाई न की जाए जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल बने या उन्हें अनावश्यक असुविधा हो.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें


