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Meerut Top School: मेरठ में सरकारी प्राथमिक विद्यालय में भी युवाओं को बेहतर तरीके से अध्ययन कराया जा रहा है, जहां स्मार्ट क्लास में युवा खेल-खेल के माध्यम से पढ़ते हैं. वहीं उन्हें फर्राटेदार इंग्लिश के साथ-साथ विशेष तौर पर सुरक्षा के गुण भी सिखाए जा रहे हैं. आइए इन प्राइमरी सरकारी स्कूलों की खासियत के बारे में जानते हैं.
भले ही लोगों में प्राइवेट स्कूल के प्रति आकर्षण बढ़ रहा हो, लेकिन मेरठ जनपद की अगर बात की जाए तो यहां सरकारी स्कूल भी प्राइवेट स्कूलों को टक्कर देते हुए नजर आते हैं. यहां आधुनिक सुविधाओं के बीच छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा अध्ययन कराई जाती है. दरअसल आप जब मेरठ के प्राइमरी स्कूलों को देखेंगे, तो आपको काफी अच्छा लगेगा.

मेरठ के किला परीक्षितगढ़ स्थित जटौला गांव के प्राथमिक विद्यालय में जाएंगे, तो वहां का नजारा अपने आप में काफी बेहतर है. यहां बच्चों को जहां बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, वहीं दूसरी ओर बेटियों को विशेष तौर पर संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे बेटियां शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षा में भी आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ सकें.

इससे बेटियों में भी काफी बेहतर जिज्ञासा देखने को मिल रही है. उनका कहना है कि शिक्षा के साथ-साथ जिस तरह से उन्हें ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया जाता है. ऐसे में अगर कोई भी गलत निगाह से उन्हें देखेगा, तो वह उन्हें मुंह तोड़ जवाब दे सकती हैं. उन्होंने बताया कि यहां पर शिक्षा भी उन्हें काफी बेहतर मिलती है.
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इसी तरह का नजारा आपको मेरठ के खटकी गांव में भी देखने को मिलेगा, क्योंकि मेरठ को स्पोर्ट्स क्षेत्र के तौर पर भी जाना जाता है. इसलिए स्कूल में छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ स्पोर्ट्स से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में भी प्रतिभाग कराया जा रहा है, जिससे वह सभी शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकें.

मेरठ के खरखोदा ब्लॉक की अगर बात करें, तो यहां पर आदर्श विद्यालय काफी चर्चाओं में रहता है, क्योंकि यहां पर नौनिहाल को आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है. यहां बच्चे आपको स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से स्मार्ट क्लास में अध्ययन करते हुए दिखाए देंगे. साथ ही उन्हें कम्प्यूटर आधारित शिक्षण भी प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रदान की जा रही है, जिससे वह सभी आधुनिक टेक्नोलॉजी से शुरुआती तौर पर ही रूबरू हो सकें. ऐसे में यहां स्टूडेंट में पढ़ने के प्रति काफी रुचि दिखाई देती है.

प्राइवेट स्कूलों में माता-पिता का इसलिए आकर्षण रहता है कि बच्चे फर्राटेदार इंग्लिश भी सीख सकें, जिससे भविष्य में उन्हें दिक्कत ना हो. ऐसे में मेरठ के स्कूलों की अगर बात की जाए, तो यहां स्कूलों में इंग्लिश पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है. मेरठ के खिलाफ परीक्षितगढ़ स्थित खजूरी गांव के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को स्मार्ट क्लास के साथ-साथ अंग्रेजी बोलने का भी विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है.

मेरठ के माछरा स्थित बहलोलपुर स्थित विद्यालय की अगर बात की जाए तो यह काफी चर्चाओं में रहता है, क्योंकि शिक्षकों की ओर से स्कूल की दिशा और दशा बदलने के लिए जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं का साथ दिया, वहीं खुद की सैलरी से भी स्कूल में पैसा खर्च किया है. यहां के गार्डन से लेकर कक्षाओं के साथ-साथ बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने पर खासतौर पर फोकस रहता है.
स्कूल के शिक्षक अजय कुमार के अनुसार, यहां पर बच्चों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है.

बताते चलें कि इस तरह का नजारा मेरठ के अधिकांश स्कूलों में देखने को मिल रहा है, क्योंकि इन सभी स्कूलों में छोटे बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने पर फोकस किया जा रहा है. इसी के साथ-साथ अब अनोखे मॉडल बनाकर भी बच्चों को समझाया जाता है. ऐसे में अगर आप सभी भी अपने बच्चों का एडमिशन कराना चाहते हैं, तब इस इन सभी स्कूलों में संपर्क कर सकते हैं. यहां पर सरकार की ओर से किताब से लेकर ड्रेस और अन्य सभी सुविधाएं भी निशुल्क माध्यम से उपलब्ध कराई जाती हैं.


