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why Nitish Rana given not out: दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ के बीच मुकाबले में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब 74 रन पर खेल रहे नीतिश राणा को आउट होने के बाद वापस बल्लेबाजी के लिए बुलाया गया. मार्कस स्टोइनिस ने शानदार कैच लपका था, लेकिन रीप्ले में उनका पैर बाउंड्री रोप से टच करता पाया गया. इस जीवनदान का फायदा उठाकर राणा ने 44 गेंदों में 91 रनों की तूफानी पारी खेली. अंपायर के इस फैसले और स्टोइनिस की छोटी सी चूक ने पूरे मैच का रुख पलट दिया.
नितीश राणा को दोबारा बैटिंग के लिए बुलाया गया.
नई दिल्ली. दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में एक ऐसा ड्रामा देखने को मिला. जिसने क्रिकेट प्रेमियों की धड़कनें तेज कर दीं. मैदान पर मौजूद दर्शकों से लेकर टीवी स्क्रीन के सामने बैठे फैंस तक, हर कोई उस वक्त हैरान रह गया जब आउट होकर पवेलियन की ओर जा रहे नीतिश राणा को वापस बल्लेबाजी के लिए बुलाया गया. यह मैच का सबसे बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हुआ.
दिल्ली कैपिटल्स की पारी के दौरान नीतीश राणा (Nitish Rana) आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे थे. वह 38 गेंदों पर 74 रन बनाकर खेल रहे थे और दिल्ली एक बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी. तभी एक शॉर्ट गेंद पर राणा ने डीप स्क्वायर लेग की दिशा में बड़ा शॉट खेला. वहां मौजूद ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मार्कस स्टोइनिस ने एक शानदार डाइव लगाकर कैच लपक लिया. स्टोइनिस के आत्मविश्वास और उनके बॉडी लैंग्वेज को देखकर ऐसा लगा कि यह एक बिल्कुल साफ कैच है. अंपायर ने भी उंगली खड़ी कर दी और राणा निराश होकर डगआउट की ओर चल दिए. यहां तक कि अगले बल्लेबाज डेविड मिलर भी अपनी बारी के लिए मैदान में कदम रख चुके थे.
नितीश राणा को दोबारा बैटिंग के लिए बुलाया गया.
अंपायर का इशारा और थर्ड अंपायर का फैसला
जब राणा बाउंड्री लाइन के पास पहुंचे, तभी मैदानी अंपायरों ने उन्हें रुकने का इशारा किया. अंपायर यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि क्या स्टोइनिस का पैर बाउंड्री रोप से टकराया था या नहीं. मामला थर्ड अंपायर के पास गया और टीवी रीप्ले ने पूरी कहानी बदल दी. रीप्ले में स्पष्ट रूप से देखा गया कि जब स्टोइनिस ने कैच पूरा किया और जमीन पर गिरे, तो उनका दाहिना पैर बाउंड्री रोप (सीमा रेखा) को छू गया था. नियम के अनुसार, यदि गेंद को पकड़ते समय फील्डर का शरीर बाउंड्री लाइन से संपर्क करता है, तो उसे छक्का माना जाता है. थर्ड अंपायर ने तुरंत अपना फैसला सुनाया नॉट आउट.
जीवनदान का नीतीश राणा ने भरपूर फायदा उठाया
राणा को वापस क्रीज पर देख फैंस के शोर से पूरा स्टेडियम गूंज उठा. स्टोइनिस और लखनऊ की टीम इस फैसले से थोड़े निराश जरूर दिखे, लेकिन तकनीक ने राणा को एक नया जीवनदान दे दिया था. इस घटना ने मैच का मोमेंटम पूरी तरह से दिल्ली की ओर मोड़ दिया. मिले हुए जीवनदान का नीतीश राणा ने भरपूर फायदा उठाया. 32 वर्षीय इस बल्लेबाज ने लखनऊ के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ना जारी रखा. राणा ने मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाए और अपनी पारी को 91 रनों तक पहुंचाया. आखिरकार, 19वें ओवर में जेवियर बार्टलेट की एक गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में राणा आउट हुए. उन्होंने 44 गेंदों में धुआंधार 91 रनों की पारी खेली, जिसने दिल्ली को एक बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.
दिल्ली कैपिटल्स ने 264 रन बनाए
केएल राहुल की आक्रामक नाबाद शतकीय पारी और नीतीश राणा के साथ दूसरे विकेट के लिए 96 गेंदों में 220 रन की साझेदारी के दम पर दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब किंग्स के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए दो विकेट पर 264 रन बनाए. यह मौजूदा सत्र का सर्वोच्च स्कोर होने के साथ आईपीएल इतिहास में कैपिटल्स का सबसे बड़ा स्कोर है. आईपीएल में अपने छठे शतक के दौरान राहुल ने 67 गेंदों की पारी में 16 चौके और नौ छक्के लगाए, जबकि राणा ने 44 गेंदों की पारी में 11 चौके और चार छक्कों की मदद से 91 रन बनाए. दोनों की 220 रन की साझेदारी आईपीएल की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है. सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड विराट कोहली और एबी डिविलियर्स के नाम है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की इस जोड़ी ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 2016 में दूसरे विकेट के लिए 229 रन की साझेदारी की थी.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें


