21.6 C
Munich

Raghav Chadha Live Updates | AAP Rajya Sabha News | राघव चड्ढा को कहीं भारी न पड़ जाए चाल, केजरीवाल ने निकाला बगावत में झोल, बीजेपी से विलय में झोल

Must read


आम आदमी पार्टी (AAP) ने राघव चड्ढा के साथ मिलकर बगावत करने वाले अपने राज्यसभा सांसदों के मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, AAP आज शाम तक राज्यसभा सचिवालय में याचिका दायर कर इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करेगी. यह कार्रवाई उन सांसदों के खिलाफ की जा रही है जिन्होंने हाल ही में पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. इस पूरे घटनाक्रम को AAP ने न सिर्फ राजनीतिक बल्कि कानूनी चुनौती के रूप में लिया है.

AAP का कहना है कि जिन सांसदों ने पार्टी छोड़ी है, वे ‘विलय’ का दावा नहीं कर सकते, क्योंकि इसके लिए संविधान और दल-बदल कानून के तहत तय शर्तों का पालन जरूरी होता है. पार्टी का आरोप है कि यह मामला सीधे-सीधे दल-बदल का है, इसलिए इन सांसदों की सदस्यता खत्म होनी चाहिए.

बीजेपी चाहे जितना जोर लगा ले, पंजाब में ‘आप’ सरकार नहीं गिरेगी

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा, “बीजेपी ने हमारे पड़ोसी राज्य हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस मीटिंग कराई, हिमाचल प्रदेश में क्रॉस वोटिंग करवाई, बिहार में नीतीश कुमार के नाम पर वोटिंग हुई लेकिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बनाया है. जिसके ऊपर 7 कत्ल के आरोप हैं. ऐसे बहुत सारे उदाहरण हैं जहां बीजेपी ने देश के लोकतंत्र को कलंकित किया है. हम एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत आवेदन करने जा रहे हैं, जिन सांसदों के हस्ताक्षर का दावा किया गया वो सभी वहां पर मौजूद नहीं थे, सिर्फ तीन सांसद वहां मौजूद थे. पंजाब में हमारे सभी 95 विधायक एकजुट हैं और पार्टी के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं. बीजेपी चाहे जितना जोर लगा ले हमारी सरकार नहीं गिरेगी. बीजेपी जोर लगा रही है पैसे के बल पर गुंडागर्दी के बल पर ईडी के बल पर जोर लगा रही है.”

‘आप’ से बगावत करने वाले सांसदों ने पंजाब से धोखा किया

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा, “आम आदमी पार्टी के पंजाब के जो 6 सांसद थे, उन्होंने भाजपा के सामने अपने घुटने टेक दिए हैं. उन्होंने पंजाब के लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है. जो मान सम्मान पंजाब ने उनको दिया था, उसको ठेस पहुंचाई है.. बीजेपी की ईडी और सीबीआई के डर से वो बीजेपी में शामिल हुए हैं. आने वाले समय में बीजेपी को पंजाब के लोग सबक को सिखाएंगे. इसका पंजाब पर कोई असर नहीं होगा. पार्टी के सभी नेता मजबूती के साथ मुख्यमंत्री मान के साथ खड़े हैं.”

अब कोई ‘आप’ के साथ नहीं जुड़ना चाहता

AAP छोड़ने पर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा, “आज हर सच्चा देशभक्त, जिसने अपने खून-पसीने से आम आदमी पार्टी को सींचा और बड़ी उम्मीदों के साथ AAP में शामिल हुआ था, आज ऐसा हर व्यक्ति या तो AAP छोड़ चुका है या छोड़ रहा है. क्योंकि हर ईमानदार व्यक्ति को लगता है कि आम आदमी पार्टी में काम करने के लिए अब कोई जगह नहीं बची है, और अब यह एक बहुत ही गलत रास्ते पर जा रही है. अब कोई भी इसके साथ जुड़ा नहीं रहना चाहता…”

नितिन नवीन ने केजरीवाल पर बोला हमला

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और 6 अन्य सांसदों के आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर नितिन नवीन ने कहा कि अरविंद केजरीवाल का नाम बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार से जोड़ा जा रहा है, तो इससे पार्टी के भीतर काफी असंतोष पैदा होता है. इसी के चलते, कुछ सांसदों ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है. यह इस बात का संकेत है कि पूरे देश में, पीएम नरेंद्र मोदी पर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है. नितिन नवीन के हालिया ‘एक्स’ पोस्ट के अनुसार, उन्होंने भाजपा के पार्टी मुख्यालय में राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल का स्वागत किया. उन्होंने हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता को पीएम मोदी के गतिशील नेतृत्व में काम करने के लिए शुभकामनाएं दी.

