Aaj Ka Mausam Live: देश का मौसम इन दिनों किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं लग रहा. एक तरफ मई की तपती गर्मी की उम्मीद थी, तो दूसरी तरफ आसमान से गिरती बूंदों और तेज हवाओं ने तस्वीर ही बदल दी है. मौसम विभाग (IMD) का ताजा अलर्ट के अनुसार हालात अभी थमने वाले नहीं हैं. 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी, कई राज्यों में ओलावृष्टि और गरज-चमक के साथ बारि ये सब मिलकर एक ऐसे मौसमीय दौर की ओर इशारा कर रहे हैं, जो आम लोगों के लिए राहत भी है और चुनौती भी. खासकर किसान, यात्री और खुले में काम करने वाले लोग इस बदलते मौसम के सबसे ज्यादा प्रभावित वर्ग बन सकते हैं. मई के पहले हफ्ते में ही देश के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह का मौसम असामान्य माना जा रहा है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक, हर क्षेत्र में अलग-अलग सिस्टम सक्रिय हैं. पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी इन सबका मिलाजुला असर मौसम को अस्थिर बना रहा है.
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है. (AI)
- देश में बारिश और आंधी का यह दौर कई मौसमीय सिस्टम के एक साथ सक्रिय होने का नतीजा है. पश्चिमी राजस्थान और हरियाणा के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है. इसके अलावा, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं पूर्वी और मध्य भारत में बारिश को बढ़ावा दे रही हैं. यही वजह है कि एक साथ 17 राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है.
- IMD के मुताबिक इस दौरान तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है. कई इलाकों में बिजली गिरने और ओले पड़ने की आशंका है. इसका सीधा असर फसलों, ट्रैफिक और सामान्य जनजीवन पर पड़ेगा. हालांकि, तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी और लू से राहत जरूर मिलेगी.
दिल्ली-NCR में करवट लेगा मौसम
दिल्ली-एनसीआर में 4 और 5 मई को मौसम पूरी तरह करवट लेने वाला है. मौसम विभाग ने साफ तौर पर तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है, इससे दो दिन तक मौसम अस्थिर बना रह सकता है. इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है, जो कई जगहों पर धूल भरी आंधी का रूप भी ले सकती है. आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है. इससे जहां एक ओर लोगों को तेज गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, वहीं अचानक मौसम बदलने से ट्रैफिक और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है. तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज होगी, इससे मौसम कुछ हद तक सुहावना हो जाएगा. बारिश के चलते वायु गुणवत्ता में भी सुधार होने की उम्मीद है और AQI मध्यम श्रेणी में बना रह सकता है, जो पिछले दिनों की तुलना में बेहतर स्थिति मानी जाएगी.
उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज अगले 48 घंटों में काफी बदला हुआ नजर आएगा. 3 और 4 मई को राज्य के कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मेरठ, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, इससे पेड़ गिरने या बिजली बाधित होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं. कई जगहों पर ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है, जो खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चिंता का विषय है. हालांकि इस बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी. दिन और रात के तापमान में संतुलन बनेगा, जिससे लोगों को कुछ दिन आरामदायक मौसम मिल सकता है.
बिहार में तूफान बारिश की चेतावनी
बिहार में भी मौसम का रुख तेज बदलाव की ओर है. गया, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और आसपास के जिलों में तेज बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की गई है. यहां हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है. मौसम विभाग ने खास तौर पर बिजली गिरने को लेकर अलर्ट जारी किया है, क्योंकि इस दौरान वज्रपात की घटनाएं बढ़ सकती हैं. किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन अचानक मौसम बदलने के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं. इसलिए लोगों को सतर्क रहना जरूरी है.
राजस्थान में आंधी और बरिश से मिलेगी राहत
राजस्थान में भी मौसम इन दिनों पूरी तरह बदलता हुआ दिखाई दे रहा है. सीकर, जयपुर, जोधपुर, बाड़मेर और आसपास के इलाकों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है. यहां हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, लेकिन कुछ स्थानों पर इससे अधिक तेज झोंके भी चल सकते हैं. पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा. कई इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे विजिबिलिटी भी प्रभावित हो सकती है. तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी. हालांकि, यह राहत अस्थायी होगी और मौसम साफ होते ही तापमान फिर से बढ़ सकता है.
पंजाब में बारिश का अलर्ट
पंजाब के कई जिलों में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है. अमृतसर, लुधियाना, मोहाली, बठिंडा और पटियाला जैसे इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है, जो फसलों और पेड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है. खासकर गेहूं की कटाई के बाद खेतों में रखी फसल के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. इसके अलावा, बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है. हालांकि, तापमान में गिरावट के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और मौसम कुछ दिनों के लिए सुहावना बना रहेगा.
