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लाखों की नौकरी छोड़ खेती में उतरा ये शख्स, आज इस अनोखी खेती से बदल रहा अपनी किस्मत, खुद बताई सफलता की कहानी

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Maharajganj News: महराजगंज के कसमरिहा के युवा ज्ञानेश्वर पटेल ने नौकरी छोड़कर आधुनिक खेती को अपनाया. उन्होंने पॉलीहाउस फार्मिंग के जरिए नियंत्रित वातावरण में फसल उगाना शुरू किया, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बढ़े हैं. उनकी इस पहल से उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है और आसपास के किसान भी आधुनिक खेती की ओर प्रेरित हो रहे हैं.

महराजगंज: ये जिला एक ग्रामीण प्रवेश वाला जिला है, यहां के ज्यादातर लोग खेती या फिर खेती से जुड़े व्यवसाय करते हैं. तराई क्षेत्र में आने वाला यह जिला किसी भी प्रकार की खेती के लिए बहुत ही उर्वर माना जाता है. इस क्षेत्र में लगभग सभी प्रकार की फसलों के लिए बेहतर उर्वर भूमि है, जो किसानों के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होती है. महराजगंज जिले के किसानों की बात करें तो यहां के ज्यादातर किसान पारंपरिक खेती जैसे धान, गेहूं और गन्ने की खेती करते हैं. हालांकि, समय के साथ-साथ कुछ किसान ऐसे हैं, जो पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर प्रगतिशील खेती की तरह अपना रुझान कर रहे हैं.

पारंपरिक खेती की तुलना में प्रगतिशील खेती में उन्हें फायदा भी मिल रहा है, जिसका असर भी देखने को मिलता है. ऐसे ही हैं महराजगंज जिले के कसमरिहा के रहने वाले ज्ञानेश्वर पटेल, जो एक प्रगतिशील किसान हैं. वह पारंपरिक खेती को पीछे छोड़ पॉली हाउस के माध्यम से प्रगतिशील खेती कर रहे हैं. ज्ञानेश्वर पटेल की बात करें तो उनका नाम जिले के शिक्षित किसानों में गिना जाता है, जिसका असर फार्मिंग में भी देखने को मिलता है.

लखनऊ विश्वविद्यालय से की सोशल वर्क में पढ़ाई
ज्ञानेश्वर पटेल ने अपने पिता की तबीयत सही न रहने की वजह से शहर छोड़ गांव की तरफ अपना रुख किया. उन्होंने पारंपरिक खेती न कर पॉलीहाउस के माध्यम से खेती करना शुरू किया. शुरुआती समय में उन्होंने जरबेरा और शिमला मिर्च की खेती के प्रति अपना ध्यान दिया. पॉलीहाउस फार्मिंग की मदद से उन्होंने जरबेरा और शिमला की खेती में अच्छा काम किया और उसके बाद उन्होंने फूलों के उत्पादन करने का सोचा और आज के समय में वह गुलाब की खेती भी कर रहे हैं और आने वाले समय में गेंद के फूल भी उगाने वाले हैं.

ज्ञानेश्वर पटेल की बात करें तो वह जिले के शिक्षित किसानों में से एक हैं, जिन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से सोशल वर्क में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. इसके साथ ही उन्होंने साल 2008 में नेट भी क्वालीफाई किया. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हमारा जिला एक कृषि प्रधान जिला और कृषि से उनका एक हमेशा सही लग जुड़ा रहा है. कृषि उनके लिए कुछ नया नहीं है, बल्कि बचपन से ही उनके जीवन का एक हिस्सा रहा है.

युवा किसानों के लिए प्रेरणा हैं ज्ञानेश्वर पटेल
महराजगंज जिले के प्रगतिशील किसान के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले ज्ञानेश्वर पटेल बताते हैं कि जब किसान के सामने उसके लगाए पौधे अच्छा उपज करते हैं, तो किसान के मन में एक अलग तरह की खुशी होती है. शुरुआती समय से ही खेती की तरफ आकर्षण की वजह ही रहा कि उन्होंने जुनून के साथ प्रगतिशील खेती जरबेरा, शिमला मिर्च और अब फूलों की खेती से लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बना रहे हैं.

अपने पिता के स्वास्थ्य स्थिति अच्छी न होने की वजह से अपने गृह जनपद लौटे ज्ञानेश्वर पटेल बताते हैं कि कोरोना काल के दौरान उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन उसके बाद उनके लिए कृषि बहुत ही सामान्य हो गया और एक मुनाफे का सौदा भी हुआ. आज के समय में ज्ञानेश्वर पटेल किसानों के लिए एक प्रेरणा हैं.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



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