अरविंद केजरीवाल पर से अपना भरोसा खो दिया है

राघव चड्ढा और दूसरे सांसदों के AAP छोड़कर BJP में शामिल होने पर, तमिलनाडु BJP के प्रवक्ता नारायणन तिरुपति कहते हैं, “…यह बिल्कुल साफ़ है कि उन्होंने अपनी पार्टी और अपने नेता अरविंद केजरीवाल पर से अपना भरोसा खो दिया है. इसकी वजह है केजरीवाल के भ्रष्ट काम, सबसे खराब कानून-व्यवस्था और पंजाब में ड्रग माफिया को रोकने में उनकी नाकामी… हम उनका स्वागत करते हैं. और भी नेताओं को BJP में आना चाहिए, ताकि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मज़बूती मिले, हमारे देश का भला हो और देश की आर्थिक और सामाजिक-आर्थिक तरक्की हो.”

अदालत जाएगी AAP

सूत्रों के अनुसार, AAP ने इस मुद्दे पर कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली है और पूरी तैयारी के साथ याचिका दाखिल की जा रही है. पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर राज्यसभा सचिवालय से राहत नहीं मिलती है तो वह अदालत का दरवाजा भी खटखटाएगी.

उधर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवान मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है. वह पंजाब के विधायकों के साथ राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे, जिसमें वह बीजेपी में शामिल हुए पंजाब के राज्यसभा सदस्यों को रिकॉल करने को लेकर अपना पक्ष रखेंगे.

इससे पहले शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने बगावत करते हुए खुद को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में विलय करने का ऐलान कर दिया था. इस बगावत की अगुवाई राघव चड्ढा ने की. इस घटनाक्रम ने न सिर्फ आप की संसदीय ताकत को कमजोर किया है, बल्कि पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को भी उजागर कर दिया है.

राघव चड्ढा सहित 7 राज्यसभा सांसदों की बगावत के बाद आम आदमी पार्टी में हलचल बढ़ती दिख रही है. पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह शनिवार सुबह पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया से मुलाकात उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचे है. उधर पार्टी सांसदों की इस बगावत पर आप की पंजाब इकाई ने प्रहार किया है. पार्टी के फेसबुक पेज पर लिखा, ‘पंजाब के गद्दार कड़ी सज़ा के हकदार हैं… पंजाब उन्हें करारा जवाब देगा.’

‘AAP सही तरीके से काम कर रही होती तो शायद नेता साथ न छोड़ते’

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा समेत अन्य सांसदों द्वारा पार्टी से इस्तीफा देने पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी नेता को यह अधिकार है कि वह अपनी पसंद के अनुसार किसी भी राजनीतिक दल में जाए या वहां से अलग हो जाए. हालांकि, हजारे ने साथ ही इस तरह के फैसलों के पीछे के कारणों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने संकेत दिया कि यदि कोई नेता अपनी पार्टी छोड़ता है, तो इसके पीछे जरूर कुछ आंतरिक समस्याएं या असंतोष हो सकता है. उनके अनुसार, “अगर पार्टी सही तरीके से काम कर रही होती तो शायद नेता उसे छोड़ने का फैसला नहीं करते.”

‘कोई भूचाल, कोई बगावत नहीं…’

मनीष सिसोदिया से मुलाकात के बाद बलवीर सिंह ने कहा, ‘कोई भूचाल कोई बगावत नहीं है. इन लोगों ने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है. पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व में अच्छा काम हो रहा है और मेहनत से काम करेंगे. मर्जर कैसे होगा पार्टी के नेता नहीं गए, विधायक यहीं हैं.’ वहीं अपनी मुलाकात पर उन्होंने कहा, ‘मनीष सिसोदिया से मिलता रहता हूं. वे अनुभवी मेंटर हैं.’

गुजरात निकाय चुनाव से ठीक पहले आप को फेसबुक-इंस्टा पेज सस्पेंड

गुजरात में कल 26 अप्रैल को स्थानीय निकाय चुनाव के मतदान से महज एक दिन पहले आम आदमी पार्टी (AAP) गुजरात इकाई के फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज अचानक सस्पेंड कर दिए गए. पार्टी ने इसे भाजपा सरकार की साजिश बताते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा AAP के बढ़ते जनसमर्थन से बुरी तरह घबरा गई है. AAP नेताओं का कहना है कि पिछले 28 दिनों में इन पेजों पर 8 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले थे, जो गुजरात की जनता की आवाज बन चुके थे.

AAP गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष ईसुदान गढ़वी ने भी इसी मुद्दे पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लिखा, ‘गुजरात में भाजपा को आम आदमी पार्टी का इतना खौफ है कि अब आम आदमी पार्टी गुजरात के फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज को भी बंद करवा दिया गया है.’

अरविंद केजरीवाल ने भी इस पोस्ट को शेयर करते हुए सवाल उठाया, ‘जरात में आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया FB और इंस्टा पेज ब्लॉक किए गए. आख़िर क्यों? बीजेपी इतना क्यों डरी हुई है?’

