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‘बेईमानी नहीं हुई तो बंगाल जीत रही हैं ममता बनर्जी’, राकेश टिकैत ने की भविष्यवाणी, भाजपा को लिया आड़े हाथों

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Rakesh Tikait: किसान नेता राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में बड़ा बयान देते हुए कहा कि बंगाल में बेईमानी न हुई तो ममता बनर्जी की जीत तय है. उन्होंने भाजपा पर विधायकों को डराने और धांधली करने का आरोप लगाया. साथ ही, यूपी 2027 चुनाव के लिए इक़रा हसन की लोकदल के लिए 50 सीटों की मांग का समर्थन किया. टिकैत ने राजनीति में ‘असली’ और ‘दबाव वाले’ समर्थन की तुलना सेब की वैरायटी से करते हुए तीखा कटाक्ष किया.

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मुजफ्फरनगर: किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज से सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. मुजफ्फरनगर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए टिकैत ने पश्चिम बंगाल के चुनावी रण से लेकर उत्तर प्रदेश की भविष्य की राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ममता बनर्जी की जीत का दावा करते हुए जहां चुनाव प्रक्रिया और भाजपा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए, वहीं यूपी में इक़रा हसन के गठबंधन वाले बयान का भी खुलकर समर्थन किया. टिकैत का यह बयान आने वाले दिनों में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जुबानी जंग को और तेज कर सकता है.

किसान नेता राकेश टिकैत ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर चुनाव में किसी प्रकार की बेईमानी नहीं हुई, तो ममता बनर्जी की जीत सुनिश्चित है. टिकैत के अनुसार, बंगाल का मतदाता इस बार बेहद जागरूक है और वहां करीब 90% मतदान होना इस बात का संकेत है कि जनता अपना जनादेश स्पष्ट रूप से दे रही है. उन्होंने कहा कि मतदान का यह भारी प्रतिशत सीधे तौर पर ममता बनर्जी के पक्ष में माहौल बना रहा है.

अब देश में चुनाव की क्या जरूरत रह गई है?
राकेश टिकैत ने भाजपा पर विधायकों और सांसदों को डरा-धमकाकर तोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘अब देश में चुनाव की क्या जरूरत रह गई है? किसी के पास 10 सांसद होते हैं, तो उनमें से 7 को तोड़ लिया जाता है। पहले छापे पड़ते हैं और फिर वही नेता भाजपा में शामिल हो जाते हैं. चुनाव कोई भी जीते, अंत में सब इन्हीं के पास जाते हैं.’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जोड़-तोड़ और बेईमानी के दम पर सरकार बनाने की राजनीति कर रही है.

प्रवासियों की जागरूकता और वोटर लिस्ट का मुद्दा
उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में जो लोग बाहर रहकर नौकरी या काम करते हैं, वे भी मतदान के लिए जागरूक हो रहे हैं और अपनी ड्यूटी के साथ-साथ वोट डालने पर जोर दे रहे हैं. ताकि वोटर लिस्ट से उनका नाम न कटे. टिकैत का मानना है कि इस बढ़ती जागरूकता का लाभ ममता बनर्जी को मिलेगा, बशर्ते चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की धांधली न हो.

यूपी 2027 और इक़रा हसन के बयान का समर्थन
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और एनडीए गठबंधन को लेकर दिए गए इकरा हसन के बयान पर भी टिकैत ने प्रतिक्रिया दी. दरअसल, इकरा हसन ने कहा था कि 2027 यूपी चुनाव में एनडीए गठबंधन में लोकदल को 50 सीटें मिलनी चाहिए. इकरा के इस बयान पर टिकैत ने अपनी सहमति जताते हुए कहा, ‘मिलनी चाहिए, लोकदल कोई छोटी पार्टी नहीं है, लोकदल एक बड़ी पार्टी है। चुनाव में जब समझौता हो, तो ठीक-ठाक ही हो.’ उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकदल जैसी पार्टी के साथ सम्मानजनक समझौता होना चाहिए.

सेब के उदाहरण से राजनीति पर कटाक्ष
एक अन्य सवाल के जवाब में टिकैत ने सेब की खेती का उदाहरण देते हुए कहा कि जो ड्राई क्षेत्र वाला सेब आ रहा है, उसकी क्वालिटी पहाड़ के असली सेब जैसी नहीं होती. हालांकि उसी वैरायटी को नीचे के इलाकों में भी उगाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि मेरठ में भी ऐसी वैरायटी के सेब लगाए गए हैं और उन्होंने खुद भी अपने घर पर पौधे लगाए हैं. टिकैत ने इस उदाहरण के माध्यम से इशारा किया कि जैसे असली और नकली क्वालिटी में फर्क होता है, वैसे ही राजनीति में भी असली जनसमर्थन और दबाव/डर के जरिए जुटाए गए समर्थन में फर्क होता है.

कुल मिलाकर, राकेश टिकैत ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि उनकी नजर में बंगाल का चुनावी माहौल ममता बनर्जी के पक्ष में है, लेकिन उन्होंने आशंका जताई कि अगर ‘सिस्टम’ में गड़बड़ी या बेईमानी हुई, तो तस्वीर बदल सकती है.



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