दिल्ली-एनसीआर में 4 और 5 मई को मौसम पूरी तरह करवट लेने वाला है. (AI)
मध्य प्रदेश में भी तेज आंधी और बारिश
मध्य प्रदेश में 3 से 5 मई के बीच मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर और आसपास के कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है, जिससे कई जगहों पर नुकसान की आशंका है. कुछ इलाकों में ओले गिरने और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है. मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर खुले में काम करने वालों को. हालांकि, बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस होगा.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम
- उत्तराखंड में मौसम लगातार बदलता हुआ नजर आ रहा है. देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है. वहीं, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है. मौसम विभाग ने 5 मई तक अलर्ट जारी किया है और लोगों को पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है. लगातार बदलते मौसम के कारण भूस्खलन और रास्ते बंद होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं.
- हिमाचल प्रदेश में भी मौसम पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है. शिमला, मंडी, सोलन और कांगड़ा जैसे इलाकों में 3 से 7 मई के बीच लगातार बारिश और आंधी की संभावना है. ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का एहसास बढ़ जाएगा. इस दौरान तेज हवाएं और ओलावृष्टि भी हो सकती है, जो सेब और अन्य फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है.
पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश जारी
पूर्वोत्तर भारत में मौसम की स्थिति पहले से ही गंभीर बनी हुई है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आ सकती है. असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड और मेघालय में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कई जगहों पर नुकसान का कारण बन सकती हैं. लगातार बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जिससे कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.
दक्षिण भारत में आंधी-तूफान
दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान के साथ मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है. हालांकि कुछ इलाकों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है, लेकिन बारिश के कारण तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है. तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश के कारण समुद्र में हलचल बढ़ सकती है, जिससे मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. कुल मिलाकर, यह मौसम दक्षिण भारत में भी राहत और जोखिम दोनों लेकर आ रहा है.
क्या यह मौसम सामान्य है या असामान्य?
यह मौसम प्री-मानसून सीजन का हिस्सा जरूर है, लेकिन जिस तरह एक साथ कई मौसमीय सिस्टम सक्रिय हो गए हैं, वह इसे थोड़ा असामान्य बनाता है. आमतौर पर इस समय हल्की-फुल्की आंधी और बारिश होती है, लेकिन 60-70 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं, ओलावृष्टि और लगातार कई दिनों तक बारिश होना एक व्यापक बदलाव का संकेत हो सकता है. इसमें जलवायु परिवर्तन की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में ऐसे पैटर्न ज्यादा देखने को मिले हैं.
किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
इस तरह के मौसम में सबसे ज्यादा खतरा किसानों, निर्माण कार्य में लगे मजदूरों, सड़क पर यात्रा करने वाले लोगों और खुले में काम करने वालों को होता है. तेज हवाएं पेड़ गिरा सकती हैं, बिजली के खंभे प्रभावित हो सकते हैं और वज्रपात जानलेवा साबित हो सकता है. इसके अलावा, बच्चों और बुजुर्गों को भी अचानक मौसम बदलने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए उन्हें घर के अंदर सुरक्षित रहने की सलाह दी जाती है.
क्या तापमान में गिरावट लंबे समय तक रहेगी?
तापमान में जो गिरावट अभी देखने को मिल रही है, वह पूरी तरह अस्थायी है और मौसमीय सिस्टम के सक्रिय रहने तक ही बनी रहेगी. जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ और अन्य सिस्टम कमजोर होंगे, तापमान फिर से तेजी से बढ़ सकता है. इसलिए इसे स्थायी राहत नहीं माना जा सकता, बल्कि कुछ दिनों की राहत के रूप में देखा जाना चाहिए.
क्या फसलों को नुकसान हो सकता है?
हां, इस मौसम का सबसे बड़ा असर फसलों पर पड़ सकता है. तेज हवाएं खड़ी फसल को गिरा सकती हैं और ओलावृष्टि से फलों और सब्जियों को भारी नुकसान हो सकता है. खासकर गेहूं, आम, लीची और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए यह मौसम जोखिम भरा है. इसके अलावा, लगातार बारिश से कटाई और भंडारण कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं.
इस मौसम में क्या सावधानियां जरूरी हैं?
लोगों को सलाह दी जाती है कि खराब मौसम के दौरान घर के अंदर ही रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें. तेज आंधी के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहें. मोबाइल पर मौसम अपडेट देखते रहें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें. बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान में खड़े न हों और तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं. इसके अलावा, किसानों को अपनी फसल को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए, जैसे कि कटाई को टालना या फसल को ढक कर रखना.