संजय राउत ने बीजेपी को बताया बकासुर

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है. राउत ने बीजेपी को ‘बकासुर की पार्टी’ करार देते हुए देश की मौजूदा स्थिति पर भी कड़ी टिप्पणी की. उन्होंने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को लेकर दिया गया ‘नरक’ वाला बयान गलत नहीं है.

राउत ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की नीतियों ने देश की स्थिति को खराब कर दिया है और आम जनता कई समस्याओं से जूझ रही है. उनके मुताबिक, महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक तनाव जैसे मुद्दों ने लोगों का जीवन कठिन बना दिया है, जिससे देश ‘नरक जैसी स्थिति’ की ओर बढ़ रहा है.

राज्यसभा में आप के कुल 10 सांसद थे. इनमें से 7 सांसदों के एक साथ अलग होने से यह संख्या दो-तिहाई से अधिक हो गई, जिससे इन सांसदों को दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता से राहत मिल गई. चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सभी जरूरी दस्तावेज राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन को सौंप दिए गए हैं और औपचारिक मंजूरी के बाद वे बीजेपी में शामिल हो जाएंगे.

कौन-कौन सांसद हुए शामिल?

राघव चड्ढा के साथ जिन सांसदों ने आप छोड़ी, उनमें संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह शामिल हैं. इनमें से 6 सांसद पंजाब से और एक दिल्ली से है, जिससे पंजाब की राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है.

क्या है बगावत का कारण?

सूत्रों के मुताबिक इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत 5 अप्रैल से हुई, जब आप नेतृत्व ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटा दिया. इसके बाद पार्टी और चड्ढा के बीच दूरी तेजी से बढ़ी. बताया जा रहा है कि चड्ढा ने धीरे-धीरे अन्य सांसदों से संपर्क कर उनकी नाराजगी को समझा और सामूहिक कदम उठाने की रणनीति बनाई.

बताया जाता है कि कई नेताओं में लंबे समय से असंतोष पनप रहा था. संदीप पाठक को दिल्ली चुनाव हार के बाद साइडलाइन किए जाने की बात सामने आई, जबकि स्वाति मालीवाल पहले ही पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर बोल चुकी थीं.

केजरीवाल की आखिरी कोशिश नाकाम

सूत्रों के मुताबिक आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बागी सांसदों को मनाने की कोशिश की थी. उन्होंने उन्हें अगली बार टिकट देने का भी प्रस्ताव दिया था, लेकिन तब तक सांसद पार्टी छोड़ने का मन बना चुके थे. बताया जा रहा है कि केजरीवाल ने उन्हें बैठक के लिए बुलाया, लेकिन उससे पहले ही सांसदों ने अपने फैसले का ऐलान कर दिया.

राघव चड्ढा और आप में जुबानी जंग

राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि आप अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है. उन्होंने कहा, ‘जिस पार्टी को मैंने 15 साल दिए, वह अब अपने मूल्यों और आदर्शों से दूर हो चुकी है. मुझे लगने लगा था कि मैं गलत पार्टी में हूं.’

वहीं आप नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘ऑपरेशन लोटस’ करार दिया और आरोप लगाया कि बीजेपी उनके सांसदों को तोड़ने की साजिश कर रही है, ताकि पंजाब में पार्टी सरकार को कमजोर किया जा सके.

आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा, ‘हमारे सांसदों को तोड़ा जा रहा है. ईडी-सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है. ईडी का छापा पड़ा और तोड़ लिया है. भय दिखाकर ये ऑपरेशन लोटस चलाया जा रहा है.’

बीजेपी ने किया स्वागत

बीजेपी ने इन सांसदों का खुलकर स्वागत किया. पार्टी नेता नितिन नवीन ने कहा कि सभी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाएंगे.

वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘इंकलाब के नारे से शुरु हुई AAP का अंत अविश्वास और अलगाव से हो रहा है.’ इसके साथ ही उन्होंने लिखा, ‘आपकी पार्टी में अब आम आदमी नहीं, सिर्फ भ्रष्ट आदमी बचा है. केजरीवाल जी, दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों का जाना आपकी तानाशाही पर सीधी चोट है. अब दिल्ली के बाद पंजाब की बारी है.

‘AAP के 50 विधायक भी बीजेपी में होंगे शामिल’

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, ‘आप को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि उनके 50 विधायक भाजपा में शामिल हो सकते हैं, अभी केवल सांसदों ने ही पार्टी छोड़ी है.’ उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास कोई विचारधारा नहीं है. यह स्वाभाविक था. इन सांसदों का पंजाब में कोई महत्व नहीं है.’

इस घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है. आप की राज्यसभा में ताकत घटने के साथ-साथ राज्य में पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. करीब 14 साल पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से निकली आप के लिए यह सबसे बड़ा राजनीतिक संकट माना जा रहा है. संसद में संख्या बल घटने के साथ-साथ पार्टी की एकजुटता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि आप इस संकट से कैसे उबरती है और पंजाब समेत अन्य राज्यों में अपनी राजनीतिक जमीन को कैसे बचाती है.



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article