नई दिल्ली: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग रविवार को अपनी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे. आठ साल बाद किसी दक्षिण कोरियाई नेता की यह पहली भारत यात्रा है जिसे दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है. दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति ली का भव्य स्वागत हुआ लेकिन इस कूटनीतिक हलचल के बीच उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक बार फिर अपनी फितरत दिखाई. जैसे ही राष्ट्रपति ली अपनी पत्नी के साथ दिल्ली की सरजमीं पर कदम रख रहे थे, लगभग उसी समय उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट (सिनपो क्षेत्र) से कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं.
दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक ये मिसाइलें करीब 140 किलोमीटर तक उड़ीं. इस उकसावे वाली कार्रवाई ने दक्षिण कोरिया की सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बलाने पर मजबूर कर दिया जबकि राष्ट्रपति ली भारत और वियतनाम के दौरे पर निकल चुके थे.
राष्ट्रपति ली की भारत यात्रा के मुख्य प्वाइंट्स
· ऐतिहासिक दौरा: जून 2025 में कार्यभार संभालने के बाद राष्ट्रपति ली की यह पहली भारत यात्रा है.
· द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन: सोमवार को हैदराबाद हाउस में पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ली के बीच मुख्य द्विपक्षीय वार्ता होगी.
· रक्षा और तकनीक: बातचीत का मुख्य फोकस सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन, ग्रीन एनर्जी और व्यापार (CEPA) पर रहेगा.
· गांधी को नमन: राष्ट्रपति ली राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे.
· व्यापारिक मोर्चा: भारत मंडपम में एक बिजनेस फोरम का आयोजन होगा, जहाँ दोनों देशों के उद्योग जगत के दिग्गज शामिल होंगे.
किम जोंग उन की मिसाइल टाइमिंग के मायने
उत्तर कोरिया की इस कार्रवाई को महज एक परीक्षण कहना गलत होगा; इसके पीछे गहरे कूटनीतिक संकेत छिपे हो सकते हैं:
1. दबाव की राजनीति: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति जब वैश्विक मंच पर भारत जैसे बड़े साझेदार के साथ रिश्ते मजबूत कर रहे हैं, तब किम जोंग उन यह जताना चाहते हैं कि वे क्षेत्र की सुरक्षा को कभी भी अस्थिर कर सकते हैं.
2. पनडुब्बी की ताकत का प्रदर्शन: मिसाइलें सिनपो क्षेत्र से दागी गईं, जो उत्तर कोरिया का मुख्य शिपयार्ड है. यदि ये मिसाइलें पनडुब्बी से दागी गई हैं, तो यह 4 साल बाद पहला ऐसा परीक्षण होगा, जिसे ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है.
3. अमेरिका को संदेश: ट्रंप और शी जिनपिंग की मई में होने वाली बीजिंग समिट से पहले किम अपनी ‘बार्गेनिंग पावर’ (मोलभाव की शक्ति) बढ़ा रहे हैं. वे चाहते हैं कि परमाणु निशस्त्रीकरण की शर्त के बिना बातचीत हो.
4. परमाणु चेतावनी: IAEA ने पहले ही चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया के परमाणु केंद्रों में गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं. रविवार का परीक्षण इसी आक्रामक रणनीति का हिस्सा है.
सवाल-जवाब
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा क्यों खास है? यह आठ साल बाद किसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति का पहला भारत दौरा है. इसका उद्देश्य रक्षा, सेमीकंडक्टर और तकनीक के क्षेत्र में ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ को नई ऊंचाई देना है.
उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण कहाँ और कब किया? उत्तर कोरिया ने रविवार को सिनपो क्षेत्र से कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, ठीक उसी दिन जब राष्ट्रपति ली अपनी विदेश यात्रा पर रवाना हुए.
सिनपो क्षेत्र का महत्व क्या है? सिनपो उत्तर कोरिया का एक प्रमुख तटीय शहर है जहाँ पनडुब्बियां बनाने का बड़ा शिपयार्ड है. यहाँ से लॉन्चिंग का मतलब यह हो सकता है कि उत्तर कोरिया पानी के अंदर से हमला करने की क्षमता का परीक्षण कर रहा है.
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच किन समझौतों पर नजर रहेगी? मुख्य फोकस CEPA (व्यापार समझौता) के उन्नयन, सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर रहेगा.
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने क्या चिंता जताई है? महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि उत्तर कोरिया में परमाणु हथियार उत्पादन की क्षमताओं में “बेहद गंभीर वृद्धि” देखी गई है.


